फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   panipat, education, 12th, student, Mother-daughter

मां ने दो बेटियों संग फर्स्ट डिवीजन में पास की बारहवीं

Tue, 10 Jun 2014 11:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/पानीपत
अमर उजाला ब्यूरो/पानीपत Updated Tue, 10 Jun 2014 11:30 PM IST
विज्ञापन
panipat, education, 12th, student, Mother-daughter
पढ़ने-लिखने की उम्र नहीं होती है। गांव पट्टी कल्याणा की दो छात्राओं सहित उनकी मां ने बारहवीं की परीक्षा दी थी। जिसमें दोनों बेटियों ने मां से बाजी मारते हुए ज्यादा अंक प्राप्त किए।
विज्ञापन


मां का कहना है कि मन में आगे पढ़ने की इच्छा और बेटियों द्वारा बढ़ावा देने के कारण ही उसने बारहवीं की परीक्षा दी थी। सोमवार को हरियाणा शिक्षा बोर्ड ओपन की बारहवीं कक्षा का परिणाम घोषित होने के साथ ही गांव पट्टी कल्याणा की रेणू और काजल की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
विज्ञापन


क्योंकि उनकी मां ने बारहवीं में 500 में से 311 अंक लेेकर फर्स्ट डिवीजन में परीक्षा उत्तीर्ण की थी। कुछ दिन पहले घोषित बारहवीं की रेगुलर परीक्षा में नॉन मेेडिकल संकाय में बड़ी बेटी रेणू ने 321 तथा छोटी बेटी काजल ने 351 अंक प्राप्त किए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


पत्रकारों से बातचीत में बेटियों की मां ममता ने बताया कि 1995 में शादी के कारण वह दसवीं से आगे नहीं पढ़ पाई थी। लेकिन अब बच्चे बडे़ हो गए और उन्होंने प्रोत्साहित किया।

इसी के चलते ही गृहस्थी के बावजूद वह परीक्षा उत्तीर्ण कर सकी। उन्होंने बताया कि उनके पति राजकुमार ने भी उनका साथ दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने बच्चों पर गर्व है क्योंकि उन्होंने प्रोत्साहित किया जिससे वह बारहवीं अच्छे अंकों के साथ पास कर सकी।

शिक्षा समय की मांग
ममता की बेटी रेणू और काजल का कहना है कि शिक्षित होना समय की मांग है और शिक्षा के बिना आगे नहीं बढ़ा जा सकता। उन्होंने कहा कि अपनी मम्मी की आगे पढ़ने की इच्छा को समझते हुए उन्हें प्रोत्साहित किया।

मम्मी को सिखाई ग्रामर
रेणू व काजल ने बताया कि मां ममता को बारहवीं के विभिन्न विषयों को लेकर ज्यादा परेशानी नहीं हुई। लेकिन उन्हें इंग्लिश ग्रामर में थोड़ी बहुत दिक्कत आती थी। जिस पर उन दोनों बहनों ने लगन से उन्हें इंग्लिश ग्रामर के बारे में बताया।


बेटियां बनना चाहती हैं लेक्चरर
समालखा में भापरा रोड स्थित राजकीय सीसे स्कूल में नॉन मेडिकल संकाय से बारहवीं उत्तीण करने वाली दोनाें बहनें रेणू व काजल ने बताया कि वह दोनों लेक्चरर बनना चाहती है ताकि समाज को शिक्षित कर सकें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed