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Panipat : उद्यमी के दिलोदिमाग पर सटोरियों की दहशत... थाने में फूट-फूटकर रोया, उसकी गुहार पर पुलिस लाचार

Sat, 03 Aug 2024 01:08 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, पानीपत
अमर उजाला नेटवर्क, पानीपत Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 03 Aug 2024 01:08 AM IST
सार

शुक्रवार को परिजनों और पूर्व मेयर भूपेंद्र सिंह के साथ थाने पहुंचा अक्षय फूट-फूटकर रोने लगा। उसने स्वयं के साथ ही सट्टेबाजों के चंगुल में फंसे अन्य युवाओं को बचाने की गुहार लगाई। दूसरी ओर मामले में कार्रवाई से पुलिस बेबस और लाचार नजर आई।

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Panipat: Terror oon the mind and heart of the entrepreneur, cried bitterly in police station.
कारोबारी ने सुनाई आपबीती - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सट्टेबाजों के चंगुल में फंसकर एक उद्यमी ने 10 माह के भीतर ही 22 करोड़ रुपये गंवा दिए। उसकी फैक्टरी बिक गई और कारोबार चौपट हो गया। इसके बाद घर पर सुसाइड नोट छोड़कर चला गया। परिजनों की खोजबीन और प्रयास से पांच दिन बाद अक्षय-(26) घर तो आ गया, लेकिन सट्टेबाजों की दशहत उसके दिलो दिमाग पर कायम है। शुक्रवार को परिजनों और पूर्व मेयर भूपेंद्र सिंह के साथ थाने पहुंचा अक्षय फूट-फूटकर रोने लगा। उसने स्वयं के साथ ही सट्टेबाजों के चंगुल में फंसे अन्य युवाओं को बचाने की गुहार लगाई। दूसरी ओर मामले में कार्रवाई से पुलिस बेबस और लाचार नजर आई।

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विदित हो कि उद्यमी अक्षय की गंगापुरी रोड पर धागा फैक्ट्री थी। उसके पिता राजकुमार गाबा ने अपने इकलौते बेटे को सारा कारोबार सौंप दिया था। दोनों पिता-पुत्र फैक्ट्री संभाल रहे थे। करीब 10 माह पहले अक्षय सटोरियों के संपर्क में आया। जिन्होंने उसे बताया कि क्रिकेट वर्ल्ड कप, आईपीएल और चुनाव में ऑनलाइन सट्टा लगाकर वह करोड़ों रुपये कमा सकता है। लालच में पड़कर अक्षय ने ऑनलाइन सट्टा लगाना शुरू कर दिया और धीरे-धीरे कर्ज के दलदल में फंसता चला गया। सट्टा कारोबारियों के उत्पीड़न और दबाव में उसने फैक्टरी तक बेच दी। 
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इसके बाद भी कर्ज का बोझ उतार न सका। आरोप है कि अब भी सट्टा कारोबारी उससे 40 लाख रुपये की डिमांड कर रहे हैं और न देने तक प्रतिदिन एक लाख रुपये का ब्याज वसूलने के लिए दबाव डाल रहे हैं। यही कारण है कि 26 जुलाई को वह सुसाइड नोट छोड़कर चला गया था, लेकिन परिजनों की चिंता, प्यार और भरोसा उसे दो दिन पहले फिर वापस ले आया। परिजनों और शुभचिंतकों के तमाम हौसला देने के बाद भी सट्टा कारोबारियों की दहशत उसके चेहरे पर हर समय देखी जा सकती है। यही कारण है कि शुक्रवार को चांदनीबाग थाने में पुलिस के समक्ष वह फूट फूटकर रोने लगा। यह देख पिता राजकुमार गाबा भी भावुक होकर रो पड़े। 
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उन्होंने पुलिस से गुहार लगाई कि करोड़ों रुपये गंवाने के बाद उनका बेटा तो किसी तरह से बच गया, लेकिन सट्टा कारोबारियों के चंगुल में शहर के अभी कई युवा फंसे हैं। उन्होंने आरोपी सटोरियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और फंसे युवाओं को छुड़ाने की गुहार लगाई। दूसरी ओर मामले में कार्रवाई से पुलिस ने हाथ खड़े कर दिए। चांदनी बाग थाने के एसएचओ एक घंटा तक परिजनों को यह समझाने की कोशिश करते रहे कि सटोरियो पर कार्रवाई नहीं बनती। कारण कि अक्षय ने अपने फायदे के लिए लालच में पड़कर करोड़ों की रकम गंवाई है।


थाना प्रभारी बोले-अभी लिखित शिकायत नहीं मिली
उद्यमी अक्षय और उनके पिता राजकुमार भले ही घंटों चांदनीबाग थाने में सटोरियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन थाना प्रभारी राकेश कुमार का कहना है कि मामले में अभी अक्षय की ओर से लिखित शिकायत नहीं मिली है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है। इसके बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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