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Panipat News: यूजीसी एक्ट के विरोध में किया प्रदर्शन, पीएम के नाम सौंपा ज्ञापन
Thu, 29 Jan 2026 01:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Thu, 29 Jan 2026 01:29 AM IST
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विधायक घनश्याम दास अरोड़ा के कार्यालय के बाहर पार्क में लोगों को संबोधित करते संगठन पदाधिकारी
जगाधरी। यूजीसी एक्ट के विरोध में बुधवार को संगठनों ने प्रदर्शन कर अपना रोष प्रकट किया। इस दौरान लोगों ने जमकर नारेबाजी की। मामले के संबंध में शहर सहित अन्य क्षेत्रों से लोग नेहरू पार्क में एकत्रित हुए। यहां पर उन्होंने मानव शृंखला बनाकर एक्ट के खिलाफ अपना विरोध प्रकट किया। इसके बाद वह रोष मार्च निकालते हुए लोग विधायक घनश्याम दास अरोड़ा के निवास पर पहुंचे। यहां पर वह विधायक के न मिलने पर नाराज हो गए और हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया। इसके बाद वे विधायक कार्यालय पहुंचे और एक्ट रद्द करने के लिए ज्ञापन दिया।
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विधायक निवास पर हनुमान चालीसा का पाठ कर लोग मार्च करते हुए मॉडल टाउन स्थित विधायक कार्यालय पहुंचे। यहां भी लोगों ने सरकार व यूजीसी के खिलाफ नारेबाजी की। समाज की ओर से विधायक अरोड़ा को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर यूजीसी एक्ट तुरंत वापस लेने की मांग की। इस अवसर पर सुंदर प्रताप सिंह राणा ने कहा कि देश पर यूजीसी कानून थोपा गया है, वह सामाजिक सौहार्द खत्म करने वाला है। इससे समाज अलग-अलग वर्गों में बंट जाएगा। उन्होंने कहा कि 2012 से पहले कानून में यह प्रावधान था कि किसी भी आरोप की पहले जांच होगी और बाद में गिरफ्तारी होगी। नए संशोधन में पहले गिरफ्तारी और बाद में जांच का प्रावधान कर दिया गया है, जो पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है। सुंदर प्रताप सिंह राणा ने सवाल उठाया कि यदि कोई व्यक्ति किसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाता है और बाद में वह झूठा साबित होता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं होनी चाहिए। यह कानून फूट डालो और राज करो की नीति है। इससे कॉलेजों और शिक्षण संस्थानों में गुटबाजी बढ़ेगी और सामाजिक सौहार्द बिगड़ेगा।
प्रताप राणा ने चेतावनी दी और कहा कि यदि सरकार ने इस कानून वापस नहीं लिया, तो संगठन संसद तक संघर्ष करेगा। इस दौरान भगवान श्रीपरशुरम सेना संघ ट्रस्ट प्रदेशाध्यक्ष कपिल पंडित ने कहा कि इस कानून के आने से भाईचारा समाप्त जाएगा। सरकार एक तरह तो समाज को एकजुट करने की बात कह रही है, दूसरी तरफ ऐसे कानून लागू कर रही है, जोकि समाज के लिए घातक हैं। विधायक ने लोगों को ज्ञापन प्रधानमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इस मौके पर योगेश शर्मा, पुरुषोत्मलाल, बालकृष्ण भट्ट, सुरेश शर्मा, संजय शर्मा, नितिन शर्मा सहित काफी लोग उपस्थित रहे।
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दो गुटों में बंटे प्रदर्शनकारी
प्रदर्शन के दौरान उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब प्रदर्शनकारी दो गुटों में बंट गए। इस दौरान लोगों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की,भाजपा से जुड़े लोगों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी न करने के लिए कहा। इससे दोनों गुटों में आपसी फूट और विरोध नजर आया। प्रदर्शन के दौरान मौके पर पुलिस बल तैनात था, परंतु इस दौरान ऐसी स्थिति नहीं बनी। कुछ देर की बाद दोनों गुट एकत्र होकर विधायक कार्यालय के पहुंचे और ज्ञापन दिया।
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प्रदर्शन के दौरान लोगों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विधायक निवास पर हनुमान चालीसा का पाठ कर लोग मार्च करते हुए मॉडल टाउन स्थित विधायक कार्यालय पहुंचे। यहां भी लोगों ने सरकार व यूजीसी के खिलाफ नारेबाजी की। समाज की ओर से विधायक अरोड़ा को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर यूजीसी एक्ट तुरंत वापस लेने की मांग की। इस अवसर पर सुंदर प्रताप सिंह राणा ने कहा कि देश पर यूजीसी कानून थोपा गया है, वह सामाजिक सौहार्द खत्म करने वाला है। इससे समाज अलग-अलग वर्गों में बंट जाएगा। उन्होंने कहा कि 2012 से पहले कानून में यह प्रावधान था कि किसी भी आरोप की पहले जांच होगी और बाद में गिरफ्तारी होगी। नए संशोधन में पहले गिरफ्तारी और बाद में जांच का प्रावधान कर दिया गया है, जो पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है। सुंदर प्रताप सिंह राणा ने सवाल उठाया कि यदि कोई व्यक्ति किसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाता है और बाद में वह झूठा साबित होता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं होनी चाहिए। यह कानून फूट डालो और राज करो की नीति है। इससे कॉलेजों और शिक्षण संस्थानों में गुटबाजी बढ़ेगी और सामाजिक सौहार्द बिगड़ेगा।
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प्रताप राणा ने चेतावनी दी और कहा कि यदि सरकार ने इस कानून वापस नहीं लिया, तो संगठन संसद तक संघर्ष करेगा। इस दौरान भगवान श्रीपरशुरम सेना संघ ट्रस्ट प्रदेशाध्यक्ष कपिल पंडित ने कहा कि इस कानून के आने से भाईचारा समाप्त जाएगा। सरकार एक तरह तो समाज को एकजुट करने की बात कह रही है, दूसरी तरफ ऐसे कानून लागू कर रही है, जोकि समाज के लिए घातक हैं। विधायक ने लोगों को ज्ञापन प्रधानमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इस मौके पर योगेश शर्मा, पुरुषोत्मलाल, बालकृष्ण भट्ट, सुरेश शर्मा, संजय शर्मा, नितिन शर्मा सहित काफी लोग उपस्थित रहे।
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दो गुटों में बंटे प्रदर्शनकारी
प्रदर्शन के दौरान उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब प्रदर्शनकारी दो गुटों में बंट गए। इस दौरान लोगों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की,भाजपा से जुड़े लोगों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी न करने के लिए कहा। इससे दोनों गुटों में आपसी फूट और विरोध नजर आया। प्रदर्शन के दौरान मौके पर पुलिस बल तैनात था, परंतु इस दौरान ऐसी स्थिति नहीं बनी। कुछ देर की बाद दोनों गुट एकत्र होकर विधायक कार्यालय के पहुंचे और ज्ञापन दिया।

विधायक घनश्याम दास अरोड़ा के कार्यालय के बाहर पार्क में लोगों को संबोधित करते संगठन पदाधिकारी