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दो सौ वकीलों के जब्त होंगे चैंबर
अमर उजाला, पानीपत
Updated Sun, 01 Jun 2014 12:18 AM IST
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जिला बार एसोसिएशन के दो सौ वकील बिजली बिल के डिफाल्टर हैं। कई ऐसे भी वकील हैं जिन्होंने दो-दो साल से बिल तक नहीं भरा।
चैंबर्स कंस्ट्रक्शन कमेटी ने ऐसे वकीलों से निपटने के लिए खुद रास्ता बना लिया है और इनको बिल की राशि जमा कराने के लिए 10 जुलाई तक का समय दिया है।
ऐसा न करने पर उनके चैंबर जब्त किए जा सकते हैं। जिला कोर्ट के नए भवन में इस समय करीब पांच सौ वकीलों के चैंबर हैं। बाकी वकीलों को अपने चैंबर दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
पांच सौ वकीलों में आधे वकील बिजली का बिल तक नहीं भर रहे। सोसाइटी को बिजली निगम के डिफाल्टर से बचने के लिए खुद बिल जमा कराना पड़ रहा है। ऐसे में लगातार बिजली मिलने से वकीलों ने भी बिल जमा कराने में अनदेखी शुरू कर दी।
20 लाख है बकाया, समय अवधि तय की
जिला बार एसोसिएशन के करीब दौ सौ वकीलों का 20 लाख रुपये बिजली का बिल पेंडिंग है। यह राशि सोसाइटी बिजली निगम में जमा करा चुकी है।
सोसाइटी बिलों पर वकीलों की से सख्त हो गई है। सोसाइटी ने ऐसे वकीलों को बिजली का बिल अदा करने के लिए 40 दिन यानी 10 जुलाई तक का समय दिया है। इसके बाद बिल जमा न करा पाने वाले वकीलों के चैंबर जब्त कर लिए जाएंगे।
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ये आ रही है दिक्कत
पानीपत बार मेंबर्स चैंबर सोसाइटी चैंबर में सुविधा व रख-रखाव पर ध्यान रखती है। यहां के चौकीदार, सफाई कर्मी व पार्क सहित अन्य खर्च वकीलों एक एकत्रित किए गए फंड से निकालकर देने पड़ते हैं। सोसाइटी द्वारा बिजली निगम के डिफाल्टर से बचने के लिए बिजली का बिल जमा करा दिया। ऐसे में सोसाइटी को कर्मियों को वेतन देने व अन्य खर्च निकालने मुश्किल हो रहे हैं।
सोसाइटी व बार की बैठक में मंथन
पानीपत बार मेंबर्स चैंबर सोसाइटी चैंबर की बैठक शनिवार को हुई। जिसमें जिला बार एसोसिएशन के प्रधान व उप प्रधान भी शामिल हुए। जिसमें वकीलों को बिजली की आने वाली मुश्किलों व बिजली के बिलों पर विचार विमर्श किया गया।
सोसाइटी के प्रधान एडवोकेट रितेश शर्मा ने बताया कि वकीलों के भवन में रखा बिजली का ट्रांसफार्मर 10 दिन में तीन बार जल चुका है। वे निगम के एसडीओ व एक्सईएन से ट्रांसफार्मर की कैपेसिटी बढ़ाने की कई बार मांग कर चुके हैं, लेकिन उनको एक बार भी संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका है।
वे अपनी मांग को लेकर उपायुक्त को भी मिल चुके हैं। डीसी ने भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया। वे 150 केवीए के ट्रांसफार्मर की कैपेसिटी पांच सौ केवीए करने की मांग कर रहे हैं। ट्रांसफार्मर के बार-बार जलने व बिजली चले जाने से वकीलों के साथ आने वाले लोगों को भी परेशानी होती है।
उन्होंने कहा कि कुछ वकील बिजली का बिल नहीं भर रहे हैं। जिससे सोसाइटी को खर्च चलाने में काफी परेशानी हो रही है। जिसमें वकीलों को 10 जुलाई तक का समय देकर चैंबर जब्त करने का फैसला लिया।
इस मौके पर सोसाइटी के सचिव राजपाल कश्यप, कार्यकारी सदस्य तेजबीर खर्ब, खजांची अशोक ग्रोवर, सह सचिव सतीश वर्मा, जिला बार एसोसिएशन के प्रधान सतेंद्र सिंह व उप प्रधान सूरज अग्रवाल मौजूद रहे।
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चैंबर्स कंस्ट्रक्शन कमेटी ने ऐसे वकीलों से निपटने के लिए खुद रास्ता बना लिया है और इनको बिल की राशि जमा कराने के लिए 10 जुलाई तक का समय दिया है।
ऐसा न करने पर उनके चैंबर जब्त किए जा सकते हैं। जिला कोर्ट के नए भवन में इस समय करीब पांच सौ वकीलों के चैंबर हैं। बाकी वकीलों को अपने चैंबर दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
पांच सौ वकीलों में आधे वकील बिजली का बिल तक नहीं भर रहे। सोसाइटी को बिजली निगम के डिफाल्टर से बचने के लिए खुद बिल जमा कराना पड़ रहा है। ऐसे में लगातार बिजली मिलने से वकीलों ने भी बिल जमा कराने में अनदेखी शुरू कर दी।
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20 लाख है बकाया, समय अवधि तय की
जिला बार एसोसिएशन के करीब दौ सौ वकीलों का 20 लाख रुपये बिजली का बिल पेंडिंग है। यह राशि सोसाइटी बिजली निगम में जमा करा चुकी है।
सोसाइटी बिलों पर वकीलों की से सख्त हो गई है। सोसाइटी ने ऐसे वकीलों को बिजली का बिल अदा करने के लिए 40 दिन यानी 10 जुलाई तक का समय दिया है। इसके बाद बिल जमा न करा पाने वाले वकीलों के चैंबर जब्त कर लिए जाएंगे।
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ये आ रही है दिक्कत
पानीपत बार मेंबर्स चैंबर सोसाइटी चैंबर में सुविधा व रख-रखाव पर ध्यान रखती है। यहां के चौकीदार, सफाई कर्मी व पार्क सहित अन्य खर्च वकीलों एक एकत्रित किए गए फंड से निकालकर देने पड़ते हैं। सोसाइटी द्वारा बिजली निगम के डिफाल्टर से बचने के लिए बिजली का बिल जमा करा दिया। ऐसे में सोसाइटी को कर्मियों को वेतन देने व अन्य खर्च निकालने मुश्किल हो रहे हैं।
सोसाइटी व बार की बैठक में मंथन
पानीपत बार मेंबर्स चैंबर सोसाइटी चैंबर की बैठक शनिवार को हुई। जिसमें जिला बार एसोसिएशन के प्रधान व उप प्रधान भी शामिल हुए। जिसमें वकीलों को बिजली की आने वाली मुश्किलों व बिजली के बिलों पर विचार विमर्श किया गया।
सोसाइटी के प्रधान एडवोकेट रितेश शर्मा ने बताया कि वकीलों के भवन में रखा बिजली का ट्रांसफार्मर 10 दिन में तीन बार जल चुका है। वे निगम के एसडीओ व एक्सईएन से ट्रांसफार्मर की कैपेसिटी बढ़ाने की कई बार मांग कर चुके हैं, लेकिन उनको एक बार भी संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका है।
वे अपनी मांग को लेकर उपायुक्त को भी मिल चुके हैं। डीसी ने भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया। वे 150 केवीए के ट्रांसफार्मर की कैपेसिटी पांच सौ केवीए करने की मांग कर रहे हैं। ट्रांसफार्मर के बार-बार जलने व बिजली चले जाने से वकीलों के साथ आने वाले लोगों को भी परेशानी होती है।
उन्होंने कहा कि कुछ वकील बिजली का बिल नहीं भर रहे हैं। जिससे सोसाइटी को खर्च चलाने में काफी परेशानी हो रही है। जिसमें वकीलों को 10 जुलाई तक का समय देकर चैंबर जब्त करने का फैसला लिया।
इस मौके पर सोसाइटी के सचिव राजपाल कश्यप, कार्यकारी सदस्य तेजबीर खर्ब, खजांची अशोक ग्रोवर, सह सचिव सतीश वर्मा, जिला बार एसोसिएशन के प्रधान सतेंद्र सिंह व उप प्रधान सूरज अग्रवाल मौजूद रहे।