{"_id":"6a4038a6b5ddb2cc6b00695c","slug":"prescribed-fines-not-collected-from-89-factories-panipat-news-c-244-1-pnp1001-159700-2026-06-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: 89 फैक्ट्रियों पर तय जुर्माना वसूला नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: 89 फैक्ट्रियों पर तय जुर्माना वसूला नहीं
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। जिले में प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) की कार्रवाई और जुर्माना वसूली पर सवाल उठे हैं। सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत सामने आया है कि पानीपत क्षेत्र की 89 फैक्ट्रियों पर प्रदूषण फैलाने के मामलों में जुर्माना तय किया गया था, लेकिन उसकी वसूली अब तक लंबित है।
आरटीआई रिकॉर्ड के अनुसार इन इकाइयों में रिफाइनरी, उर्वरक संयंत्र, थर्मल पावर स्टेशन, आरएमसी प्लांट, ब्लीच हाउस और टेक्सटाइल इकाइयाँ शामिल हैं। दस्तावेजों में कुछ बड़ी औद्योगिक इकाइयों पर करोड़ों रुपये का पर्यावरणीय जुर्माना बकाया बताया गया है। इससे पहले भी 132 ब्लीच हाउसों पर इसी तरह जुर्माना तय होने के बावजूद वसूली न होने के आरोप सामने आ चुके हैं, जिससे विभागीय कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पर्यावरणविद और आरटीआई कार्यकर्ता वरुण गुलाटी का कहना है कि यह स्थिति अधिकारियों की ढिलाई को दर्शाती है और इससे पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को नुकसान पहुंच रहा है। वहीं, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का कहना है कि जुर्माना वसूली की प्रक्रिया जारी है और बकाया राशि जमा न होने पर संबंधित इकाइयों के खिलाफ सीलिंग और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
पानीपत। जिले में प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) की कार्रवाई और जुर्माना वसूली पर सवाल उठे हैं। सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत सामने आया है कि पानीपत क्षेत्र की 89 फैक्ट्रियों पर प्रदूषण फैलाने के मामलों में जुर्माना तय किया गया था, लेकिन उसकी वसूली अब तक लंबित है।
आरटीआई रिकॉर्ड के अनुसार इन इकाइयों में रिफाइनरी, उर्वरक संयंत्र, थर्मल पावर स्टेशन, आरएमसी प्लांट, ब्लीच हाउस और टेक्सटाइल इकाइयाँ शामिल हैं। दस्तावेजों में कुछ बड़ी औद्योगिक इकाइयों पर करोड़ों रुपये का पर्यावरणीय जुर्माना बकाया बताया गया है। इससे पहले भी 132 ब्लीच हाउसों पर इसी तरह जुर्माना तय होने के बावजूद वसूली न होने के आरोप सामने आ चुके हैं, जिससे विभागीय कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
विज्ञापन
पर्यावरणविद और आरटीआई कार्यकर्ता वरुण गुलाटी का कहना है कि यह स्थिति अधिकारियों की ढिलाई को दर्शाती है और इससे पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को नुकसान पहुंच रहा है। वहीं, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का कहना है कि जुर्माना वसूली की प्रक्रिया जारी है और बकाया राशि जमा न होने पर संबंधित इकाइयों के खिलाफ सीलिंग और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन