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डॉक्टरों ने मांगा पंजाब के समान वेतन
अमर उजाला ब्यूरो/पानीपत
Updated Fri, 11 Jul 2014 11:56 PM IST
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स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों ने पंजाब के समान वेतनमान की मांग पर काले बिल्ले लगाकर रोष जताया। डॉक्टरों ने मांगों को लागू न करने पर संघर्ष की चेतावनी दी है।
एचसीएमएस एसोसिएशन के बैनर तले स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों ने शुक्रवार को काले बिल्ले लगाकर शांतिपूर्ण ढंग से विरोध किया। उन्होंने बैठक में सरकार की अनदेखी पर रोष व्यक्त किया।
इसकी अगुवाई प्रधान डॉ. एसके नागपाल व उपप्रधान डॉ. एसके गुप्ता ने की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के डॉक्टरों को दूसरे प्रदेशों की अपेक्षा वेतनमान कम दिया जा रहा है।
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पंजाब के डॉक्टरों को प्रदेश से ज्यादा वेतन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा डॉक्टरों को क्लास वन स्टेट्स एंट्री लेवल पर दिया जाए, स्पेशलिस्ट कैडर में शामिल किया जाए।
उन्होंने कहा कि वे अपनी मांगों को कई बार सरकार के सामने रख चुके हैं, लेकिन अभी तक आश्वासन ही मिले हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों, सीएचसी और पीएचसी में पर्याप्त सुविधा न होने पर भी डॉक्टरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि सराकर डॉक्टरों की मांगों को लागू नहीं करती है तो वे भी संघर्ष के रास्ते पर जाने को मजबूर होंगे।
इस मौके पर एमएस डॉ. भूपेश चौधरी, डॉ. श्याम लाल, डॉ. राघवेंद्र, डॉ. मोना नागपाल, डॉ. प्रीति, डॉ. पवन गोयल, डॉ. योगेश व डॉ. अमित शर्मा मौजूद रहे।
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एचसीएमएस एसोसिएशन के बैनर तले स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों ने शुक्रवार को काले बिल्ले लगाकर शांतिपूर्ण ढंग से विरोध किया। उन्होंने बैठक में सरकार की अनदेखी पर रोष व्यक्त किया।
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इसकी अगुवाई प्रधान डॉ. एसके नागपाल व उपप्रधान डॉ. एसके गुप्ता ने की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के डॉक्टरों को दूसरे प्रदेशों की अपेक्षा वेतनमान कम दिया जा रहा है।
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पंजाब के डॉक्टरों को प्रदेश से ज्यादा वेतन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा डॉक्टरों को क्लास वन स्टेट्स एंट्री लेवल पर दिया जाए, स्पेशलिस्ट कैडर में शामिल किया जाए।
उन्होंने कहा कि वे अपनी मांगों को कई बार सरकार के सामने रख चुके हैं, लेकिन अभी तक आश्वासन ही मिले हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों, सीएचसी और पीएचसी में पर्याप्त सुविधा न होने पर भी डॉक्टरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि सराकर डॉक्टरों की मांगों को लागू नहीं करती है तो वे भी संघर्ष के रास्ते पर जाने को मजबूर होंगे।
इस मौके पर एमएस डॉ. भूपेश चौधरी, डॉ. श्याम लाल, डॉ. राघवेंद्र, डॉ. मोना नागपाल, डॉ. प्रीति, डॉ. पवन गोयल, डॉ. योगेश व डॉ. अमित शर्मा मौजूद रहे।