{"_id":"67c8b0fe8969fbc0fb0ad51f","slug":"organizing-capacity-building-programs-panipat-news-c-244-1-pnp1006-133206-2025-03-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: कैपिसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम का आयोजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: कैपिसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम का आयोजन
विज्ञापन
पानीपत। आईबीएल पब्लिक स्कूल में बुधवार को सीबीएसई पंचकूला की ओर से कैपिसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम का आयोजन किया गया। जिसमें नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क राष्ट्रीय पाठ्य चर्चा की रूपरेखा पर आधारित सेमिनार किया। मुख्यातिथि ब्राइट स्काॅलर स्कूल सोनीपत की प्रधानाचार्या किरण दलाल और स्वराज पब्लिक स्कूल यमुनानगर की प्रधानाचार्या ज्योति रहीं। स्कूल के प्रबंधक युधिष्ठिर मिगलानी व प्रधानाचार्या जयश्री गर्ग ने मुख्यातिथि को पौधा तथा शाल देकर उनको सम्मानित किया गया।
मुख्यातिथि ने एनसीएफ और एनइपी में अंतर बताया और कहा कि बच्चों को पंचकोश नजरिए से देखना चाहिए जिससे हर बच्चे का ज्ञानवर्धन हो। जैसे शारीरिक विकास, सामाजिक विकास, भावनात्मक विकास, नैतिक विकास उन्होंने स्मार्ट शब्द को भी विश्लेषित किया। अध्यापकों को क्रियात्मक कार्य दिया गया। जिससे उनके विषय से संबंधित मूल्यांकन किया गया। राष्ट्रीय पाठ्य चर्चा नीति एक दिशा निर्देश है।
इसके आधार पर पाठ्यक्रम, पाठ्य पुस्तकें शिक्षण प्रथा तय की जाती हैं। यह शिक्षा प्रणाली में सुधार करने का कार्य करता है। एनसीएफ के तहत सभी छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने की कोशिश की जाती है। एनसीएफ एक जादुई पिटारा शिक्षा प्रणाली है। जिसमें तीन से आठ साल के बच्चों के लिए खेल आधारित अध्ययन शिक्षण प्रणाली है। एनसीएफ भाषा सीखने, विषय संरचना, मूल्यांकन, रणनीतियों और पर्यावरण शिक्षा में बदलाव लाने में सहायक है। प्रधानाचार्या जयश्री गर्ग ने मुख्यातिथि का धन्यवाद किया। मंच संचालन रिया गांधी ने किया। इस मौके पर उप प्रधानाचार्या मीना तनेजा व प्रशासनिक अधिकारी गोबिंद कालड़ा उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुख्यातिथि ने एनसीएफ और एनइपी में अंतर बताया और कहा कि बच्चों को पंचकोश नजरिए से देखना चाहिए जिससे हर बच्चे का ज्ञानवर्धन हो। जैसे शारीरिक विकास, सामाजिक विकास, भावनात्मक विकास, नैतिक विकास उन्होंने स्मार्ट शब्द को भी विश्लेषित किया। अध्यापकों को क्रियात्मक कार्य दिया गया। जिससे उनके विषय से संबंधित मूल्यांकन किया गया। राष्ट्रीय पाठ्य चर्चा नीति एक दिशा निर्देश है।
विज्ञापन
इसके आधार पर पाठ्यक्रम, पाठ्य पुस्तकें शिक्षण प्रथा तय की जाती हैं। यह शिक्षा प्रणाली में सुधार करने का कार्य करता है। एनसीएफ के तहत सभी छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने की कोशिश की जाती है। एनसीएफ एक जादुई पिटारा शिक्षा प्रणाली है। जिसमें तीन से आठ साल के बच्चों के लिए खेल आधारित अध्ययन शिक्षण प्रणाली है। एनसीएफ भाषा सीखने, विषय संरचना, मूल्यांकन, रणनीतियों और पर्यावरण शिक्षा में बदलाव लाने में सहायक है। प्रधानाचार्या जयश्री गर्ग ने मुख्यातिथि का धन्यवाद किया। मंच संचालन रिया गांधी ने किया। इस मौके पर उप प्रधानाचार्या मीना तनेजा व प्रशासनिक अधिकारी गोबिंद कालड़ा उपस्थित रहे।
विज्ञापन