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Panipat News: तेज हवाओं के साथ बारिश ने बढ़ाई चिंता

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 31 Mar 2023 02:27 AM IST
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Rain increased concern with strong winds
पानीपत। पिछले सप्ताह हुई बारिश के कारण बुरी तरह बिछी गेहूं की फसल से किसानों के दिल का दर्द कम नहीं हुआ था। इसी बीच बृहस्पतिवार शाम हुई बारिश ने किसानों को फिर से जख्म दे दिया। 12 दिन में तीसरी बार बारिश आने से गेहूं की फसल के खराब होने का खतरा बढ़ गया है। चिंता में धरतीपुत्र कभी आसमान में चमकती बिजली तो कभी लोटपोट हो चुकी फसल की तरफ देखता है।
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किसानों का कहना है कि मौसम की मार से किसानी खतरे में पड़ गई है। बीते सप्ताह तेज हवाओं के साथ बारिश से गेहूं की फसल बिछ चुकी है। अब शाम को हुई बारिश से गेहूं की फसल पूरी तरह खराब होने का खतरा है। इससे फसल के 30 से 50 प्रतिशत तक खराब होने की आशंका है। यदि तेज बारिश हुई तो किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है। बूंदाबांदी या बारिश से गेहूं का दाना काला व कमजोर हो सकता है। वहीं मौसम विभाग ने आगामी दो दिन तक बादल छाए रहने, हल्की से मध्यम बूंदाबांदी होने की आशंका जताई है। मौसम विभाग की भविष्यवाणी ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है।
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जिले में गेहूं की फसल की बात करें तो जिले में 80 हजार हेक्टेयर से अधिक यानी दो लाख एकड़ में गेहू की फसल खड़ी है। जो पकने के करीब है। इस समय गेहूं की बालियों में दाना दूधिया कच्चा है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार बूंदाबांदी या बारिश से गेहूं की पहले ही बिछ चुकी फसल को ओर अधिक नुकसान होगा। दाना कमजोर हो सकता है। वहीं 9600 एकड़ में सरसों की फसल है जिसमें से करीब 2000 एकड़ में सरसों का उठान बचा हुआ है। बारिश होने की स्थिति में सरसों की फसल भी खराब हो सकती है।
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जिले में बीते दिनों हुई बारिश से गेहूं की फसल को करीब 20 प्रतिशत तक नुकसान का अंदेशा है। वहीं बृहस्पतिवार को विभिन्न क्षेत्रों में हुई बारिश व बूंदाबांदी से गेहूं की फसल खराब होने का खतरा बढ़ गया है। जिले में करीब चार लाख मीट्रिक टन गेहूं उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। बारिश से हुए नुकसान को देखते हुए लक्ष्य से कम उत्पादन हो सकता है।
- डॉ. वजीर सिंह, उपनिदेशक, कृषि विभाग, पानीपत।
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