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रेफर किया, नहीं ले गए, ई-रिक्शा में जन्म
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पानीपत। फोटो नंबर-3 सिविल अस्पताल के इमरजेंसी के अंदर गर्भवती महिला ने ई-रिक्शा में ही दिया बच्च?
- फोटो : Panipat
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पानीपत। सिविल अस्पताल में एक गर्भवती महिला ने ई-रिक्शा में बच्चे को जन्म दे दिया। महिला के परिजनों ने डॉक्टरों पर समय पर डिलीवरी न करने के आरोप लगाए और अस्पताल में जमकर हंगामा किया। दूसरी ओर डॉक्टरों का कहना था कि महिला को उच्च रक्तचाप की वजह से रेफर किया जा चुका था। आरोप लगाया कि परिजनों ने लापरवाही बरती और महिला को लेकर नहीं गए। महिला की हालत देखकर सर्जरी की सलाह दी गई थी। हंगामे की सूचना पर पुलिस पहुंची। बच्चे के जन्म के बाद परिजन डॉक्टरों के परामर्श को दरकिनार कर उन्हें घर ले गए। डॉक्टरों ने इसे जच्चा बच्चा के जीवन से खिलवाड़ करार दिया।
नूरवाला की रुखसाना को डिलीवरी के लिए बुधवार सुबह 11 बजे परिजन सिविल अस्पताल में लेकर आए थे। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे कल्पना चावला कॉलेज रेफर कर दिया था लेकिन परिजन यहीं पर डिलीवरी कराने पर अड़े थे। डॉक्टरों के मुताबिक, प्रसूता में खून की काफी कमी थी और सर्जरी से डिलीवरी होनी थी लेकिन परिजन यह मानने को तैयार नहीं थे। डॉक्टरों ने प्रसूता रुखसाना को रेफर करने के लिए एंबुलेंस भी तैयार कर ली लेकिन परिजनों ने सवा 11 बजे हंगामा शुरू कर दिया। फिर साढ़े 12 बजे वे प्रसूता को ई-रिक्शा में निजी अस्पताल में ले जाने पर अड़ गए। जैसे ही रुखसाना को ई-रिक्शा में बैठाया, उसे प्रसव पीड़ा शुरू हो गई।
गाड़ी में ही रुखसाना ने बच्चे को जन्म दे दिया। इसके बाद स्टाफ नर्सों ने प्रसूता की देखभाल की और प्राथमिक उपचार दिया। इस बीच परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। डॉक्टरों ने सिविल अस्पताल की पुलिस चौकी में इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें समझाया । डॉक्टर उन्हें जच्चा बच्चा की देखरेख के लिए स्वास्थ्य केंद्र में रखने की सलाह देते रहे लेकिन आक्रोशित परिजन उन्हें घर ले गए।
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हमने बहुत समझाया पर परिजन नहीं माने : डॉ. अमित
महिला रोग विशेषज्ञ ने परिजनों को समझा दिया था कि महिला उच्च रक्तचाप से ग्रस्त है। उसके पैरों में बहुत सूजन थी। डॉक्टर ने जांच के बाद महिला को कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया था। इसके बाद बावजूद वे नहीं माने और महिला को घर ले जाने के लिए अड़े रहे। उन्होंने महिला के लिए एंबुलेंस भी तैयार कर दी थी। डिलीवरी के लिए आईसीयू में भी व्यवस्था कर दी थी लेकिन वो नहीं माने और डॉक्टर के परामर्श के खिलाफ महिला को घर ले गए, ये लापरवाही है। -डॉ. अमित पोरिया, डिप्टी एमएस सिविल अस्पताल
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नूरवाला की रुखसाना को डिलीवरी के लिए बुधवार सुबह 11 बजे परिजन सिविल अस्पताल में लेकर आए थे। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे कल्पना चावला कॉलेज रेफर कर दिया था लेकिन परिजन यहीं पर डिलीवरी कराने पर अड़े थे। डॉक्टरों के मुताबिक, प्रसूता में खून की काफी कमी थी और सर्जरी से डिलीवरी होनी थी लेकिन परिजन यह मानने को तैयार नहीं थे। डॉक्टरों ने प्रसूता रुखसाना को रेफर करने के लिए एंबुलेंस भी तैयार कर ली लेकिन परिजनों ने सवा 11 बजे हंगामा शुरू कर दिया। फिर साढ़े 12 बजे वे प्रसूता को ई-रिक्शा में निजी अस्पताल में ले जाने पर अड़ गए। जैसे ही रुखसाना को ई-रिक्शा में बैठाया, उसे प्रसव पीड़ा शुरू हो गई।
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गाड़ी में ही रुखसाना ने बच्चे को जन्म दे दिया। इसके बाद स्टाफ नर्सों ने प्रसूता की देखभाल की और प्राथमिक उपचार दिया। इस बीच परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। डॉक्टरों ने सिविल अस्पताल की पुलिस चौकी में इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें समझाया । डॉक्टर उन्हें जच्चा बच्चा की देखरेख के लिए स्वास्थ्य केंद्र में रखने की सलाह देते रहे लेकिन आक्रोशित परिजन उन्हें घर ले गए।
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हमने बहुत समझाया पर परिजन नहीं माने : डॉ. अमित
महिला रोग विशेषज्ञ ने परिजनों को समझा दिया था कि महिला उच्च रक्तचाप से ग्रस्त है। उसके पैरों में बहुत सूजन थी। डॉक्टर ने जांच के बाद महिला को कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया था। इसके बाद बावजूद वे नहीं माने और महिला को घर ले जाने के लिए अड़े रहे। उन्होंने महिला के लिए एंबुलेंस भी तैयार कर दी थी। डिलीवरी के लिए आईसीयू में भी व्यवस्था कर दी थी लेकिन वो नहीं माने और डॉक्टर के परामर्श के खिलाफ महिला को घर ले गए, ये लापरवाही है। -डॉ. अमित पोरिया, डिप्टी एमएस सिविल अस्पताल

पानीपत। फोटोभनंबर-1 गर्भवती महिला को सिविल अस्पताल से करनाल सरकारी अस्पताल में किया रेफर तो, तो प?- फोटो : Panipat