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करोड़ों का था खेल लेकिन हो गया फेल...
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पानीपत। किला क्षेत्र में रामलीला नाटक के लिए निगम से किराये पर ली गई हाफिजाबादी वाली जमीन को निगम अधिकारियों ने एक बड़े षड्यंत्र के तहत भूमाफिया को सौंपने का काम किया था। जब इसकी पोल खुली तो निगम अधिकारियों व कर्मचारियों ने अपनी गलती भी मानी। इस पर शहरी नेताओं ने उन्हें गलती सुधारने को कहा। तब सोमवार रात को ही निगम अधिकारियों ने हाफिजाबादी नाटक क्लब की जमीन को फिर से सील कर दिया।
ऐसे बनाया था षड्यंत्र
हाफिजाबादी की जमीन को रामलीला के लिए निगम से किराये पर लिया गया था। संस्था ने एक लांड्री वाले को इसका कुछ हिस्सा सबलेट करते हुए किराये पर दे दिया। एक षड्यंत्र के तहत निगम के कई अधिकारियों ने इस जमीन को भूमाफिया को सौंपने के लिए अपनी ही जमीन का 17 लाख रुपये प्रॉपर्टी टैक्स बना इसे सील कर दिया। इसके बाद मिलीभगत से लांड्री वाले को कोर्ट से इसका किराया भरवाने की अपील करवाई गई। निगम ने मिलीभगत कर असल अलॉटी को दरकिनार करते हुए सबलेट किरायेदार से कोर्ट में निगम के नाम किराया तक भरवा दिया गया और कोर्ट से सबलेट किरायेदार को किराया जमा करवाने की रसीद थमा दी गई।
अब कागजों में निगम की तरफ से असल अलॉटी हाफिजाबादी संस्था की जगह सबलेट किरायेदार उक्त जमीन पर काबिज बन गया। इस पर संस्था पदाधिकारियों ने आपत्ति जताते हुए मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर से पूरे मामले की छानबीन करने की गुहार लगाई। पूरा प्रकरण संज्ञान में आने के बाद मेयर व सीनियर डिप्टी मेयर ने निगम के एडीए, रेंट ब्रांच के क्लर्क और प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच के क्लर्क को कार्यालय में बुलाकर सच्चाई पूछी। क्रॉस वेरिफिकेशन में निगम अधिकारियों व कर्मचारियों ने ही अपने आप सारे राज उगल दिए। इसके बाद नेताओं ने तीनों निगम अधिकारियों व कर्मचारियों की क्लास ली। इसके बाद मामला शहरी और ग्रामीण विधायक के संज्ञान में लाया गया। सोमवार को ही पीडब्लयूडी रेस्ट हाउस में शहरी ओर ग्रामीण विधायक, मेयर, सीपनियर डिप्टी मेयर, डिप्टी मेयर समेत, निगम आयुक्त व संबंधित तीनों निगम अधिकारी व कर्मचारियों को तलब किया गया। फिर से तीनों की क्लास हुई।
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आपने गलत काम किया, आपके खिलाफ बनती है एफआईआर
जब पूरा प्रकरण सभी नेताओं के सामने स्पष्ट हो गया तो मीटिंग में मौजूद सभी नेताओं ने कहा कि असल दोषी तो निगम अधिकारी व कर्मचारी हैं। क्यों न इनपर कार्रवाई की जाए और एफआईआर दर्ज करवाई जाए। इस पर निगम अधिकारी व कर्मचारी टूट गए और अपनी गलती को स्वीकार करते हुए जमीन को दोबारा सील करने की बात कही। इसके चलते सोमवार रात को ही जमीन को सील कर दिया गया।
किसी को भी निगम की जमीन नहीं हड़पने देंगे
निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों ने मिलीभगत कर प्लानिंग की थी लेकिन इसे पकड़ लिया गया। उन्होंने अपनी गलती स्वीकार कर ली है। किसी को भी निगम की जमीन को हड़पने नहीं दिया जाएगा। इस कड़ी में आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
दुष्यंत भट्ट, सीनियर डिप्टी मेयर, नगर निगम, पानीपत।
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ऐसे बनाया था षड्यंत्र
हाफिजाबादी की जमीन को रामलीला के लिए निगम से किराये पर लिया गया था। संस्था ने एक लांड्री वाले को इसका कुछ हिस्सा सबलेट करते हुए किराये पर दे दिया। एक षड्यंत्र के तहत निगम के कई अधिकारियों ने इस जमीन को भूमाफिया को सौंपने के लिए अपनी ही जमीन का 17 लाख रुपये प्रॉपर्टी टैक्स बना इसे सील कर दिया। इसके बाद मिलीभगत से लांड्री वाले को कोर्ट से इसका किराया भरवाने की अपील करवाई गई। निगम ने मिलीभगत कर असल अलॉटी को दरकिनार करते हुए सबलेट किरायेदार से कोर्ट में निगम के नाम किराया तक भरवा दिया गया और कोर्ट से सबलेट किरायेदार को किराया जमा करवाने की रसीद थमा दी गई।
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अब कागजों में निगम की तरफ से असल अलॉटी हाफिजाबादी संस्था की जगह सबलेट किरायेदार उक्त जमीन पर काबिज बन गया। इस पर संस्था पदाधिकारियों ने आपत्ति जताते हुए मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर से पूरे मामले की छानबीन करने की गुहार लगाई। पूरा प्रकरण संज्ञान में आने के बाद मेयर व सीनियर डिप्टी मेयर ने निगम के एडीए, रेंट ब्रांच के क्लर्क और प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच के क्लर्क को कार्यालय में बुलाकर सच्चाई पूछी। क्रॉस वेरिफिकेशन में निगम अधिकारियों व कर्मचारियों ने ही अपने आप सारे राज उगल दिए। इसके बाद नेताओं ने तीनों निगम अधिकारियों व कर्मचारियों की क्लास ली। इसके बाद मामला शहरी और ग्रामीण विधायक के संज्ञान में लाया गया। सोमवार को ही पीडब्लयूडी रेस्ट हाउस में शहरी ओर ग्रामीण विधायक, मेयर, सीपनियर डिप्टी मेयर, डिप्टी मेयर समेत, निगम आयुक्त व संबंधित तीनों निगम अधिकारी व कर्मचारियों को तलब किया गया। फिर से तीनों की क्लास हुई।
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आपने गलत काम किया, आपके खिलाफ बनती है एफआईआर
जब पूरा प्रकरण सभी नेताओं के सामने स्पष्ट हो गया तो मीटिंग में मौजूद सभी नेताओं ने कहा कि असल दोषी तो निगम अधिकारी व कर्मचारी हैं। क्यों न इनपर कार्रवाई की जाए और एफआईआर दर्ज करवाई जाए। इस पर निगम अधिकारी व कर्मचारी टूट गए और अपनी गलती को स्वीकार करते हुए जमीन को दोबारा सील करने की बात कही। इसके चलते सोमवार रात को ही जमीन को सील कर दिया गया।
किसी को भी निगम की जमीन नहीं हड़पने देंगे
निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों ने मिलीभगत कर प्लानिंग की थी लेकिन इसे पकड़ लिया गया। उन्होंने अपनी गलती स्वीकार कर ली है। किसी को भी निगम की जमीन को हड़पने नहीं दिया जाएगा। इस कड़ी में आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
दुष्यंत भट्ट, सीनियर डिप्टी मेयर, नगर निगम, पानीपत।