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Panipat News: ज्यादा नमक और फास्ट फूड खाकर उच्च रक्तचाप के शिकार हो रहे लोग
Sun, 17 May 2026 01:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Sun, 17 May 2026 01:01 AM IST
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मरीजों को खाने के बारे में समझाती स्टाफ नर्स रीना। संवाद
पानीपत। बदलता खान-पान लोगों को बीमार बना रहा है। आज के समय में लोग ज्यादा नमक और फास्ट फूड खाने लगे हैं, जिससे उच्च रक्तचाप (बीपी) की समस्या बढ़ रही है। जिला नागरिक अस्पताल में एक माह में करीब 400 मरीज बीपी के पहुंच रहे हैं। इनमें बुजुर्ग, युवा और बच्चे भी शामिल हैं। चिकित्सक लोगों को ज्यादा नमक न खाने और फास्ट फूड के परहेज करने की सलाह दे रहे हैं।
जिला अस्पताल में इस साल जनवरी माह में 424, फरवरी में 459, मार्च में 352 और अप्रैल में 403 मरीज बीपी के मरीज पहुंचे। बच्चों में बदलते खान-पान से यह समस्या ज्यादा बढ़ रही है। एनसीडी (गैर-संचारी) विशेषज्ञ डॉ. प्रीति ने बताया कि बीपी बढ़ने का मुख्य कारण नमक का ज्यादा सेवन, तेल का एक बार प्रयोग करने के बाद बार-बार उसी तेल का प्रयोग करना, जिससे कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है। युवाओं में होने का मुख्य कारण धूम्रपान, तंबाकू, ऐल्कोहॉल का सेवन करना है। इसके शुरुआती लक्षण में घबराहट रहना, चक्कर आना, थकावट महसूस करना, सांस लेने में समस्या होना, सिर में दर्द रहना हैं। इससे बचाव के लिए हमें नमक का कम प्रयोग करना चाहिए, एक बार प्रयोग तेल का दोबारा प्रयोग नहीं करना चाहिए, ज्यादा मसालेदार-फास्ट फूड के परहेज, सुबह-शाम व्यायाम करना चाहिए। शुरुआती लक्षण दिखते ही चिकित्सक के परामर्श लेना चाहिए।
लोगों में समय के साथ बीपी की समस्या बढ़ रही है। लोगों को घर का खाना खाना चाहिए और अपनी दिनचर्या में योग, हरी पत्तेदार सब्जियां शामिल करनी चाहिए। डॉ. विशाल कौशिक, एनसीडी (गैर-संचारी रोग) अधिकारी, जिला नागरिक अस्पताल।
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जिला अस्पताल में इस साल जनवरी माह में 424, फरवरी में 459, मार्च में 352 और अप्रैल में 403 मरीज बीपी के मरीज पहुंचे। बच्चों में बदलते खान-पान से यह समस्या ज्यादा बढ़ रही है। एनसीडी (गैर-संचारी) विशेषज्ञ डॉ. प्रीति ने बताया कि बीपी बढ़ने का मुख्य कारण नमक का ज्यादा सेवन, तेल का एक बार प्रयोग करने के बाद बार-बार उसी तेल का प्रयोग करना, जिससे कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है। युवाओं में होने का मुख्य कारण धूम्रपान, तंबाकू, ऐल्कोहॉल का सेवन करना है। इसके शुरुआती लक्षण में घबराहट रहना, चक्कर आना, थकावट महसूस करना, सांस लेने में समस्या होना, सिर में दर्द रहना हैं। इससे बचाव के लिए हमें नमक का कम प्रयोग करना चाहिए, एक बार प्रयोग तेल का दोबारा प्रयोग नहीं करना चाहिए, ज्यादा मसालेदार-फास्ट फूड के परहेज, सुबह-शाम व्यायाम करना चाहिए। शुरुआती लक्षण दिखते ही चिकित्सक के परामर्श लेना चाहिए।
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लोगों में समय के साथ बीपी की समस्या बढ़ रही है। लोगों को घर का खाना खाना चाहिए और अपनी दिनचर्या में योग, हरी पत्तेदार सब्जियां शामिल करनी चाहिए। डॉ. विशाल कौशिक, एनसीडी (गैर-संचारी रोग) अधिकारी, जिला नागरिक अस्पताल।
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मरीजों को खाने के बारे में समझाती स्टाफ नर्स रीना। संवाद