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Panipat News: बदलती जीवनशैली से बढ़े शारीरिक रोग, अब फिजियोथेरेपी की जरूरत
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विश्व फिजियोथेरेपी दिवस
- जिला नागरिक अस्पताल में फिजियोथेरेपी के लिए 12 बेड की सुविधा, ओपीडी 70 तक पहुंची
संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। लगातार लंबे समय तक कुर्सी पर बैठे रहने व बदलती जीवनशैली के कारण लोगों में फिजियोथेरेपी की मांग बढ़ने लगी है। पहले लोग ज्यादातर काम हाथ से करते थे, जिससे उन्हें अलग से व्यायाम करने की ज्यादा आवश्यकता नहीं होती थी पर आज ज्यादातर काम मशीनों से होने लगे हैं। ऐसे में लोगों में फिजियोथेरेपी व व्यायाम करने की जरूरत बढ़ने लगी है। जहां पहले जिला नागरिक अस्पताल में फिजियोथेरेपी के मरीजों की ओपीडी एक महीने में मुश्किल से 30 होती थी, अब प्रतिदिन की ओपीडी 70 के करीब पहुंच रही है।
जिला नागरिक अस्पताल की फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. नेहा बंसल ने बताया कि अब युवाओं का लक्ष्य केवल नौकरी पाने का होता है। इसके बाद उनको कार्यालय में लक्ष्य मिलते हैं। वे इनको पूरा करने में लग जाते हैं। ऐसे में उनकाे खुद के लिए समय नहीं मिल पाता। इन सबके चलते उनको कई तरह की शारीरिक दिक्कत आनी शुरू हो जाती है।
पिछले दिनों में देखा कि 30 से 45 साल की उम्र के लोग भी फिजियोथेरेपी करा रहे हैं। इनमें कई में लंबे समय तक बैठे रहने और कई में लगातार खड़े रहने से दिक्कत आ जाती है। ऐसे में लंबे समय तक लगातार कुर्सी पर नहीं बैठना चाहिए। इससे दिक्कत बढ़ जाती है। उनको हर आधे या एक घंटे में कुर्सी से उठना चाहिए। समालखा की सुनीता ने बताया कि उसका पांच महीने पहले हादसे में दाएं हाथ ने काम करना बंद कर दिया था। निजी अस्पताल से लगभग दो महीना इलाज कराया। इसके बाद भी हाथ में आराम नहीं आया। वह समालखा से हर रोज जिला नागरिक अस्पताल आ रही हैं। उनके हाथ में लगभग 70 प्रतिशत आराम है।
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जिला नागरिक अस्पताल में बढ़ रही सुविधा
डॉ. नेहा बंसल ने बताया कि पहले लोग निजी अस्पतालों में इलाज करवाने को प्राथमिकता देते थे लेकिन समय के साथ लोग जिला नागरिक अस्पताल में आ रहे हैं। अस्पताल में माइक्रोडायोथर्मी मशीन, टेन्श मशीन, अल्ट्रासोनिक मशीन, ट्रैक्शन मशीन, सयूमलेटर मशीन, स्ट्रेटिक, वैक्स बाथ, सॉल्डर विल, फिंगर लेडर व सीपीएम उपलब्ध हैं।
जिला नागरिक अस्पताल में बच्चों, युवा व बुजुर्गों के लिए अलग-अलग फिजियोथेरेपिस्ट हैं। अस्पताल में इसके 12 बेड की सुविधा है। जिससे मरीजों को अच्छे से इलाज मिल पा रहा है।
- डॉ. विजय मलिक, सीएमओ
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- जिला नागरिक अस्पताल में फिजियोथेरेपी के लिए 12 बेड की सुविधा, ओपीडी 70 तक पहुंची
संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। लगातार लंबे समय तक कुर्सी पर बैठे रहने व बदलती जीवनशैली के कारण लोगों में फिजियोथेरेपी की मांग बढ़ने लगी है। पहले लोग ज्यादातर काम हाथ से करते थे, जिससे उन्हें अलग से व्यायाम करने की ज्यादा आवश्यकता नहीं होती थी पर आज ज्यादातर काम मशीनों से होने लगे हैं। ऐसे में लोगों में फिजियोथेरेपी व व्यायाम करने की जरूरत बढ़ने लगी है। जहां पहले जिला नागरिक अस्पताल में फिजियोथेरेपी के मरीजों की ओपीडी एक महीने में मुश्किल से 30 होती थी, अब प्रतिदिन की ओपीडी 70 के करीब पहुंच रही है।
जिला नागरिक अस्पताल की फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. नेहा बंसल ने बताया कि अब युवाओं का लक्ष्य केवल नौकरी पाने का होता है। इसके बाद उनको कार्यालय में लक्ष्य मिलते हैं। वे इनको पूरा करने में लग जाते हैं। ऐसे में उनकाे खुद के लिए समय नहीं मिल पाता। इन सबके चलते उनको कई तरह की शारीरिक दिक्कत आनी शुरू हो जाती है।
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पिछले दिनों में देखा कि 30 से 45 साल की उम्र के लोग भी फिजियोथेरेपी करा रहे हैं। इनमें कई में लंबे समय तक बैठे रहने और कई में लगातार खड़े रहने से दिक्कत आ जाती है। ऐसे में लंबे समय तक लगातार कुर्सी पर नहीं बैठना चाहिए। इससे दिक्कत बढ़ जाती है। उनको हर आधे या एक घंटे में कुर्सी से उठना चाहिए। समालखा की सुनीता ने बताया कि उसका पांच महीने पहले हादसे में दाएं हाथ ने काम करना बंद कर दिया था। निजी अस्पताल से लगभग दो महीना इलाज कराया। इसके बाद भी हाथ में आराम नहीं आया। वह समालखा से हर रोज जिला नागरिक अस्पताल आ रही हैं। उनके हाथ में लगभग 70 प्रतिशत आराम है।
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जिला नागरिक अस्पताल में बढ़ रही सुविधा
डॉ. नेहा बंसल ने बताया कि पहले लोग निजी अस्पतालों में इलाज करवाने को प्राथमिकता देते थे लेकिन समय के साथ लोग जिला नागरिक अस्पताल में आ रहे हैं। अस्पताल में माइक्रोडायोथर्मी मशीन, टेन्श मशीन, अल्ट्रासोनिक मशीन, ट्रैक्शन मशीन, सयूमलेटर मशीन, स्ट्रेटिक, वैक्स बाथ, सॉल्डर विल, फिंगर लेडर व सीपीएम उपलब्ध हैं।
जिला नागरिक अस्पताल में बच्चों, युवा व बुजुर्गों के लिए अलग-अलग फिजियोथेरेपिस्ट हैं। अस्पताल में इसके 12 बेड की सुविधा है। जिससे मरीजों को अच्छे से इलाज मिल पा रहा है।
- डॉ. विजय मलिक, सीएमओ