{"_id":"64c2d76a04027c671609e9b9","slug":"question-on-the-speed-of-smart-meter-problems-increased-due-to-server-down-panipat-news-c-244-1-pnp1005-3215-2023-07-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: स्मार्ट मीटर की रफ्तार पर सवाल, सर्वर डाउन होने से बढ़ी परेशानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: स्मार्ट मीटर की रफ्तार पर सवाल, सर्वर डाउन होने से बढ़ी परेशानी
विज्ञापन
पानीपत। शहर में स्मार्ट मीटर लगने के बाद से बिजली उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। रोजाना 100 से अधिक उपभोक्ता ज्यादा बिजली बिल आने की शिकायतें लेकर गोहाना रोड पावर हाउस में कार्यालयों के चक्कर काटते रहते हैं। अधिकारी सिस्टम में अपलोड मीटर रीडिंग दिखाकर रीडिंग के आधार पर ही बिजली बिल बनने की बात कहकर उपभोक्ताओं को वापस भेज देते हैं।
बृहस्पतिवार को सब-अर्बन डिवीजन का सर्वर डाउन हुआ तो कार्यालय में लोगों की भीड़ जुट गई। सुबह 10 बजे से दोपहर साढ़े 12 बजे तक बिल संबंधी पूछताछ करने आए अधिकतर उपभोक्ता सर्वर नहीं चलने का जवाब सुनकर वापस लौट गए। उपभोक्ताओं को बिजली बिल नहीं निकलने के कारण भी काफी परेशानी हुई। पौने एक बजे सर्वर शुरू हुआ तो लोगों ने राहत की सांस ली। लोगों का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद से ही उनका ज्यादा बिजली बिल आ रहा है। मीटर फाॅल्ट पकड़ने के लिए अधिकारियों को नए की जगह पुराना मीटर लगाना चाहिए, तभी फाॅल्ट पकड़ में आ सकता है।
राज नगर के रणधीर ने बताया कि उनका सालाना बिल 12 हजार रुपये से कम ही आता है। परिवार की मासिक आमदनी डेढ़ लाख से भी कम है। लेकिन, बिजली निगम की लापरवाही के कारण उनके नाम से तीन मीटर कनेक्शन फेमिली आईडी में चढ़ गए। इसके कारण उनका बीपीएल राशन कार्ड भी कट गया। पिछले एक महीने से कार्यालय में इन गलत कनेक्शनों को हटवाने के लिए चक्कर काट रहा हूं।
विज्ञापन
गांजबड़ के प्रकाश ने बताया कि 29 नवंबर को उन्होंने सरचार्ज माफी योजना के तहत 32482 रुपये का बिल भरा था। कर्मचारियों ने अगला बिल समय पर भरने के लिए कहा। आठ माह तक कोई बिल नहीं आया। अब फिर से 19 हजार रुपये का बिल आ गया। अधिकारी सरचार्ज माफी अपात्र होने की बात कह रहे हैं। बिल नहीं मिलने के कारण मैं भुगतान नहीं कर पाया, इसमें मेरी क्या गलती है।
सर्वर न चलने के कारण सुबह उपभोक्ताओं को थोड़ी परेशानी हुई। दोपहर के समय सर्वर चल पड़ा था। जिन उपभोक्ताओं के बिजली बिल या अन्य कोई जानकारी गलत है, कर्मचारी उनकी सुनवाई कर हल निकाल रहे हैं। अगर किसी उपभोक्ता का हल नहीं निकल रहा तो कार्यालय आकर मुझे बता सकता है।
- नरेंद्र पाल, एसडीओ, सब-अर्बन पानीपत
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को सब-अर्बन डिवीजन का सर्वर डाउन हुआ तो कार्यालय में लोगों की भीड़ जुट गई। सुबह 10 बजे से दोपहर साढ़े 12 बजे तक बिल संबंधी पूछताछ करने आए अधिकतर उपभोक्ता सर्वर नहीं चलने का जवाब सुनकर वापस लौट गए। उपभोक्ताओं को बिजली बिल नहीं निकलने के कारण भी काफी परेशानी हुई। पौने एक बजे सर्वर शुरू हुआ तो लोगों ने राहत की सांस ली। लोगों का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद से ही उनका ज्यादा बिजली बिल आ रहा है। मीटर फाॅल्ट पकड़ने के लिए अधिकारियों को नए की जगह पुराना मीटर लगाना चाहिए, तभी फाॅल्ट पकड़ में आ सकता है।
विज्ञापन
राज नगर के रणधीर ने बताया कि उनका सालाना बिल 12 हजार रुपये से कम ही आता है। परिवार की मासिक आमदनी डेढ़ लाख से भी कम है। लेकिन, बिजली निगम की लापरवाही के कारण उनके नाम से तीन मीटर कनेक्शन फेमिली आईडी में चढ़ गए। इसके कारण उनका बीपीएल राशन कार्ड भी कट गया। पिछले एक महीने से कार्यालय में इन गलत कनेक्शनों को हटवाने के लिए चक्कर काट रहा हूं।
विज्ञापन
गांजबड़ के प्रकाश ने बताया कि 29 नवंबर को उन्होंने सरचार्ज माफी योजना के तहत 32482 रुपये का बिल भरा था। कर्मचारियों ने अगला बिल समय पर भरने के लिए कहा। आठ माह तक कोई बिल नहीं आया। अब फिर से 19 हजार रुपये का बिल आ गया। अधिकारी सरचार्ज माफी अपात्र होने की बात कह रहे हैं। बिल नहीं मिलने के कारण मैं भुगतान नहीं कर पाया, इसमें मेरी क्या गलती है।
सर्वर न चलने के कारण सुबह उपभोक्ताओं को थोड़ी परेशानी हुई। दोपहर के समय सर्वर चल पड़ा था। जिन उपभोक्ताओं के बिजली बिल या अन्य कोई जानकारी गलत है, कर्मचारी उनकी सुनवाई कर हल निकाल रहे हैं। अगर किसी उपभोक्ता का हल नहीं निकल रहा तो कार्यालय आकर मुझे बता सकता है।
- नरेंद्र पाल, एसडीओ, सब-अर्बन पानीपत