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हाईवे पर शव रख लगाया जाम
अमर उजाला, पानीपत
Updated Wed, 19 Mar 2014 10:26 PM IST
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पानीपत। शहर की संजय कॉलोनी के लोगों ने गोहाना रेलवे ओवर ब्रिज पर महिला का शव रखकर जाम लगा दिया। लोगों ने करीब सवा घंटे तक हाईवे पर जाम लगाकर जमकर बवाल काटा और पुलिस विरोधी नारेबाजी की।
महिला दो दिन पहले मतलौडा में गाड़ी की टक्कर लगने से घायल हो गई थी और उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। प्रदर्शनकारियाें ने मनीषा की मौत को हादसा नहीं हत्या करार दिया और आरोपी पर हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की। जाम लगने से विद्यार्थियों और लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पुलिस अधिकारियों ने उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत किया और काफी मशक्कत के बाद यातायात सुचारु किया। गोहाना रोड संजय कॉलोनी के लोग बुधवार को मनीषा की मौत पर आक्रोशित हो गए और शमशान घाट में संस्कार को ले जाते वक्त शव को गोहाना रोड रेलवे ओवरब्रिज पर रख जाम लगा दिया।
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आक्रोशित पुरुष और महिलाओं ने मानव शृंखला बनाकर चारों तरफ से वाहनों की आवाजाही रोक दी और पुलिस विरोधी नारेबाजी कर दी। कुछ ही देर में चारों तरफ वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलते ही आठ मरला चौकी प्रभारी विनीत और मॉडल टाउन थाना प्रभारी विपिन कादियान मौके पर पहुंचे।
उन्होंने आक्रोशित लोगों को शांत करने का प्रयास किया, लेकिन वे आरोपी की गिरफ्तारी पर अड़े रहे। मामला बिगड़ते देख डीएसपी मुख्यालय राजबीर हुड्डा मौके पर पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित लोगों को शांत किया और उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। जिसके बाद ग्रामीणों सवा घंटे बाद करीब सवा दो बजे जाम खोला। जिसके बाद पुलिस ने यातायात को सुचारु किया।
मतलौडा निवासी शीला ने बताया कि उनका परिवार संजय कॉलोनी में रहता है। उसका लड़का आजाद 17 मार्च को पानीपत आ रहा था। आरोप है कि महेंद्र ने रास्ते में आजाद के साथ मारपीट कर दी। उसने अपने चाचा इंद्रजीत को मारपीट के बारे में बताया। इसके बाद इंद्रजीत और उसकी पत्नी मनीषा मतलौडा चले गए। इंद्रजीत, मनीषा, उसका पति पप्पू और लड़का आजाद मकान के बाहर बैठे थे।
आरोप है कि इसी समय महेंद्र गाड़ी लेकर वहां पर पहुंचा और उन पर गाड़ी सीधी चढ़ा दी। इसमें मनीषा, इंद्रजीत, पप्पू और आजाद घायल हो गए। उनको सिविल अस्पताल में दाखिल कराया। जहां पर मनीषा को तबीयत को बिगड़ते देख रेफर कर दिया। परिवार के लोग उसको लेकर पीजीआई चले गए। जहां पर बीती देर रात को उसने दम तोड़ दिया।
सूचना मिलने के बाद पहुंची पुलिस ने शव का सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। परिजनों ने पुलिस को महेंद्र के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की। पुलिस की अनदेखी पर परिवार के लोगों का आक्रोश बढ़ गया और जमा लगाने को मजबूर होना पड़ा।
दिल्ली निवासी शीतल ने बताया कि उसकी बहन मनीषा की मौत के बाद दोनों बच्चों की चिंता है। उसने बताया कि मनीषा संजय कॉलोनी में अपने पति इंद्रजीत और सास के साथ रह रही थी। उसकी मौत के बाद उसकी बड़ी लड़की प्रीति और लड़के अभिषेक की चिंता है।
उसकी सास बुजुर्ग है। पत्नी के शव को देखकर उसका पति बेहोश होकर सड़क पर भी लुढ़क गया। इससे प्रदर्शनकारियाें को और गुस्सा आ गया।
संजय कालोनी के लोगों द्वारा गोहाना रोड ओवरब्रिज पर जाम लगाने के बाद वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। यहां पर कुछ ही देर में चारों तरफ जाम लग गया। स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थी भी जाम में फंस गए। इनमें कुछ परीक्षा देने जाने वाले विद्यार्थी भी थे। कुछ लोग जाम खुलता न देख पैदल ही अपने गंतव्य की तरफ चल पड़े।
पीड़ित परिवार ने मनीषा की मौत को हादसा नहीं हत्या करार दिया है और मतलौडा निवासी महेंद्र पर इसके आरोप लगाए हैं। पप्पू की पत्नी शीला ने बताया कि 17 मार्च को मनीषा, इंद्रजीत, उसका पति पप्पू और आनंद घर के बाहर बैठे थे। मतलौडा निवासी महेंद्र तेज गति में गाड़ी लेकर आया और उनको टक्कर मार दी।
इसमें मनीषा समेत चारों घायल हो गए। मनीषा ने बीती देर रात को पीजीआई में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। उसने आरोप लगाया कि महेंद्र ने जान बूझकर अपनी गाड़ी चढ़ाकर मनीषा को मौत के घाट उतारा है।
थाना मतलौडा प्रभारी गौरीदत्त ने इसको हादसा करार दिया है। उन्होंने बताया कि 17 मार्च को महेंद्र और मनीषा के परिवार के लोगों के साथ कहासुनी हो गई थी। वे मनीषा और उसका पति समेत इंद्रजीत समेत अन्य लोग मतलौडा में आए थे। उसी समय महेंद्र भी गाड़ी लेकर घर पहुंच गया।
जहां पर हंगामा मच गया और महेंद्र ने गाड़ी समेत भागने का प्रयास किया। इसी समय मनीषा और अन्य लोग गाड़ी की चपेट में आ गए और वे घायल हो गए। मनीषा ने पीजीआई में दम तोड़ दिया। पुलिस ने इसमें मुकद्दमा दर्ज कर रखा है और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
संजय कॉलोनी के कुछ लोगों ने गोहाना रोड ओवरब्रिज पर बुधवार को जाम लगा दिया था। वे सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे। आक्रोशित लोग मतलौडा में महिला की मौत को हादसा नहीं हत्या बता रहे थे और आरोपी पर हत्या का मुकद्दमा दर्ज करने की मांग कर रहे थे। पुलिस ने लोगों को आश्वासन देकर शांत कर दिया है। वे इस मामले की गहराई से जांच करेंगे और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
राजबीर हुड्डा, डीएसपी मुख्यालय, पानीपत
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महिला दो दिन पहले मतलौडा में गाड़ी की टक्कर लगने से घायल हो गई थी और उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। प्रदर्शनकारियाें ने मनीषा की मौत को हादसा नहीं हत्या करार दिया और आरोपी पर हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की। जाम लगने से विद्यार्थियों और लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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पुलिस अधिकारियों ने उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत किया और काफी मशक्कत के बाद यातायात सुचारु किया। गोहाना रोड संजय कॉलोनी के लोग बुधवार को मनीषा की मौत पर आक्रोशित हो गए और शमशान घाट में संस्कार को ले जाते वक्त शव को गोहाना रोड रेलवे ओवरब्रिज पर रख जाम लगा दिया।
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आक्रोशित पुरुष और महिलाओं ने मानव शृंखला बनाकर चारों तरफ से वाहनों की आवाजाही रोक दी और पुलिस विरोधी नारेबाजी कर दी। कुछ ही देर में चारों तरफ वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलते ही आठ मरला चौकी प्रभारी विनीत और मॉडल टाउन थाना प्रभारी विपिन कादियान मौके पर पहुंचे।
उन्होंने आक्रोशित लोगों को शांत करने का प्रयास किया, लेकिन वे आरोपी की गिरफ्तारी पर अड़े रहे। मामला बिगड़ते देख डीएसपी मुख्यालय राजबीर हुड्डा मौके पर पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित लोगों को शांत किया और उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। जिसके बाद ग्रामीणों सवा घंटे बाद करीब सवा दो बजे जाम खोला। जिसके बाद पुलिस ने यातायात को सुचारु किया।
मतलौडा निवासी शीला ने बताया कि उनका परिवार संजय कॉलोनी में रहता है। उसका लड़का आजाद 17 मार्च को पानीपत आ रहा था। आरोप है कि महेंद्र ने रास्ते में आजाद के साथ मारपीट कर दी। उसने अपने चाचा इंद्रजीत को मारपीट के बारे में बताया। इसके बाद इंद्रजीत और उसकी पत्नी मनीषा मतलौडा चले गए। इंद्रजीत, मनीषा, उसका पति पप्पू और लड़का आजाद मकान के बाहर बैठे थे।
आरोप है कि इसी समय महेंद्र गाड़ी लेकर वहां पर पहुंचा और उन पर गाड़ी सीधी चढ़ा दी। इसमें मनीषा, इंद्रजीत, पप्पू और आजाद घायल हो गए। उनको सिविल अस्पताल में दाखिल कराया। जहां पर मनीषा को तबीयत को बिगड़ते देख रेफर कर दिया। परिवार के लोग उसको लेकर पीजीआई चले गए। जहां पर बीती देर रात को उसने दम तोड़ दिया।
सूचना मिलने के बाद पहुंची पुलिस ने शव का सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। परिजनों ने पुलिस को महेंद्र के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की। पुलिस की अनदेखी पर परिवार के लोगों का आक्रोश बढ़ गया और जमा लगाने को मजबूर होना पड़ा।
दिल्ली निवासी शीतल ने बताया कि उसकी बहन मनीषा की मौत के बाद दोनों बच्चों की चिंता है। उसने बताया कि मनीषा संजय कॉलोनी में अपने पति इंद्रजीत और सास के साथ रह रही थी। उसकी मौत के बाद उसकी बड़ी लड़की प्रीति और लड़के अभिषेक की चिंता है।
उसकी सास बुजुर्ग है। पत्नी के शव को देखकर उसका पति बेहोश होकर सड़क पर भी लुढ़क गया। इससे प्रदर्शनकारियाें को और गुस्सा आ गया।
संजय कालोनी के लोगों द्वारा गोहाना रोड ओवरब्रिज पर जाम लगाने के बाद वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। यहां पर कुछ ही देर में चारों तरफ जाम लग गया। स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थी भी जाम में फंस गए। इनमें कुछ परीक्षा देने जाने वाले विद्यार्थी भी थे। कुछ लोग जाम खुलता न देख पैदल ही अपने गंतव्य की तरफ चल पड़े।
पीड़ित परिवार ने मनीषा की मौत को हादसा नहीं हत्या करार दिया है और मतलौडा निवासी महेंद्र पर इसके आरोप लगाए हैं। पप्पू की पत्नी शीला ने बताया कि 17 मार्च को मनीषा, इंद्रजीत, उसका पति पप्पू और आनंद घर के बाहर बैठे थे। मतलौडा निवासी महेंद्र तेज गति में गाड़ी लेकर आया और उनको टक्कर मार दी।
इसमें मनीषा समेत चारों घायल हो गए। मनीषा ने बीती देर रात को पीजीआई में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। उसने आरोप लगाया कि महेंद्र ने जान बूझकर अपनी गाड़ी चढ़ाकर मनीषा को मौत के घाट उतारा है।
थाना मतलौडा प्रभारी गौरीदत्त ने इसको हादसा करार दिया है। उन्होंने बताया कि 17 मार्च को महेंद्र और मनीषा के परिवार के लोगों के साथ कहासुनी हो गई थी। वे मनीषा और उसका पति समेत इंद्रजीत समेत अन्य लोग मतलौडा में आए थे। उसी समय महेंद्र भी गाड़ी लेकर घर पहुंच गया।
जहां पर हंगामा मच गया और महेंद्र ने गाड़ी समेत भागने का प्रयास किया। इसी समय मनीषा और अन्य लोग गाड़ी की चपेट में आ गए और वे घायल हो गए। मनीषा ने पीजीआई में दम तोड़ दिया। पुलिस ने इसमें मुकद्दमा दर्ज कर रखा है और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
संजय कॉलोनी के कुछ लोगों ने गोहाना रोड ओवरब्रिज पर बुधवार को जाम लगा दिया था। वे सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे। आक्रोशित लोग मतलौडा में महिला की मौत को हादसा नहीं हत्या बता रहे थे और आरोपी पर हत्या का मुकद्दमा दर्ज करने की मांग कर रहे थे। पुलिस ने लोगों को आश्वासन देकर शांत कर दिया है। वे इस मामले की गहराई से जांच करेंगे और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
राजबीर हुड्डा, डीएसपी मुख्यालय, पानीपत