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पेपरलेस रजिस्ट्री : खसरा नंबर और संपत्ति आईडी का नहीं हो रहा मिलान
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अंबाला। जिले की तहसीलों में पेपरलेस रजिस्ट्री का काम तो शुरू कर दिया है, मगर अभी भी इस नए सिस्टम में कई अड़चनें आ रही हैं। मंगलवार को भी अंबाला कैंट की तहसील में यही हाल दिखा। यहां रजिस्ट्री के दौरान कर्मचारियों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। वह जब ऑनलाइन खसरा नंबर और संपत्ति आईडी का मिलान करते हैं तो मिलान नहीं हो रहा है। इसी प्रकार व्यक्ति के सरनेम को लेकर भी अड़चनें आ रही हैं। वहीं आवेदक द्वारा अपलोड किए गए दस्तावेजों की पीडीएफ फाइल भी नहीं खुल पा रही है।
एक-एक फाइल को खोलने में 20 से 30 मिनट का समय लग रहा है। ऐसे में रजिस्ट्रियां तो हो रही हैं मगर गति काफी धीमी है। मंगलवार को कैंट में तीन रजिस्ट्री ही हो सकीं। जबकि आवेदन के लिए 11 आवेदन आए हुए थे और सात आवेदन स्वीकृत हो चुके हैं। इन 18 दिनों में 13 रजिस्ट्री ही कैंट में हो सकी हैं। जबकि एक दिन में 20 से 25 रजिस्ट्रियां इस तहसील में होती थीं।
दो पोर्टलों पर हो रहा कार्य, अधिकारिकारियों को आ रही दिक्कत
पेपरलेस रजिस्ट्री के लिए दो पोर्टल काम में लिए जा रहे हैं। जिसमें एक पोर्टल आम नागरिकों के लिए तो दूसरा पोर्टल तहसील के अधिकारियों के लिए है। ऑफिसर्स डॉट रेवेन्यू हरियाणा डॉट जीओवी डॉट इन के नाम के पोर्टल पर अधिकारी और कर्मचारी दस्तावेजों की जांच कर स्वीकृति देते हैं। इस पोर्टल पर अभी दिक्कत आ रही है। यह काफी धीमी गति से चल रहा है और मंगलवार को दो से तीन घंटे बंद भी रहा। वहीं दूसरा पोर्टल ई रजिस्ट्रेशन हरियाणा डॉट जीओवी डाॅट इन पर आवेदक व्यक्ति को रजिस्ट्री करवाने के लिए अपने दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने होते हैं। इसमें भी दस्तावेज अपलोड करने में दिक्कत पेश आ रही है।
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अवैध और वैध कॉलोनी का नहीं पता लग रहा अंतर
पोर्टल पर खसरा नंबर और अनप्रूव्ड संपत्ति आइडी में भी दिक्कत है। पोर्टल कभी तो सही काम करता है कभी अवैध और वैध संपत्ति क्षेत्र में अंतर नहीं कर पाता है। वहीं जमाबंदी में एकल नाम और संपत्ति में सरनेम न होने पर भी यह पोर्टल काम नहीं कर रहा है। जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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एक-एक फाइल को खोलने में 20 से 30 मिनट का समय लग रहा है। ऐसे में रजिस्ट्रियां तो हो रही हैं मगर गति काफी धीमी है। मंगलवार को कैंट में तीन रजिस्ट्री ही हो सकीं। जबकि आवेदन के लिए 11 आवेदन आए हुए थे और सात आवेदन स्वीकृत हो चुके हैं। इन 18 दिनों में 13 रजिस्ट्री ही कैंट में हो सकी हैं। जबकि एक दिन में 20 से 25 रजिस्ट्रियां इस तहसील में होती थीं।
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दो पोर्टलों पर हो रहा कार्य, अधिकारिकारियों को आ रही दिक्कत
पेपरलेस रजिस्ट्री के लिए दो पोर्टल काम में लिए जा रहे हैं। जिसमें एक पोर्टल आम नागरिकों के लिए तो दूसरा पोर्टल तहसील के अधिकारियों के लिए है। ऑफिसर्स डॉट रेवेन्यू हरियाणा डॉट जीओवी डॉट इन के नाम के पोर्टल पर अधिकारी और कर्मचारी दस्तावेजों की जांच कर स्वीकृति देते हैं। इस पोर्टल पर अभी दिक्कत आ रही है। यह काफी धीमी गति से चल रहा है और मंगलवार को दो से तीन घंटे बंद भी रहा। वहीं दूसरा पोर्टल ई रजिस्ट्रेशन हरियाणा डॉट जीओवी डाॅट इन पर आवेदक व्यक्ति को रजिस्ट्री करवाने के लिए अपने दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने होते हैं। इसमें भी दस्तावेज अपलोड करने में दिक्कत पेश आ रही है।
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अवैध और वैध कॉलोनी का नहीं पता लग रहा अंतर
पोर्टल पर खसरा नंबर और अनप्रूव्ड संपत्ति आइडी में भी दिक्कत है। पोर्टल कभी तो सही काम करता है कभी अवैध और वैध संपत्ति क्षेत्र में अंतर नहीं कर पाता है। वहीं जमाबंदी में एकल नाम और संपत्ति में सरनेम न होने पर भी यह पोर्टल काम नहीं कर रहा है। जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।