फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   panipat, matlauda, raice, buy, system, fail

मतलौडा अनाजमंडी में धान खरीद का ऑनलाइन सिस्टम फेल

Sat, 05 Nov 2016 12:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/ पानीपत
ब्यूरो/अमर उजाला/ पानीपत Updated Sat, 05 Nov 2016 12:25 AM IST
विज्ञापन
panipat, matlauda, raice, buy, system, fail
पानीपत - फोटो : bureau
अनाज मंडी में धान की ऑनलाइन खरीद का सिस्टम फेल हो चुका है। ऑनलाइन के नाम पर मार्केट कमेटी के अधिकारी सरकार को भी धोखे में रखे हुए हैं। व्यापारियों ने किसानों की जीरी को पहले की तरह औने पौने दामों में खरीदना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन


स्थानीय अनाजमंडी में अब तक धान का एक दाना भी ऑनलाइन नहीं बेचा गया। सारी धान को लोकल आढ़ती (एक्सपोर्टर के  आदमी) ही खरीद कर रहे हैं। इनके द्वारा की गई खरीद के आंकड़े एकत्रित कर कर मार्केट कमेटी के अधिकारी ऑनलाइन कर सरकार को अपनी उपलब्धि बता रहे हैं।
विज्ञापन


यह है मंडी की हकीकत
मंडी में दोपहर एक बजे धान की बोली शुरू होती है। करीब 35 खरीददारों में से 5 से 7 ही बोली में शामिल होते हैं। इनकी आपसी मिलीभगत के चलते बोली पर कोई भी खुलकर रेट नहीं लगाता। एक या दो घंटे तक खरीद कर उस दिन का भाव तय कर लिया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


आगे धान की मांग न होने का बहाना बनाकर बोली को बीच में ही छोड़ देते हैं। इसके बाद किसानों के धान के मनमाना रेट लगा दिया जाता है। मंडी के 30-35 व्यापारी मंडी में फैल जाते हैं और धान की मांग न होने का दावा कर धान मनमाने ढंग से खरीद लेते हैं।

किसान भी मजबूरी में धान बेच देता है। सरकार के नियम के मुताबिक सुबह 10 से शाम पांच बजे तक धान की खुली बोली कर खरीदने के आदेश हैं। लेकिन, मार्केट कमेटी के अधिकारियों की मिलीभगत के चलते दोपहर एक बजे बोली शुरू होकर दो या तीन बजे तक होती है।

किसानों के सपने हो रहे चकनाचूर
मतलौडा अनाज मंडी में करीब 135 आढ़तियों की दुकानें है। यहां पर धान के सीजन में 250 करोड़ रुपये का बिजनेस होता है। करीब 20 हजार से ज्यादा किसान यहां अपनी फसल बेचते हैं। लेकिन, मंडी में किसानों के सपने चकनाचूर हो रहे हैं।

मंडी में ऑनलाइन सिस्टम लागू करने के लिए सरकार ने कमेटी कार्यालय में करीब 15 लाख रुपये से लैब स्थापित की थी। यह बेकार हो रही है। करीब 15 कर्मचारी अतिरिक्त लगाए गए थे। वो भी यहां टाइम पास कर रहे हैं। किसान रामफल, मामन, सतबीर, जोगेंद्र


ने बताया कि बोली पर कोई व्यापारी खुश नहीं है। एक घंटे बाद धान की मांग न होने की बात कहकर बोली बंद कर दी जाती है।

मंडी में नियमित और नियमों के अनुसार ही धान की खरीद की जा रही है। किसानों के साथ किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जा रही। आढ़ती ही धन बिकवाने के लिए आगे नहीं आ रहे।
 रणजीत सिंह, मंडी सुपरवाइजर, मार्किट कमेटी मतलौडा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed