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Panipat News: 52 करोड़ की साइबर ठगी के आरोपियों की तलाश में दबिश
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माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। बैंक में फर्जी खाते खुलवाकर 52 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें पानीपत, सोनीपत से लेकर दिल्ली तक दबिश दे रही हैं।
चार नामजद आरोपियों के अलावा कुछ अन्य नाम इस मामले में सामने आए हैं। अब पुलिस ने सभी पर शिकंजा कस दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
हरियाणा साइबर क्राइम पुलिस को प्रदेश की 91 बैंक शाखाओं में संदिग्ध खाते मिले थे। जिनमें 11 खाते पानीपत की बैंक ऑफ इंडिया की जीटी रोड शाखा में खोले गए थे। इसमें से दो खातों की जांच की गई तो आठ माह में 52 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का खुलासा हुआ था। दो फर्जी फर्म बनवाकर ये खाते खोले गए थे। पुलिस ने फर्म के प्रोपराइटर चार आरोपियों को नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी थी।
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तफ्तीश के दौरान पुलिस ने खातों की डिटेल खंगालनी शुरू कर दी। ट्रू आर्टिफिशियल ज्वैलर्स प्राइवेट लिमिटेड जिसका पता हैंडलूम टावल मार्केट में दिखाया गया था। यह फर्म गन्नौर सोनीपत निवासी प्रमोद और धर्मेंद्र के नाम पर दर्ज थी।
इस खाते से 5 दिसंबर 2024 से 19 जुलाई 2025 के बीच 51.82 करोड़ रुपये का लेन-देन किया गया। यह खाता देशभर में हुई साइबर ठगी की 96 वारदात में प्रयोग किया गया।
वहीं दूसरा खाता इंडो करियर्स एजेंसी के नाम से खोला था। यह फर्म दिल्ली के पटेल नगर निवासी निशांत और लेबर चौक करोल बाग निवासी सन्नी के नाम पर रजिस्टर्ड है। फर्म का पता सेक्टर-6 टीडीएस दर्शाया गया था।
इस खाते में करीब 32.93 रुपये की ठगी हुई है। यह खाता 15 वारदात में प्रयोग किया गया है। पुलिस अब आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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पानीपत। बैंक में फर्जी खाते खुलवाकर 52 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें पानीपत, सोनीपत से लेकर दिल्ली तक दबिश दे रही हैं।
चार नामजद आरोपियों के अलावा कुछ अन्य नाम इस मामले में सामने आए हैं। अब पुलिस ने सभी पर शिकंजा कस दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
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हरियाणा साइबर क्राइम पुलिस को प्रदेश की 91 बैंक शाखाओं में संदिग्ध खाते मिले थे। जिनमें 11 खाते पानीपत की बैंक ऑफ इंडिया की जीटी रोड शाखा में खोले गए थे। इसमें से दो खातों की जांच की गई तो आठ माह में 52 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का खुलासा हुआ था। दो फर्जी फर्म बनवाकर ये खाते खोले गए थे। पुलिस ने फर्म के प्रोपराइटर चार आरोपियों को नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी थी।
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तफ्तीश के दौरान पुलिस ने खातों की डिटेल खंगालनी शुरू कर दी। ट्रू आर्टिफिशियल ज्वैलर्स प्राइवेट लिमिटेड जिसका पता हैंडलूम टावल मार्केट में दिखाया गया था। यह फर्म गन्नौर सोनीपत निवासी प्रमोद और धर्मेंद्र के नाम पर दर्ज थी।
इस खाते से 5 दिसंबर 2024 से 19 जुलाई 2025 के बीच 51.82 करोड़ रुपये का लेन-देन किया गया। यह खाता देशभर में हुई साइबर ठगी की 96 वारदात में प्रयोग किया गया।
वहीं दूसरा खाता इंडो करियर्स एजेंसी के नाम से खोला था। यह फर्म दिल्ली के पटेल नगर निवासी निशांत और लेबर चौक करोल बाग निवासी सन्नी के नाम पर रजिस्टर्ड है। फर्म का पता सेक्टर-6 टीडीएस दर्शाया गया था।
इस खाते में करीब 32.93 रुपये की ठगी हुई है। यह खाता 15 वारदात में प्रयोग किया गया है। पुलिस अब आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।