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पानीपत: सेक्टरों में चार मंजिला इमारतों की पॉलिसी से हो रही लोगों को परेशानी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 13 Feb 2023 09:00 AM IST
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People are facing problems due to the policy of four storey buildings in sectors
पानीपत। एचएसवीपी के सेक्टरों में चार मंजिला इमारत बनाने से लोगों को परेशानी हो रही है। इससे साथ लगते पुराने मकानों में दरारें तक आने लगी हैं। इसके अलावा लोगों को जनसंख्या के अनुसार सीवरेज और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हो रही हैं। जिस सेक्टर में प्लॉटों के हिसाब से जनसंख्या बसाने की योजना थी, चार मंजिला से उनमें जनसंख्या की दर चार गुना तक बढ़ गई है। जबकि वहां सीवर और पानी के कनेक्शन प्लाटों के हिसाब से हैं।
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अब एक प्लॉट पर चार मंजिल बनने से सीवर-पानी और सड़कों की क्षमता चार गुना तक होनी चाहिए थी। इसके साथ साथ लगते पुराने मकानों में दरारें तक आनी शुरू हो चुकी हैं। लोगों की इस बढ़ती परेशानी को देखते हुए रविवार को सेक्टर 24 आरडब्ल्यूए की बैठक भी हुई। इसमें प्रधान कवल सिंह सहारण ने इस पॉलिसी के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत कर दी है। अब उनका लक्ष्य शहर के सभी सेक्टरों में इसे लेकर जागरूकता फैलाना है।
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बता दें कि हरियाणा स्टेट सेक्टर कंफेडरेशन की ओर से चार से पांच मंजिला इमारत पॉलिसी का विरोध प्रदेश भर में चल रहा है। इस अभियान के दौरान प्रदेश के सभी सेक्टरों में रहने वाले लोगों के हस्ताक्षर लिए जाएंगे और इसे सरकार के पास भेजा जाएगा। इसके ाद भी अगर इस समस्या का समाधान नहीं होता है तो कंफेडरेशन, सभी आरडब्ल्यूए के साथ मिलकर नई रणनीति इख्तियार करेगी।
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सेक्टर 24 आरडब्ल्यूए प्रधान कवल सिंह सहारन ने बताया कि इस बैठक में सर्वसम्मति से सेक्टरों में चार या पांच मंजिला इमारतों एवं अपार्टमेंट बनाने की सरकार की पॉलिसी का विरोध किया गया है।

इस दौरान इस प्रकार से सेक्टरों में बनने वाली बहुमंजिला इमारतों पर तुंरत रोक लगाए जाने पर भी सहमति बनी। जिन साथ लगते पुराने घरों में इन बहुमंजिला इमारतों की वजह से जो भी नुकसान हुआ है उन्हें इसका उचित मुआवजा भी मिलना चाहिए। प्रधान सहारन ने कहा कि सेक्टरों में पानी के बिल अन्य कॉलोनियों से चार गुना बढ़ चुुके हैं, उनको एक समान किया जाए। सरकार द्वारा उचित कदम न उठाने पर यह फैसला लिया गया कि पूरे हरियाणा से एक लाख हस्ताक्षर करवाकर जिला उपायुक्त के माध्यम से सरकार को सौंपा जाएगा। इसके बाद समाधान न होने पर आगामी कार्रवाई तय की जाएगी।
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