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सफाई टेंडर पर बुलाई ऑनलाइन प्री-बिड मीटिंग
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सफाई के टेंडर को लेकर एजेंसियों के प्रतिनिधियों के सवालों के जवाब देते हुए निगम एसई रमेश कुमार।
- फोटो : Panipat
पानीपत। शहर की सफाई के लिए लगाए गए चार जोन की टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने वाली एजेंसिंयों के सवालों या सुझावों को सुनने के लिए निगम अधिकारियों ने सोमवार को एक ऑनलाइन प्री-बिड मीटिंग बुलाई। इसमें दो एजेंसिंयों ने भाग लिया और निगम अधिकारियों से टेंडर प्रक्रिया पर सवाल किए। अधिकारियों ने जवाब दिया। इस बैठक में निगम आयुक्त समेत निगम एसई, एक्सईएन, सीएसआई को भी बुलाया गया था।
बैठक में पहुुंची गुरुग्राम की केसी इंटरप्राइजेज एजेंसी के प्रतिनिधियों ने निगम अधिकारियों से सवाल किए इस टेंडर में शहर की सफाई के लिए किसी प्रकार की मैनपावर और मशीनरी का जिक्र नहीं किया गया है। वहीं, शहर में मरने वाले पशुओं को दफनाने के साइंटिफिक तरीके को भी नहीं बताया गया है। इस पर निगम अधिकारियों ने जवाब दिया कि ये टेंडर एसबीडी यानी स्टैंडर्ड बिडिंग डॉक्यूमेंट के हिसाब से लगाया गया है। इसमें हर प्रकार की जानकारी है।
इसमें स्पष्ट तौर पर दर्शाया गया कि शहर की 978 किलोमीटर लंबी सड़कों और गलियों की सफाई की जानी है। वहीं, 2017-18 की वार्ड बंदी के अनुसार शहर की आबादी 7.13 लाख है। सरकार की ओर से निर्धारित मापदंडों के अनुसार आबादी और क्षेत्रफल के अनुसार कितने सफाई कर्मचारी चाहिए, वे एसबीडी में दिए गए हैं।
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वहीं, नगर निगम की सफाई कमेटी के निर्देशानुसार भी प्रति वार्ड करीब 40 सफाई कर्मचारी, 10 रिक्शा, दो ट्रैक्टर ट्राली, एक छोटा वाहन और एक जेसीबी मशीन अनिवार्य है। जो क्षेत्रफल और जनसंख्या के अनुसार सही है। इसके अलावा शहरी स्थानीय निकाय की ओर से इसलिए एसबीडी को जारी किया गया था कि इसमें सफाई के इन्हीं मापदंडों के अनुसार टेंडर को लगाया जाएगा। ये निगम का छठा प्रयास है। अब सफाई के टेंडर के बारे में निगम अधिकारियों ने बताया कि निगम की ओर से टेंडर की तकनीकी बिड 27 अप्रैल को खोली जाएगी। इसमें दस्तावेेजों में सही मिलने वाली एजेंसियों की ही फाइनेंशियल बिड खोली जाएगी। इसमें जिसका सबसे कम रेट होगा, टेंडर का वर्क ऑर्डर उसी एजेंसी को दिया जाएगा।
इस पर नगर निगम आयुक्त आरे सिंह ने बताया कि टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने वाली एजेंसियों के लिए एक प्री-बिड मीटिंग बुलाई गई थी। इसके लिए ऑनलाइन जानकारी तक अपलोड की गई थी। इसके चलते सोमवार का समय निर्धारित किया गया था। इस बैठक में दो एजेंसियों ने भाग लिया। निगम अधिकारियों ने उनके सभी सवालों का जवाब दे दिया है।
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बैठक में पहुुंची गुरुग्राम की केसी इंटरप्राइजेज एजेंसी के प्रतिनिधियों ने निगम अधिकारियों से सवाल किए इस टेंडर में शहर की सफाई के लिए किसी प्रकार की मैनपावर और मशीनरी का जिक्र नहीं किया गया है। वहीं, शहर में मरने वाले पशुओं को दफनाने के साइंटिफिक तरीके को भी नहीं बताया गया है। इस पर निगम अधिकारियों ने जवाब दिया कि ये टेंडर एसबीडी यानी स्टैंडर्ड बिडिंग डॉक्यूमेंट के हिसाब से लगाया गया है। इसमें हर प्रकार की जानकारी है।
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इसमें स्पष्ट तौर पर दर्शाया गया कि शहर की 978 किलोमीटर लंबी सड़कों और गलियों की सफाई की जानी है। वहीं, 2017-18 की वार्ड बंदी के अनुसार शहर की आबादी 7.13 लाख है। सरकार की ओर से निर्धारित मापदंडों के अनुसार आबादी और क्षेत्रफल के अनुसार कितने सफाई कर्मचारी चाहिए, वे एसबीडी में दिए गए हैं।
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वहीं, नगर निगम की सफाई कमेटी के निर्देशानुसार भी प्रति वार्ड करीब 40 सफाई कर्मचारी, 10 रिक्शा, दो ट्रैक्टर ट्राली, एक छोटा वाहन और एक जेसीबी मशीन अनिवार्य है। जो क्षेत्रफल और जनसंख्या के अनुसार सही है। इसके अलावा शहरी स्थानीय निकाय की ओर से इसलिए एसबीडी को जारी किया गया था कि इसमें सफाई के इन्हीं मापदंडों के अनुसार टेंडर को लगाया जाएगा। ये निगम का छठा प्रयास है। अब सफाई के टेंडर के बारे में निगम अधिकारियों ने बताया कि निगम की ओर से टेंडर की तकनीकी बिड 27 अप्रैल को खोली जाएगी। इसमें दस्तावेेजों में सही मिलने वाली एजेंसियों की ही फाइनेंशियल बिड खोली जाएगी। इसमें जिसका सबसे कम रेट होगा, टेंडर का वर्क ऑर्डर उसी एजेंसी को दिया जाएगा।
इस पर नगर निगम आयुक्त आरे सिंह ने बताया कि टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने वाली एजेंसियों के लिए एक प्री-बिड मीटिंग बुलाई गई थी। इसके लिए ऑनलाइन जानकारी तक अपलोड की गई थी। इसके चलते सोमवार का समय निर्धारित किया गया था। इस बैठक में दो एजेंसियों ने भाग लिया। निगम अधिकारियों ने उनके सभी सवालों का जवाब दे दिया है।