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Haryana: पेट्रोल पंप डीलर्स ने कमीशन न बढ़ाने पर एक फरवरी से हड़ताल जाने की दी चेतावनी
Fri, 19 Jan 2024 12:18 AM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत (हरियाणा)
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Fri, 19 Jan 2024 12:18 AM IST
सार
पेट्रोलियम डीलर्स वेलफेयर एसोसिएशन हरियाणा के बैनर तले एक घंटे सांकेतिक धरना दिया। पंप संचालकों का आरोप है कि वे करीब सात साल से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं।
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पानीपत रिफाइनरी के मार्केटिंग कार्यालय पर प्रदर्शन कर नारेबाजी करते पेट्रोल पंप डीलर।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
हरियाणा के पेट्रोल पंप संचालकों ने एक फरवरी से हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। वे करीब एक सप्ताह तक हड़ताल पर रहेंगे। इसमें भारत, हिंदुस्तान और इंडियन ऑयल तीनों कंपनी के पंप संचालक शामिल होंगे। पंप संचालकों की चेतावनी से रिफाइनरी के साथ अन्य लोगों की चिंता बढ़ गई है। पंप संचालकों का आरोप है कि तेल कंपनियों ने छह साल से कमीशन नहीं बढ़ाई है। वे इसकी लंबे समय से मांग कर रहे हैं। जबकि एलपीजी के डीलरों की कमीशन बढ़ा दी गई है।
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पेट्रोलियम डीलर्स वेलफेयर एसोसिएशन हरियाणा ने अपनी मांगों को लेकर आईओसीएल की पानीपत रिफाइनरी के मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स पर गुरुवार को दोपहर 12 बजे से एक बजे तक सांकेतिक धरना दिया। इसकी अध्यक्षता प्रदेशाध्यक्ष संजीव चौधरी ने की।
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उनकी अगुवाई में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड के चेयरमैन के नाम मांगपत्र सौंपा। इसकी प्रति प्रधानमंत्री कार्यालय, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्यमंत्री और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक मंत्रालय के सचिव को भी दी है।
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संजीव चौधरी ने कहा कि डीलर मार्जिन को हर साल जनवरी और जुलाई में दो बार संशोधित किया जाता था, लेकिन इसको नहीं बढ़ाया गया। तेल विपणन कंपनियों और डीलर प्रतिनिधियों के बीच चार नवंबर 2016 को बैठक में इसे दोहराया गया पिछले छह वर्षों से किसी भी संशोधन से वंचित रखा गया है। जिससे अधिकांश डीलरों के लिए जीवन यापन करना मुश्किल हो गया है।
डीलरों ने कोविड-19 के दौरान भारी पूंजीगत नुकसान के बावजूद देश की सेवा करने का फैसला किया और उसी अवधि के दौरान लाभ कमाने वाली ओएमसी द्वारा मुआवजा नहीं दिया गया। 2016 के बाद से पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें लगभग दोगुनी हो गई हैं, लेकिन डीलर मार्जिन नहीं बढ़ाया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेशभर के सैकड़ों पंप घाटे में हैं और ये सब बंद होने के कगार पर हैं। सरकार 31 जनवरी तक उनकी मांगों को लागू नहीं करती है तो वे सब एक दिसंबर को सामूहिक रूप से पेट्रोल पंप बंद कर हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे। इस मौके पर अंकित अनेजा, सुखप्रीत सिंह, दिलप्रीत सिंह और रमेश माटा मौजूद रहे।
मार्जिन में यह स्लैब वृद्धि चाहते हैं
- 150 किलोलीटर तक पंप संचालक को 1.8 प्रतिशत मार्जिन दिया जाए।
- 150से 300 किलोमीटर के लिए 2.7 प्रतिशत।
- 300 से 450 किलोमीटर के लिए 3.6 प्रतिशत।