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Panipat News: चलती ट्रेन दो हिस्सों में बटी तो यात्रियों की अटकी सांसें
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पानीपत/समालखा। हम ट्रेन में आराम से बैठे थे। कुछ यात्रियों को सीट नहीं मिल पाई थी तो वे सीटों के साथ खड़े थे। दैनिक यात्री अपनी बातों में लगे थे और सामान्य यात्री सुस्ता रहे थे। ट्रेन समालखा से निकलते ही अचानक रुक गई। पहले लगा कि किसी ने ट्रेन की चेन खींच दी, लेकिन बाहर कुछ अलग तरह की आवाज सुनाई दी तो खिड़की में आकर देखा तो ट्रेन दो हिस्सों में बटी थी। ट्रेन रुकने का कारण दूसरे यात्रियों को बताया तो कई हड़बड़ाते हुए नीचे उतरे।
यह बात पानीपत से कुरुक्षेत्र जाने वाले दैनिक यात्री कपिल को दिल्ली से अमृतसर जा रहे यात्री कृपाल सिंह और निशान सिंह ने बताई। कपिल ने बताया कि वह शान-ए-पंजाब ट्रेन में पानीपत से कुरुक्षेत्र अपडाउन करता है। पानीपत रेलवे स्टेशन पर ट्रेन पहुंचने का समय सुबह 7:50 का है, लेकिन बुधवार को ट्रेन लेट होती चली गई। उसके अलावा दूसरी ट्रेन भी उस तरफ से नहीं आ रही थी। ऊंंचाहार एक्सप्रेस भी पीछे ही रह गई थी। शान-ए-पंजाब सुबह करीब सवा नौ बजे पानीपत रेलवे स्टेशन पर पहुंची। वे सब पानीपत से सवार हुए तो यात्रियों के चेहरों पर डर और चिंता साफ झलक रहा था। यात्री पूरे रास्ते भगवान का नाम रटते रहे।
उल्लेखनीय है कि दो कोच को जोड़ने के लिए एक हुक का प्रयोग करते हैं। इसके साथ इसको एक मोटे लोहे के बोल्ट के साथ जोड़ते हैं। इसके नीचे एक पिन लगाई जाती है ताकि ट्रेन के कोच ऊपर नीचे होने पर हूक न निकल पाएं। बताया जा रहा है कि शान-ए-पंजाब ट्रेन के हुक में यह पिन नहीं लगाई गई थी। मनाना के पास ट्रैक ऊपर नीचे होने पर हुक निकल गया।
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समालखा से ट्रेन चलने के बाद पानीपत पहुंची। लोको पायलट ने इसकी पूरी जानकारी ट्रैफिक इंचार्ज घनश्याम मीना को दी। ट्रैफिक मैनेजर ने इसकी रिपोर्ट बनाकर आला अधिकारियों को दी। इसके बाद ट्रेन पानीपत से अमृतसर के लिए रवाना की। अधिकारी पायलट और गार्ड के साथ कपलिंग को लेकर उनके साथ संपर्क करते रहे। अंबाला रेलवे स्टेशन पर गार्ड ने फिर से कपलिंग को बारीकी से देखा। इसके बाद ट्रेन अमृतसर के लिए रवाना की। अमृतसर में तकनीकी टीम ने कपलिंग को जांचा। यह सामान्य मिला। ट्रेन रात को सामान्य तरह से वापस दिल्ली पहुंची। ट्रेन की गति मंगलवार को ही बढ़ाई थी रेलवे के एक जानकार ने बताया कि ट्रेन सोनीपत से चलने के बाद सीधे पानीपत रुकती है। इसको शाम को अमृतसर से दिल्ली वापस आना होता है। सामान्य रूप से ट्रेन की गति 110 से 120 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार होती है। मनाना , खलीला व दिवाना में रेलवे ओवरब्रिज बनने के चलते ट्रेन की गति 40 किलोमीटर प्रतिघंटे थी। 21 मार्च मंगलवार को इसकी गति बढ़ाकर 70 से 75 किलोमीटर की थी। इसी बीच ट्रेन की कपलिंग टूट गई।
पानीपत रेलवे स्टेशन के ट्रैफिक इंचार्ज घनश्याम मीना ने बताया कि ट्रेन पानीपत से अमृतसर तक सामान्य रूप से चली। ट्रेन में वापस आते समय भी किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हुई। पायलट और गार्ड दोनों से इसका फीडबैक लिया गया। इसकी रिपोर्ट मुख्यालय को भेज दी गई है। दिल्ली यार्ड में ट्रेन की जांच की जाएगी। इसमें कपलिंग टूटने के असल कारणों का पता लगाया जाएगा। आला अधिकारियों ने हादसे को गंभीरता के साथ लिया है और इसकी मंडल स्तर पर जांच कमेटी गठित की है।
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यह बात पानीपत से कुरुक्षेत्र जाने वाले दैनिक यात्री कपिल को दिल्ली से अमृतसर जा रहे यात्री कृपाल सिंह और निशान सिंह ने बताई। कपिल ने बताया कि वह शान-ए-पंजाब ट्रेन में पानीपत से कुरुक्षेत्र अपडाउन करता है। पानीपत रेलवे स्टेशन पर ट्रेन पहुंचने का समय सुबह 7:50 का है, लेकिन बुधवार को ट्रेन लेट होती चली गई। उसके अलावा दूसरी ट्रेन भी उस तरफ से नहीं आ रही थी। ऊंंचाहार एक्सप्रेस भी पीछे ही रह गई थी। शान-ए-पंजाब सुबह करीब सवा नौ बजे पानीपत रेलवे स्टेशन पर पहुंची। वे सब पानीपत से सवार हुए तो यात्रियों के चेहरों पर डर और चिंता साफ झलक रहा था। यात्री पूरे रास्ते भगवान का नाम रटते रहे।
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उल्लेखनीय है कि दो कोच को जोड़ने के लिए एक हुक का प्रयोग करते हैं। इसके साथ इसको एक मोटे लोहे के बोल्ट के साथ जोड़ते हैं। इसके नीचे एक पिन लगाई जाती है ताकि ट्रेन के कोच ऊपर नीचे होने पर हूक न निकल पाएं। बताया जा रहा है कि शान-ए-पंजाब ट्रेन के हुक में यह पिन नहीं लगाई गई थी। मनाना के पास ट्रैक ऊपर नीचे होने पर हुक निकल गया।
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समालखा से ट्रेन चलने के बाद पानीपत पहुंची। लोको पायलट ने इसकी पूरी जानकारी ट्रैफिक इंचार्ज घनश्याम मीना को दी। ट्रैफिक मैनेजर ने इसकी रिपोर्ट बनाकर आला अधिकारियों को दी। इसके बाद ट्रेन पानीपत से अमृतसर के लिए रवाना की। अधिकारी पायलट और गार्ड के साथ कपलिंग को लेकर उनके साथ संपर्क करते रहे। अंबाला रेलवे स्टेशन पर गार्ड ने फिर से कपलिंग को बारीकी से देखा। इसके बाद ट्रेन अमृतसर के लिए रवाना की। अमृतसर में तकनीकी टीम ने कपलिंग को जांचा। यह सामान्य मिला। ट्रेन रात को सामान्य तरह से वापस दिल्ली पहुंची। ट्रेन की गति मंगलवार को ही बढ़ाई थी रेलवे के एक जानकार ने बताया कि ट्रेन सोनीपत से चलने के बाद सीधे पानीपत रुकती है। इसको शाम को अमृतसर से दिल्ली वापस आना होता है। सामान्य रूप से ट्रेन की गति 110 से 120 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार होती है। मनाना , खलीला व दिवाना में रेलवे ओवरब्रिज बनने के चलते ट्रेन की गति 40 किलोमीटर प्रतिघंटे थी। 21 मार्च मंगलवार को इसकी गति बढ़ाकर 70 से 75 किलोमीटर की थी। इसी बीच ट्रेन की कपलिंग टूट गई।
पानीपत रेलवे स्टेशन के ट्रैफिक इंचार्ज घनश्याम मीना ने बताया कि ट्रेन पानीपत से अमृतसर तक सामान्य रूप से चली। ट्रेन में वापस आते समय भी किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हुई। पायलट और गार्ड दोनों से इसका फीडबैक लिया गया। इसकी रिपोर्ट मुख्यालय को भेज दी गई है। दिल्ली यार्ड में ट्रेन की जांच की जाएगी। इसमें कपलिंग टूटने के असल कारणों का पता लगाया जाएगा। आला अधिकारियों ने हादसे को गंभीरता के साथ लिया है और इसकी मंडल स्तर पर जांच कमेटी गठित की है।