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Panipat News: विकास के दावों के बीच वार्ड-7 में समस्याओं का अंबार
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पानीपत। वार्ड-सात में इन पांच वर्षों में विकास बहुत हुआ। लोगों को सामुदायिक केंद्र की सुविधा मिलने के साथ पार्कों में सैर करने को जगह मिली और यहां ओपन जिम लगी। अमृत योजना में सीवर व पेयजल पाइपलाइन बिछने की यह बड़ी सुविधा भी लोगों को मिली। इन सबके बीच वार्ड में आज भी कई मायनों में विकास कार्य की कमी नजर आ रही है। यहां कई जगह गंदगी जमा है।
वार्ड-सात शहरी विधानसभा के अंतर्गत आता है। शहर के उत्तर-पूर्व दिशा स्थित वार्ड की कई कॉलोनियों से एक समय में निकल पाना भी मुश्किल था। गलियों में पानी जमा रहता था और लोगों को सड़क भी नहीं मिल पा रही थी। करीब 12138 मतदाताओं वाले इस वार्ड के कई क्षेत्रों में विकास कार्य हुआ है। नगर निगम के चुनाव की घोषणा के साथ वार्ड में पार्षद को लेकर सरगर्मी बढ़ गई है। एससी आरक्षित वार्ड में दावेदारों की लंबी सूची है। भाजपा में ही अशोक कटारिया के अलावा पूर्व डिप्टी मेयर रविंद्र फूले समेत कई दावेदार हैं। दूसरी तरफ कांग्रेस और आम आदमी पार्टी भी वार्ड से अपना उम्मीदवार उतार रही है।
कई कॉलोनियों में गंदगी का आलम
वार्ड में विकास कार्यों को लेकर लोगों की मिली-जुली राय है। हरबीर और नीरज ने बताया कि पहले कई कॉलोनियों में निकलने का रास्ता नहीं मिलता था। यहां घुटनों तक दूषित पानी जमा रहता था। पिछले पांच साल में कॉलोनियों में सीवर व पेयजल पाइपलाइन बिछाई गई हैं। अब लोगों को शहर में रहने जैसा महसूस हुआ है। अजमेर और विकास ने बताया कि कई कॉलोनियों में कई गलियां कच्ची पड़ी हैं। इसके साथ ही गंदगी का आलम बना हुआ है। इसमें सुधार लाने की जरूरत है।
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कोट्स
निवर्तमान पार्षद अशोक कटारिया ने बताया कि वार्ड में आधा दर्जन सामुदायिक केंद्र बनवाए गए हैं। यहां अब लोग अपने सामूहिक कार्य आसानी के साथ कर सकते हैं। उनको इससे पहले आयोजन के लिए गली या खाली प्लॉट में टेंट लगाने पड़ते थे। वार्ड में लगने वाले कई पार्कों में सुंदरीकरण के साथ ओपन जिम लगवाई हैं। वार्ड में पेयजल और पानी निकासी के भी प्रबंध किए गए हैं।
कोट्स
पूर्व मेयर सुरेश वर्मा ने बताया कि वार्ड में विकास के दावे खोखले हैं। लोगों को किसी प्रकार की सुविधा नहीं मिल पा रही है। गली व नाले कच्चे पड़े हैं। बरसाती सीजन में लोगों को बीमारी फैलने का डर सताता रहता है। वार्ड में कई पुराने काम आज भी अधूरे पड़े हैं। इनको सिरे नहीं चढ़ाया जा सका है।
वार्ड-सात शहरी विधानसभा के अंतर्गत आता है। शहर के उत्तर-पूर्व दिशा स्थित वार्ड की कई कॉलोनियों से एक समय में निकल पाना भी मुश्किल था। गलियों में पानी जमा रहता था और लोगों को सड़क भी नहीं मिल पा रही थी। करीब 12138 मतदाताओं वाले इस वार्ड के कई क्षेत्रों में विकास कार्य हुआ है। नगर निगम के चुनाव की घोषणा के साथ वार्ड में पार्षद को लेकर सरगर्मी बढ़ गई है। एससी आरक्षित वार्ड में दावेदारों की लंबी सूची है। भाजपा में ही अशोक कटारिया के अलावा पूर्व डिप्टी मेयर रविंद्र फूले समेत कई दावेदार हैं। दूसरी तरफ कांग्रेस और आम आदमी पार्टी भी वार्ड से अपना उम्मीदवार उतार रही है।
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कई कॉलोनियों में गंदगी का आलम
वार्ड में विकास कार्यों को लेकर लोगों की मिली-जुली राय है। हरबीर और नीरज ने बताया कि पहले कई कॉलोनियों में निकलने का रास्ता नहीं मिलता था। यहां घुटनों तक दूषित पानी जमा रहता था। पिछले पांच साल में कॉलोनियों में सीवर व पेयजल पाइपलाइन बिछाई गई हैं। अब लोगों को शहर में रहने जैसा महसूस हुआ है। अजमेर और विकास ने बताया कि कई कॉलोनियों में कई गलियां कच्ची पड़ी हैं। इसके साथ ही गंदगी का आलम बना हुआ है। इसमें सुधार लाने की जरूरत है।
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निवर्तमान पार्षद अशोक कटारिया ने बताया कि वार्ड में आधा दर्जन सामुदायिक केंद्र बनवाए गए हैं। यहां अब लोग अपने सामूहिक कार्य आसानी के साथ कर सकते हैं। उनको इससे पहले आयोजन के लिए गली या खाली प्लॉट में टेंट लगाने पड़ते थे। वार्ड में लगने वाले कई पार्कों में सुंदरीकरण के साथ ओपन जिम लगवाई हैं। वार्ड में पेयजल और पानी निकासी के भी प्रबंध किए गए हैं।
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पूर्व मेयर सुरेश वर्मा ने बताया कि वार्ड में विकास के दावे खोखले हैं। लोगों को किसी प्रकार की सुविधा नहीं मिल पा रही है। गली व नाले कच्चे पड़े हैं। बरसाती सीजन में लोगों को बीमारी फैलने का डर सताता रहता है। वार्ड में कई पुराने काम आज भी अधूरे पड़े हैं। इनको सिरे नहीं चढ़ाया जा सका है।