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Panipat News: पंवार व ढांडा तीसरी, विज दूसरी और भड़ाना पहली बार उतरे
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पानीपत। भाजपा ने नामांकन दाखिल करने के एक दिन पहले चारों विधानसभाओं पर अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। पानीपत ग्रामीण से पहले से ही टिकट पक्का मान चुके 50 वर्षीय महिपाल ढांडा को लगातार तीसरी बाद मैदान में उतारा गया है। पानीपत शहर से पूर्व सांसद संजय भाटिया की चर्चाओं के बीच 69 वर्षीय विधायक प्रमोद विज को लगातार दूसरी बार और 66 वर्षीय राज्यसभा सांसद कृष्णलाल पंवार को लगातार तीसरी बार इसराना से चेहरा बनाया है।
पंवार के दोनों हाथों में लड्डू हैं। वे विधानसभा चुनाव के बाद राज्यसभा सांसद को लेकर अपना फैसला ले सकते हैं। समालखा से नए चेहरे 42 वर्षीय मनमोहन भड़ाना को चुनाव मैदान में उतारा है। भाजपा ने चारों सीटों पर प्रत्याशी की छवि व मजबूती के साथ जातीय समीकरण को भी आधार बनाया है। इन सबके बीच भाजपा के टिकट पर पिछले दो चुनाव लड़ चुके शशिकांत कौशिक ने वीरवार को समालखा स्थित अपने कार्यालय में कार्यकर्ताओं की बैठक बुलाई है।
ढांडा हैट्रिक बनाने मैदान में उतरे
ग्रामीण विधायक व पंचायत और सहकारिता मंत्री महिपाल ढांडा पानीपत ग्रामीण विधानसभा से हैट्रिक बनाने के लिए मैदान में उतरे हैं। वे पार्टी के हलके में बड़े चेहरे हैं और लगातार दो बार विधायक और फिर नायब सिंह सरकार में पंचायत मंत्री बनना उनके टिकट का बड़ा आधार रहा। ढांडा को टिकट मिला तो वे हलके में थे। उन्होंने पार्टी आलाकमान और प्रदेश नेतृत्व का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि अब कार्यकर्ताओं का काम शुरू हो गया है। व हलके के हर घर व व्यक्ति तक पहुंचेंगे।
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विज के पिता पांच बार विधायक रहे, वे लगातार दूसरी बार उतरे
पानीपत शहर से विधायक प्रमोद विज को लगातार दूसरी बार मैदान में उतारा है। यहां पूर्व सांसद संजय भाटिया का भी नाम ऊपर चल रहा था, लेकिन संजय भाटिया ने प्रमोद विज का नाम प्रस्तावित किया। यहां गजेंद्र सलूजा, लोकेश नांगरू व पूर्व मेयर अवनीत कौर प्रमुख दावेदार थे। प्रमोद विज को टिकट मिला तो वे घर पर परिजनों और नजदीकियों के साथ थे। उन्होंने पार्टी नेतृत्व का आभार जताया है और दूसरी बार विधानसभा में पहुंचने का दावा किया है। विज ने कहा कि कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलते हैं और बाकी रुके कामों को बार बार पूरा कराएंगे।
पिछली हार का बदला लेने उतरेंगे पंवार
भाजपा ने इसराना विधानसभा से राज्यसभा सांसद कृष्णलाल पंवार को मैदान में उतारा है। कृष्णलाल पंवार अपनी पिछली हार का बदला लेने मैदान में उतरेंगे। उन्हाेंने पार्टी नेतृत्व का आभार जताया है। कृष्णलाल पंवार पहले अपने बेटे अनिल पंवार के टिकट पर जोर लगा रहे थे, लेकिन पार्टी के सर्वे व अन्य रिपोर्ट के बाद पंवार को खुद आगे आना पड़ा। यहां से पूर्व विधायक रामफल चिडाना, जिला महामंत्री रोशनलाल माहला, पूर्व प्रदेश सचिव सत्यवान शेरा बड़े दावेदार थे। हालांंकि यहां से अशोक तंवर का भी दो बार नाम चला। उनके सामने कांग्रेस बलबीर वाल्मीकि मैदान में उतार सकती है।
समालखा से गुर्जर चेहरा मनमोहन भड़ाना, पिता हलके से ले चुके हैं सन्यास
भाजपा ने समालखा विधानसभा से गुर्जर चेहरा मनमोहन भड़ाना को मैदान में उतारा है। वे पिछले दो महीने पहले हलके में आए हैं। उनसे पहले उनके पिता करतार सिंह भड़ाना समालखा से विधायक रहे हैं। वे यही से विधायक बनकर सहकारिता मंत्री बनें। वे समालखा हलके की राजनीति से सन्यास ले चुके हैं। भाजपा को यहां से कांग्रेस के धर्म सिंह छौक्कर के सामने मजबूत गुर्जर चेहरे की तलाश थी। हालांकि संजय छौक्कर, कृष्ण किवाना गुर्जर चेहरा होने के नाते तैयारी कर रहे थे। इनके साथ पिछले दो विधानसभा में भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके शशिकांत तीसरी बार भी तैयारी में थे। मनमोहन भड़ाना ने पार्टी नेतृत्व का आभार जताया है। उनके सामने धर्म सिंह छौक्कर की कार्यकर्ताओं के बीच मजबूत पकड़ बड़ी चुनौती होगी। वहीं शशिकांत कौशिक के कार्यकर्ताओं की बैठक बुलाने के बाद नए समीकरणों पर भी सबकी नजर है।
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पंवार के दोनों हाथों में लड्डू हैं। वे विधानसभा चुनाव के बाद राज्यसभा सांसद को लेकर अपना फैसला ले सकते हैं। समालखा से नए चेहरे 42 वर्षीय मनमोहन भड़ाना को चुनाव मैदान में उतारा है। भाजपा ने चारों सीटों पर प्रत्याशी की छवि व मजबूती के साथ जातीय समीकरण को भी आधार बनाया है। इन सबके बीच भाजपा के टिकट पर पिछले दो चुनाव लड़ चुके शशिकांत कौशिक ने वीरवार को समालखा स्थित अपने कार्यालय में कार्यकर्ताओं की बैठक बुलाई है।
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ढांडा हैट्रिक बनाने मैदान में उतरे
ग्रामीण विधायक व पंचायत और सहकारिता मंत्री महिपाल ढांडा पानीपत ग्रामीण विधानसभा से हैट्रिक बनाने के लिए मैदान में उतरे हैं। वे पार्टी के हलके में बड़े चेहरे हैं और लगातार दो बार विधायक और फिर नायब सिंह सरकार में पंचायत मंत्री बनना उनके टिकट का बड़ा आधार रहा। ढांडा को टिकट मिला तो वे हलके में थे। उन्होंने पार्टी आलाकमान और प्रदेश नेतृत्व का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि अब कार्यकर्ताओं का काम शुरू हो गया है। व हलके के हर घर व व्यक्ति तक पहुंचेंगे।
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विज के पिता पांच बार विधायक रहे, वे लगातार दूसरी बार उतरे
पानीपत शहर से विधायक प्रमोद विज को लगातार दूसरी बार मैदान में उतारा है। यहां पूर्व सांसद संजय भाटिया का भी नाम ऊपर चल रहा था, लेकिन संजय भाटिया ने प्रमोद विज का नाम प्रस्तावित किया। यहां गजेंद्र सलूजा, लोकेश नांगरू व पूर्व मेयर अवनीत कौर प्रमुख दावेदार थे। प्रमोद विज को टिकट मिला तो वे घर पर परिजनों और नजदीकियों के साथ थे। उन्होंने पार्टी नेतृत्व का आभार जताया है और दूसरी बार विधानसभा में पहुंचने का दावा किया है। विज ने कहा कि कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलते हैं और बाकी रुके कामों को बार बार पूरा कराएंगे।
पिछली हार का बदला लेने उतरेंगे पंवार
भाजपा ने इसराना विधानसभा से राज्यसभा सांसद कृष्णलाल पंवार को मैदान में उतारा है। कृष्णलाल पंवार अपनी पिछली हार का बदला लेने मैदान में उतरेंगे। उन्हाेंने पार्टी नेतृत्व का आभार जताया है। कृष्णलाल पंवार पहले अपने बेटे अनिल पंवार के टिकट पर जोर लगा रहे थे, लेकिन पार्टी के सर्वे व अन्य रिपोर्ट के बाद पंवार को खुद आगे आना पड़ा। यहां से पूर्व विधायक रामफल चिडाना, जिला महामंत्री रोशनलाल माहला, पूर्व प्रदेश सचिव सत्यवान शेरा बड़े दावेदार थे। हालांंकि यहां से अशोक तंवर का भी दो बार नाम चला। उनके सामने कांग्रेस बलबीर वाल्मीकि मैदान में उतार सकती है।
समालखा से गुर्जर चेहरा मनमोहन भड़ाना, पिता हलके से ले चुके हैं सन्यास
भाजपा ने समालखा विधानसभा से गुर्जर चेहरा मनमोहन भड़ाना को मैदान में उतारा है। वे पिछले दो महीने पहले हलके में आए हैं। उनसे पहले उनके पिता करतार सिंह भड़ाना समालखा से विधायक रहे हैं। वे यही से विधायक बनकर सहकारिता मंत्री बनें। वे समालखा हलके की राजनीति से सन्यास ले चुके हैं। भाजपा को यहां से कांग्रेस के धर्म सिंह छौक्कर के सामने मजबूत गुर्जर चेहरे की तलाश थी। हालांकि संजय छौक्कर, कृष्ण किवाना गुर्जर चेहरा होने के नाते तैयारी कर रहे थे। इनके साथ पिछले दो विधानसभा में भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके शशिकांत तीसरी बार भी तैयारी में थे। मनमोहन भड़ाना ने पार्टी नेतृत्व का आभार जताया है। उनके सामने धर्म सिंह छौक्कर की कार्यकर्ताओं के बीच मजबूत पकड़ बड़ी चुनौती होगी। वहीं शशिकांत कौशिक के कार्यकर्ताओं की बैठक बुलाने के बाद नए समीकरणों पर भी सबकी नजर है।