समालखा। नगर परिषद स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए परिषद कार्यालय से पुराने बस अड्डे तक सर्विस रोड के दोनों ओर लगभग तीन हजार वर्ग मीटर की दीवारों पर पेंटिंग, स्लोगन और अन्य ड्राइंग बनवाएगा। इस पर करीब 49 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। नगर परिषद ने इसके लिए टेंडर जारी कर दिया है और ठेकेदार ने नगर परिषद गेट के सामने से काम शुरू कर दिया। वहीं शहर के लोग मूलभूत सुविधाओं और सफाई को तरस रहे हैं।
स्थानीय निवासी बृजमोहन, राकेश और दीपक ने बताया कि स्वच्छ सर्वेक्षण की तैयारी के नाम पर दीवारों को सजाने-संवारने का अभियान चलाया जा रहा है, ताकि शहर की तस्वीर कागजों पर चमकदार दिखाई दे सके। हालांकि, शहर की जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। शहरवासी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं, ऐसे में दीवारों की पेंटिंग पर लाखों रुपये खर्च करना व्यर्थ है। शहर के मुख्य नाले और ड्रेनेज सिस्टम को सुधार करना चाहिए। कई जगहों पर नालों की उचित निकासी नहीं होने के कारण दूषित गलियों में जमा रहता है। नालों की नियमित सफाई नहीं की जा रही। शहर में सार्वजनिक शौचालय तक की उचित व्यवस्था नहीं है। समाजसेवी सत्यप्रकाश गर्ग ने कहा कि अगर सुंदरीकरण ही करना था तो शहर के लिए उपयोगी तरीके से किया जाता। पुल के नीचे ग्रिल और बेंच लगवाकर यात्रियों के बैठने की उचित व्यवस्था की जा सकती थी, इससे लोगों को वास्तविक सुविधा मिलती। कांग्रेसी नेता संजय छौक्कर ने कहा कि शहर की गलियां और सड़कें कचरे से अटी पड़ी हैं। नाले-नालियों की सफाई नहीं की जा रही है। इनको प्रमुख से किया जाना चाहिए।