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Panipat News: पुलिस माता-पिता के कटवाती रही चक्कर, दंपती बेटी के लिए हर दरवाजे पर लगाई गुहार
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पानीपत। यूपी के हरदोई निवासी दंपति को ठेकेदार कुलदीप पर पहले दिन से ही शक था और पुलिस को आरोपी से पूछताछ के लिए कई बार गुहार लगाई, लेकिन पुलिस आरोपी की कहानी को सुनकर हर बार उस पर यकीन कर छोड़ देती। यही कारण रहा कि बच्ची को तलाश करने में पुलिस को 55 दिन लग गए। अब बच्ची नहीं उसका शव मिला। परिजनों का आरोप है कि पुलिस पहले दिन ही सख्ताई से पूछताछ करती तो आज उनकी बेटी उनके पास होती।
पिता ने बताया कि वह यूपी के हरदोई के एक गांव से हैं और वे लंबे समय पहले पानीपत सेक्टर-25 पार्ट टू स्थित फैक्टरी में काम करते हैं। उसकी 15 वर्षीय बेटी सेक्टर-25-टू स्थित फैक्टरी में काम करने जाने लगी। उसको फैक्टरी में काम पर जाते चार दिन ही हुए थे कि आरोपी ठेकेदार कुलदीप ने उसको काम के लिए दोपहर के समय बुलाया। ठेकेदार उनके गृह जिले का था तो उस पर विश्वास कर लिया था। आरोपी ने उसकी बेटी के साथ दुराचार कर हत्या कर दी। वे शाम को साढ़े पांच बजे बेटी को तलाश करने फैक्टरी भी गए थे, लेकिन किसी ने उनकी तरफ ध्यान नहीं दिया। उन्होंने डायल 122 पर फोन कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस सूचना मिलते ही मौके पर तो पहुंच गई, लेकिन आरोपी कुलदीप से सख्ताई से पूछताछ नहीं की। पुलिस उस समय सख्ताई से पूछ लेती तो उसकी बेटी जीवित मिलती।
न्याय के लिए हर दर पहुंचे
दंपति बेटी की तलाश को लेकर हर दर पर पहुंचे। उन्होंने थाना चांदनी बाग पुलिस में कई बार गुहार लगाई। इसके अलावा डीएसपी व एसपी के पास भी पहुंचे। उन्होंने 28 सितंबर को हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणू भाटिया को भी बेटी को तलाश करने गुहार लगाई। वे हर जगह थककर गृह मंत्री अनिल विज के पास पहुंचे। मंत्री ने एसपी को मामले में जांच कर बच्ची को तलाश करने के आदेश दिए।
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पुलिस सख्त हुई तो खुला हत्या का राज
एसपी ने सीआईए-वन को जांच सौंपी। सीआईए ने आरोपी कुलदीप को कई बार पूछताछ के लिए बुलाया। वह हर बार बयान बदलने लगा। पुलिस को उस पर शक गहराने लगा तो सीसीटीवी कैमरे की फुटेज जांची। इसके बाद ठेकेदार से सख्ताई से पूछताछ की। ठेकेदार पुलिस की सख्ताई के बाद पूरे मामले का खुलासा कर दिया। उसने बताया कि उसने बच्ची को काम के बहाने बुलाया था। उसके साथ दुराचार किया। बच्ची को दुराचार की बात किसी को न बताने की धमकी दी, लेकिन उसने उसके खिलाफ कार्रवाई कराने की धमकी दी। उसने उसका मुंह दबा दिया और ईंट से उसके चेहरे पर हमला कर दिया। उसकी हत्या तक ईंट से वार करता रहा। उसने शव को बोरे में डालकर तीसरी मंजिल स्थित कमरे में फेंक दिया। यहां पर कोई नहीं आता था।
तब घटना स्थल के पास मिले थे बेटी के चप्पल
परिजनों के अनुसार घटना के बाद जब वह अपनी बेटी को तलाशने घटना स्थल के समीप पहुंचे थे तो तब उन्हें वहां अपनी बेटी के चप्पल मिले थे। उन्होंने यह बात पुलिस को भी बताई थी। लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं किया। घटना के 55 दिन बाद वहीं कमरे से उसका शव बरामद हुआ। परिजनों आरोप है कि पुलिस आरोपी के खिलाफ सख्ताई करने के बजाय उसकी मेहमाननवाजी करती रही। जांच अधिकारी ने उनको एक हजार पर्चे छपवाने को कहा। बे काम धंधा छोड़कर अपनी बेटी की लगातार तलाश कर रहे थे।
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पिता ने बताया कि वह यूपी के हरदोई के एक गांव से हैं और वे लंबे समय पहले पानीपत सेक्टर-25 पार्ट टू स्थित फैक्टरी में काम करते हैं। उसकी 15 वर्षीय बेटी सेक्टर-25-टू स्थित फैक्टरी में काम करने जाने लगी। उसको फैक्टरी में काम पर जाते चार दिन ही हुए थे कि आरोपी ठेकेदार कुलदीप ने उसको काम के लिए दोपहर के समय बुलाया। ठेकेदार उनके गृह जिले का था तो उस पर विश्वास कर लिया था। आरोपी ने उसकी बेटी के साथ दुराचार कर हत्या कर दी। वे शाम को साढ़े पांच बजे बेटी को तलाश करने फैक्टरी भी गए थे, लेकिन किसी ने उनकी तरफ ध्यान नहीं दिया। उन्होंने डायल 122 पर फोन कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस सूचना मिलते ही मौके पर तो पहुंच गई, लेकिन आरोपी कुलदीप से सख्ताई से पूछताछ नहीं की। पुलिस उस समय सख्ताई से पूछ लेती तो उसकी बेटी जीवित मिलती।
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न्याय के लिए हर दर पहुंचे
दंपति बेटी की तलाश को लेकर हर दर पर पहुंचे। उन्होंने थाना चांदनी बाग पुलिस में कई बार गुहार लगाई। इसके अलावा डीएसपी व एसपी के पास भी पहुंचे। उन्होंने 28 सितंबर को हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणू भाटिया को भी बेटी को तलाश करने गुहार लगाई। वे हर जगह थककर गृह मंत्री अनिल विज के पास पहुंचे। मंत्री ने एसपी को मामले में जांच कर बच्ची को तलाश करने के आदेश दिए।
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पुलिस सख्त हुई तो खुला हत्या का राज
एसपी ने सीआईए-वन को जांच सौंपी। सीआईए ने आरोपी कुलदीप को कई बार पूछताछ के लिए बुलाया। वह हर बार बयान बदलने लगा। पुलिस को उस पर शक गहराने लगा तो सीसीटीवी कैमरे की फुटेज जांची। इसके बाद ठेकेदार से सख्ताई से पूछताछ की। ठेकेदार पुलिस की सख्ताई के बाद पूरे मामले का खुलासा कर दिया। उसने बताया कि उसने बच्ची को काम के बहाने बुलाया था। उसके साथ दुराचार किया। बच्ची को दुराचार की बात किसी को न बताने की धमकी दी, लेकिन उसने उसके खिलाफ कार्रवाई कराने की धमकी दी। उसने उसका मुंह दबा दिया और ईंट से उसके चेहरे पर हमला कर दिया। उसकी हत्या तक ईंट से वार करता रहा। उसने शव को बोरे में डालकर तीसरी मंजिल स्थित कमरे में फेंक दिया। यहां पर कोई नहीं आता था।
तब घटना स्थल के पास मिले थे बेटी के चप्पल
परिजनों के अनुसार घटना के बाद जब वह अपनी बेटी को तलाशने घटना स्थल के समीप पहुंचे थे तो तब उन्हें वहां अपनी बेटी के चप्पल मिले थे। उन्होंने यह बात पुलिस को भी बताई थी। लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं किया। घटना के 55 दिन बाद वहीं कमरे से उसका शव बरामद हुआ। परिजनों आरोप है कि पुलिस आरोपी के खिलाफ सख्ताई करने के बजाय उसकी मेहमाननवाजी करती रही। जांच अधिकारी ने उनको एक हजार पर्चे छपवाने को कहा। बे काम धंधा छोड़कर अपनी बेटी की लगातार तलाश कर रहे थे।