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Panipat News: कबड्डी में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचे, अब युवाओं को कर रहे तैयार
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मतलौडा। गांव की मिट्टी में कबड्डी खेलकर सपनों को उड़ान भरी और एक दिन राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर खुद के साथ देश का नाम रोशन किया। आज अपने सपनों के साथ युवा पीढ़ी के सपनों को भी पंख लगा रहे हैं।
हम बात कर रहे हैं अटावला गांव निवासी नरेंद्र देशवाल की। नरेंद्र देशवाल खेल विभाग में कबड्डी कोच हैं। वे लंबे समय से तक मतलौडा स्थित राजीव गांधी खेल स्टेडियम में तैनात रहे। अब मेवात में खिलाड़ियों को कबड्डी में दक्ष करने में लगे हुए हैं। नरेंद्र देशवाल ने बताया कि उनकी उम्र 41 वर्ष की है। उन्होंने बचपन में ही खेलों में आगे आने का मन बनाया था। उस समय गांव में इतने संसाधन नहीं थे। उन्होंने अपने सपने पूरे करने के लिए निडानी स्थित कबड्डी के गुर सीखे। यहां लगातार प्रदर्शन किया। उन्होंने सीनियर नेशनल और फेडरेशन में स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने खेल के साथ अपनी शिक्षा पूरी की। बंगलुरु से एनआईएस और इसके बाद बीपीएड, एमपीएड और एमफिल पास की। 2003 में खेल बंद कर दिया। उन्होंने 2004 में बतौर कोच खिलाड़ियों को तैयार करना शुरू किया। उनका 2012 में राजस्थान खेल विभाग में सरकारी कोच चयन हुआ। इसके बाद 2018 में हरियाणा में सरकारी कोच नियुक्त हुए।
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कई खिलाड़ी चमका चुके अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम
नरेंद्र देशवाल ने बताया कि उनके पास अभ्यास कर कई खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीते चुके हैं। वे अब प्रदेश में बड़े पदों पर तैनात हैं। एशियन गेम्स और वर्ल्ड कप में खिलाड़ी पदक जीत चुके हैं। उन्होंने बताया कि 2009 में मलेशिया में आयोजित जूनियर एशिया में मनीषा दलाल और कविता सिवाच ने भाग लिया और यहां पदक जीता। 2010 में मनीषा दलाल ने एशियन गेम्स में भाग लेकर पदक जीता। 2011 में पूजा जागलान ने जूनियर एशिया में भाग लेकर पदक जीता। 2014 में कविता सिवाच ने पदक जीता। साक्षी ने दक्षिण एशियाई खेलों में 2016, 2017 और 2019 में पदक जीता। साक्षी व मुस्कान मलिक ने 2022 में दक्षिण एशियाई खेलों में पदक जीता।
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हम बात कर रहे हैं अटावला गांव निवासी नरेंद्र देशवाल की। नरेंद्र देशवाल खेल विभाग में कबड्डी कोच हैं। वे लंबे समय से तक मतलौडा स्थित राजीव गांधी खेल स्टेडियम में तैनात रहे। अब मेवात में खिलाड़ियों को कबड्डी में दक्ष करने में लगे हुए हैं। नरेंद्र देशवाल ने बताया कि उनकी उम्र 41 वर्ष की है। उन्होंने बचपन में ही खेलों में आगे आने का मन बनाया था। उस समय गांव में इतने संसाधन नहीं थे। उन्होंने अपने सपने पूरे करने के लिए निडानी स्थित कबड्डी के गुर सीखे। यहां लगातार प्रदर्शन किया। उन्होंने सीनियर नेशनल और फेडरेशन में स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने खेल के साथ अपनी शिक्षा पूरी की। बंगलुरु से एनआईएस और इसके बाद बीपीएड, एमपीएड और एमफिल पास की। 2003 में खेल बंद कर दिया। उन्होंने 2004 में बतौर कोच खिलाड़ियों को तैयार करना शुरू किया। उनका 2012 में राजस्थान खेल विभाग में सरकारी कोच चयन हुआ। इसके बाद 2018 में हरियाणा में सरकारी कोच नियुक्त हुए।
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कई खिलाड़ी चमका चुके अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम
नरेंद्र देशवाल ने बताया कि उनके पास अभ्यास कर कई खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीते चुके हैं। वे अब प्रदेश में बड़े पदों पर तैनात हैं। एशियन गेम्स और वर्ल्ड कप में खिलाड़ी पदक जीत चुके हैं। उन्होंने बताया कि 2009 में मलेशिया में आयोजित जूनियर एशिया में मनीषा दलाल और कविता सिवाच ने भाग लिया और यहां पदक जीता। 2010 में मनीषा दलाल ने एशियन गेम्स में भाग लेकर पदक जीता। 2011 में पूजा जागलान ने जूनियर एशिया में भाग लेकर पदक जीता। 2014 में कविता सिवाच ने पदक जीता। साक्षी ने दक्षिण एशियाई खेलों में 2016, 2017 और 2019 में पदक जीता। साक्षी व मुस्कान मलिक ने 2022 में दक्षिण एशियाई खेलों में पदक जीता।
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