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भुगतान के बावजूद भेजे विधायक की संपत्तियों के प्रॉपर्टी टैक्स बिल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 14 Apr 2022 01:51 AM IST
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Property tax bill of MLA's properties sent despite payment
पानीपत। नगर निगम ने शहरी विधायक प्रमोद विज और उनके परिवार की करीब 27 निजी संपत्तियों के प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान करने के बावजूद बकाया दिखाते हुए बिल भेज दिए। पिछले भुगतान को समायोजित नहीं किया गया, नतीजा बकाया बिल में ज्यों का त्यों दिख रहा है। शहरी विधायक ने इससे संबंधित सभी दस्तावेज नगर निगम सदन की बैठक में रखे और मेयर समेत निगम अधिकारियों से सवाल किया। उन्होंने कहा कि यह गंभीर समस्या हैं। वे अपने बिल तो ठीक करा लेंगे लेकिन शहर की जनता का होगा।
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विधायक ने आरोप लगाया कि संपत्ति के मालिकों की ओर से जमा प्रॉपर्टी टैक्स का रिकॉर्ड निगम की ओर से नहीं रखा जा रहा है। इसी वजह से भुगतान की राशि समायोजित नहीं की गई और बकाया बना रहा। उसमें फिर से बकाया टैक्स जोड़कर दोगुना बिल बना दिया। आरोप लगाया कि सभी को गलत या दोगुनी राशि के बिल भेजे जा रहे हैं। इसे ठीक करवाने के लिए शहर की जनता धक्के खा रही है। उन्होंने कहा कि वह तो अपने बिल निगम से ठीक करवा लेंगे लेकिन शहर की जनता गलत बिलों को कैसे ठीक करवाएगी। इसका अधिकारियों से जवाब चाहिए। इस पर निगम अधिकारियों ने सर्वे एजेंसी के सर्वे को गलत बताते हुए जांच का आश्वासन दिया।
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निगम अधिकारियों का तर्क
इस पर निगम अधिकारियों ने तर्क दिया कि एनडीसी पोर्टल और यूएलबी हरियाणा पोर्टल पर भी प्रॉपर्टी टैक्स के बिलों का भुगतान किया जाता है। शहरी विधायक ने मैनुअल तरीके से अपनी संपत्तियों के टैक्स का भुगतान किया, जिसका जांच के बाद ही पता लेगा। इसके अलावा बिल बांटने वाली एजेंसी सिंप्लेक्स ने बिल पहले ही प्रिंट कर लिए थे। हो सकता है कि उनका बिल पहले प्रिंट किया गया हो और भुगतान किए जाने के बाद पहुंचा हो।
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याशी का दावा सभी संपत्तियों का ब्योरा किया दुरुस्त
प्रॉपर्टी सर्वे एजेंसी याशी के मैनेजर मनीष शर्मा ने बताया कि उनके पास शहरी विधायक की करीब 27 प्रॉपर्टियों का डाटा गलत होने की जानकारी मिली। ये संपत्तियां शहरी विधायक एवं उनके परिवार की हैं। इनमें से कुछ के डाटा में सर्वे के दौरान खामी मिली, जिसे दुरुस्त कर दिया गया है।
शहर की जनता के लिए उठाया मुद्दा
निगम की कई बड़ी खामियां सामने आई हैं। गलत से लेकर दोहरे बिल तक भेजे जा रहे हैं। निगम के पास टैक्स अकांउट का लेजर (जी-8) तक नहीं है। इसे ठीक करवाने के लिए लोगों को चक्कर काटने पड़ते हैं। यहां तक कि उनकी और उनके परिवार की निजी संपत्तियों के लिए भी दोहरे बिना बना दिए हैं। - प्रमोद विज, शहरी विधायक, पानीपत

सभी शिकायतों का करते हैं समाधान
जी-8 को नियमित तौर पर अपडेट करने की दिशा में सुधार के निर्देश दिए गए हैं। निगम में जितनी भी शिकायत आती हैं, सभी का त्वरित समाधान होता है। शहरवासियों से भी अपील है कि अपनी संपत्तियों के टैक्स भुगतान का डाटा जिम्मेदारी समझकर रखें। यह जितनी निगम उतनी ही उनकी भी जिम्मेदारी है। - आरके सिंह, आयुक्त, निगम
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