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Panipat News: क्लेम न देने पर बीमा कंपनी पर लगाया जुर्माना
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पानीपत। पति की मौत के बाद वाहन बीमा कंपनी द्वारा क्लेम की धनराशि न देने पर उपभोक्ता आयोग ने सख्ती दिखाई है। बीमा कंपनी को क्लेम की धनराशि छह प्रतिशत ब्याज के साथ देने के आदेश दिए हैं।
आयोग के अध्यक्ष डॉ. आर के डोगरा, सदस्य विनीत कौशिक व डॉ. रेखा ने पीड़ित को मानसिक क्षतिपूर्ति के लिए 5500 रुपये और केस खर्च पांच हजार रुपये देने का आदेश दिया। मामला सेक्टर-13-17 का है। क्षेत्र की महिला अंजू ने उपभोक्ता आयोग में याचिका दाखिल की थी। उनका कहना था कि उनके पति कमल किशोर मई 2019 में एक्टिवा से सवार होकर अपनी दुकान पर जा रहे।
अचानक एक्टिवा के सामने एक कुत्ता आ गया। जिसे बचाने के चक्कर में एक्टिवा गिर गई और उनके पति को सिर में काफी चोट आई। उनकी उपचार के दौरान मौत हो गई। उन्होंने अपनी एक्टिवा का बीमा कंपनी ईफ्को टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनी से बीमा करा रखा था। पति की मौत के बाद उन्होंने कंपनी से एक लाख रुपये का क्लेम मांगा था। लेकिन, कंपनी ने शर्तों का हवाला देते हुए क्लेम के आवेदन को खारिज कर दिया। जिसके बाद अंजू ने उपभोक्ता आयोग में याचिका दाखिल की।
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मामले की सुनवाई करते हुए आयोग इस नतीजे पर पहुंचा कि मृतक की सड़क हादसे में मौत हुई थी और उनके पास वैध लाइसेंस था। आयोग के अध्यक्ष डॉ. आर के डोगरा ने बीमा कंपनी को क्लेम के एक लाख रुपये छह प्रतिशत ब्याज के साथ देने और कोर्ट खर्च के पांच हजार व मानसिक क्षतिपूर्ति के के लिए 5500 रुपये देने के आदेश दिए।
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आयोग के अध्यक्ष डॉ. आर के डोगरा, सदस्य विनीत कौशिक व डॉ. रेखा ने पीड़ित को मानसिक क्षतिपूर्ति के लिए 5500 रुपये और केस खर्च पांच हजार रुपये देने का आदेश दिया। मामला सेक्टर-13-17 का है। क्षेत्र की महिला अंजू ने उपभोक्ता आयोग में याचिका दाखिल की थी। उनका कहना था कि उनके पति कमल किशोर मई 2019 में एक्टिवा से सवार होकर अपनी दुकान पर जा रहे।
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अचानक एक्टिवा के सामने एक कुत्ता आ गया। जिसे बचाने के चक्कर में एक्टिवा गिर गई और उनके पति को सिर में काफी चोट आई। उनकी उपचार के दौरान मौत हो गई। उन्होंने अपनी एक्टिवा का बीमा कंपनी ईफ्को टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनी से बीमा करा रखा था। पति की मौत के बाद उन्होंने कंपनी से एक लाख रुपये का क्लेम मांगा था। लेकिन, कंपनी ने शर्तों का हवाला देते हुए क्लेम के आवेदन को खारिज कर दिया। जिसके बाद अंजू ने उपभोक्ता आयोग में याचिका दाखिल की।
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मामले की सुनवाई करते हुए आयोग इस नतीजे पर पहुंचा कि मृतक की सड़क हादसे में मौत हुई थी और उनके पास वैध लाइसेंस था। आयोग के अध्यक्ष डॉ. आर के डोगरा ने बीमा कंपनी को क्लेम के एक लाख रुपये छह प्रतिशत ब्याज के साथ देने और कोर्ट खर्च के पांच हजार व मानसिक क्षतिपूर्ति के के लिए 5500 रुपये देने के आदेश दिए।