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फैक्टरी की भूमि को बांट करा दी आवासीय रेट पर रजिस्ट्री

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 28 Jul 2021 02:21 AM IST
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Registry to get the factory land distributed at residential rate
निगम व तहसील के फर्जीवाड़े की डीसी को शिकायत देने जाते हुए पूर्व जिला पार्षद जोगिंद्र स्वामी व अन - फोटो : Panipat
पानीपत। नगर निगम और तहसील के कर्मियों पर मिलीभगत कर जीटी रोड पर स्थित फैक्टरी की भूमि को टुकड़ों में बांटकर आवासीय कलेक्टर रेट पर रजिस्ट्री करने का मामला सामने आया है। इतना ही नहीं टुकड़ों में बांटी गई भूमि की अवैध रूप से अलग-अलग प्रापर्टी आईडी बनाई गई और व्यावसायिक श्रेेेणी में नक्शा तक पास करा लिया गया। अब इस मामले में इसकी शिकायत उपायुक्त से की गई है।
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यह मामला है जीटी रोड स्थित स्टील क्रॉफ्ट फैक्टरी का। इसे तोड़कर अवैध रूप से प्लांटिंग की गई। तहसील कर्मियों पर आरोप है कि इस जमीन को आवासीय दिखाकर कम कलेक्टर रेट पर रजिस्ट्री की। नगर निगम पर आरोप है कि फैक्टरी की जिस जमीन की एक प्रापर्टी आईडी मौजूद थी, उसे कई भागो में बांटकर अवैध रूप से अलग-अलग प्रापर्टी आईडी बनाई और व्यावसायिक निर्माण के लिए नक्शे पास कर दिए।
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जीटी रोड के कलेक्टर रेट 64 हजार रुपये प्रति गज है, इस भूमि पर दूसरी कॉलोनियों की जमीन का खसरा दिखाया गया। इसके बाद कहीं 24 हजार, 10 हजार तो कहीं महज सात हजार रुपये प्रति गत के हिसाब से रजिस्ट्री के दौरान कलेक्टर रेट वसूला गया। महज 20 दिन में एक ही जमीन की अलग-अलग कलेक्टर रेट और अलग-अलग आवासीस क्षेत्र दिखा इसकी रजिस्ट्री करा दी गई। फिर आवासीय जमीन पर व्यावसायिक में नक्शे पास करा दिए गए।
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नगर निगम के शिकायत की तो गुम हो गई फाइल
जन अवाज सोसायटी के प्रधान एवं पूर्व जिला पार्षद जोगिंद्र स्वामी ने जब इस मामले में नगर निगम से शिकायत की तो पता चला कि इसकी फाइल ही गुम हो गई है। जांच का आश्वासन दिया गया, लेकिन जांच नहीं हो पाई। जिस पर मंगलवार को जोगिंद्र स्वामी ने लघु सचिवालय में विरोध प्रदर्शन करते हुए मामले में जिला उपायुक्त को शिकायत दी।
कई साल तक चला फर्जीवाड़ा
जोगिंद्र स्वामी ने बताया कि 2014 से लेकर 2017 तक कई बार प्लाट के टुकड़ों की अवैध तौर पर रजिस्ट्रियां होती रहीं। जिस पर नगर निगम से 2021 में व्यावसायिक नक्शे तक पास करवा दिए गए। हैरानी की बात ये है कि फैक्टरी की भूमि पर व्यावसायिक प्लाटिंग बिना सरकार की मंजूरी के की गई और इसकी रजिस्ट्री आवासीय कॉलोनी के रेट पर करवा दी गई। उपायुक्त से इस जमीन की सभी रजिस्ट्रियों को रद्द करवाने और संबंधित तहसील और निगम कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। इसके साथ निगम आयुक्त को भी 10 दिन का अल्टीमेटम जारी किया है। अगर तब तक आयुक्त ने पूरे प्रकरण पर संज्ञान नहीं लिया तो आयुक्त का घेराव कर प्रदर्शन किया जाएगा।

ये मामला 2014 से लेकर 2017 तक का बताया जा रहा है, जोकि मेरे कार्यकाल का नहीं है। इसकी शिकायत उपायुक्त सुशील सारवान को ज्ञापन के माध्यम से दी गई है। उनके निर्देेेशानुसार इस पर जो भी नियमानुसार कार्रवाई होगी, उसे अमल में लाया जाएगा। - कुलदीप मलिक, तहसीलदार, पानीपत
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