{"_id":"5e62ac838ebc3eeb1d5e1a62","slug":"one-year-crime-graf-pnaipat-panipat-news-knl245222140","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक साल में 12 पुलिस अधिकारी व कर्मचारी हो चुके हैं भ्रष्टाचार व ब्लैकमेलिंग के मामले में संस्पेंड व एक गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक साल में 12 पुलिस अधिकारी व कर्मचारी हो चुके हैं भ्रष्टाचार व ब्लैकमेलिंग के मामले में संस्पेंड व एक गिरफ्तार
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सख्त निर्देश के बावजूद भी पुलिस विभाग की खाकी पर लगातार भ्रष्टाचार का दाग लगना जारी है। एक साल में कुल 10 से अधिक पुलिसकर्मी रिश्वत के मामले में सस्पेंड हो चुके हैं और हाल ही में दो मामलों में एक महिला पुलिसकर्मी गिरफ्तार तो दूसरी महिला के गिरफ्तारी के वारंट निकाले जा चुके हैं। लगातार पुलिस विभाग की तरफ से आ रही रिश्वत की शिकायतें नव नियुक्त एसपी के लिए चुनौती है।
उनके कार्यभार संभालने के महज 10 दिन बाद ही महिला एएसआई को रिश्वत लेते रंग हाथ पकड़ गया। अब हनीट्रैप का मामले में महिला एसआई के शामिल होने का मामला सामने आ गया है। उस पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है, लेकिन अभी वह फरार चल रही है। हालांकि एसपी ने सख्त आदेश दिए है कि भ्रष्टाचारियसों को पुलिस महकमें में सहन नहीं किया जाएगा। आइए नजर डल
केस-1
- टोल प्लाजा पर ट्रक चालक से रिश्वत लेते तीन हुए थे सस्पेंड
टोल प्लाजा पर रिश्वत लेते तीन पुलिसकर्मियों की वीडियो वायरल होते ही तत्कालीन एसपी ने तीनों को सस्पेंड कर दिया था। विडियो में बाबरपुर ट्रैफिक पुलिस में तैनात इएसआई रामरत्न, इएचसी कर्मबीर व इएचसी अजीत ने टोल प्लाजा पर एक ट्रक चालक को रुकवाया और उससे एक कॉपी में एंट्री करने के पास पैसे लिए थे।
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केस-2
- मां को केस से बाहर निकालने के ले रहीं थी पांच हजार, गिरफ्तार-
मॉडल टाउन थाना में एक केस में एएसआई ने एक महिला से उसकी मां को केस से बाहर निकालने के 30 हजार रुपये मांगे थे, जिसके बाद उनकी बात 18 हजार में तय हुई। वहीं महिला ने एसपी को महिला पुलिसकर्मी की शिकायत कर दी थी, जिसके बाद डीएसपी हेड क्वार्टर के नेतृत्व में एक टीम ने मौके पर ही महिला पुलिसकर्मी को रंगे हाथ पांच हजार की रिश्वत लेते पकड़ लिया था।
केस-3
- एसआई महिला की गिरफ्तारी के वारंट जारी, महिला फरार-
हनीट्रेप के एक मामले में एसआई महिला योगेश कुमारी के भी गिरफ्तारी के वारंट निकाले गए है, लेकिन महिला पुलिसकर्मी अभी तक फरार है। पुलिस उसकी धरपकड़ में जुटी है, लेकिन महिला पुलिसकर्मी का अभी तक कोई पता नही है।
तारीख बताने गए पुलिसकर्मियों ने पहले पी शराब, फिर एसी चलाए सोए, दोनों सस्पेड
साल 2019 में शराबी पति की शिकायत के बाद दंपती को तारीख बताने गए दो पुलिस कर्मियों ने पहले आरोपी पति के साथ बैठकर शराब पी थी, फिर शिकायतकर्ता उसकी पत्नी के बेडरूम में ही एयर कंडीशनर चलाकर सो गए थे। उनमें से एक ईएएसआई और एक कांस्टेबल था। शिकायतकर्ता पत्नी ने इसकी वीडियो बनाई थी । इसके साथ ही मामले में सीएम विंडो पर शिकायत की गई थी। वीडियो वायरल होने पर पूर्व एसपी सुमित कुमार ने दोनों पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर दिया था।
- नाकों पर वाहन पास करने के लेते है् रिश्वत, एक वीडियो भी दिखाई लेकिन आज तक कार्रवाई नहीं-
अमर उजाला ने एक स्टिंग कर शहर के प्रमुख नाकों की धरातल को जनता व पुलिस अधिकारियों के सामने पेश किया था, जिसमें आठ नाके शामिल थे। अमर उजाला ने इन नाकों पर रिश्वत ले रहे पुलिसकर्मियों की वीडियो बनाकर अधिकारियों को भी पेश की। जिस पर पुलिस ने दो अज्ञात युवकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की, लेकिन उनकी शिनाख्त आज तक नहीं हो पाई। यही नाके वर्तमान समय में भी चर्चा में है।
- थाने में चूरापोस्त की रिकवरी कम दिखाने पर हुए थे 30 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर
दिसंबर 2015 में तस्करों से पकड़ी गई चूरापोस्त की रिकवरी कम दिखाने और आरोपियों पर कम सजा वाली धाराएं लगाने पर पानीपत सीआईए-2 इंचार्ज इंस्पेक्टर दीपक कुमार सहित सेक्टर-18 स्थित थाने में तैनात सभी पुलिसकर्मी साइबर सेल इंचार्ज सब-इंस्पेक्टर होशियार सिंह लाइन हाजिर हुए थे। थाने में करीब 30 पुलिसकर्मी हैं। 28 दिसंबर को इसी थाने के दो सब-इंस्पेक्टर और दो सहायक सब-इंस्पेक्टर सस्पेंड हुए, कुछ दिन इंस्पेक्टर दीपक कुमार अन्य पुलिसकर्मियों को बहाल कर दिया गया।
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उनके कार्यभार संभालने के महज 10 दिन बाद ही महिला एएसआई को रिश्वत लेते रंग हाथ पकड़ गया। अब हनीट्रैप का मामले में महिला एसआई के शामिल होने का मामला सामने आ गया है। उस पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है, लेकिन अभी वह फरार चल रही है। हालांकि एसपी ने सख्त आदेश दिए है कि भ्रष्टाचारियसों को पुलिस महकमें में सहन नहीं किया जाएगा। आइए नजर डल
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केस-1
- टोल प्लाजा पर ट्रक चालक से रिश्वत लेते तीन हुए थे सस्पेंड
टोल प्लाजा पर रिश्वत लेते तीन पुलिसकर्मियों की वीडियो वायरल होते ही तत्कालीन एसपी ने तीनों को सस्पेंड कर दिया था। विडियो में बाबरपुर ट्रैफिक पुलिस में तैनात इएसआई रामरत्न, इएचसी कर्मबीर व इएचसी अजीत ने टोल प्लाजा पर एक ट्रक चालक को रुकवाया और उससे एक कॉपी में एंट्री करने के पास पैसे लिए थे।
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केस-2
- मां को केस से बाहर निकालने के ले रहीं थी पांच हजार, गिरफ्तार-
मॉडल टाउन थाना में एक केस में एएसआई ने एक महिला से उसकी मां को केस से बाहर निकालने के 30 हजार रुपये मांगे थे, जिसके बाद उनकी बात 18 हजार में तय हुई। वहीं महिला ने एसपी को महिला पुलिसकर्मी की शिकायत कर दी थी, जिसके बाद डीएसपी हेड क्वार्टर के नेतृत्व में एक टीम ने मौके पर ही महिला पुलिसकर्मी को रंगे हाथ पांच हजार की रिश्वत लेते पकड़ लिया था।
केस-3
- एसआई महिला की गिरफ्तारी के वारंट जारी, महिला फरार-
हनीट्रेप के एक मामले में एसआई महिला योगेश कुमारी के भी गिरफ्तारी के वारंट निकाले गए है, लेकिन महिला पुलिसकर्मी अभी तक फरार है। पुलिस उसकी धरपकड़ में जुटी है, लेकिन महिला पुलिसकर्मी का अभी तक कोई पता नही है।
तारीख बताने गए पुलिसकर्मियों ने पहले पी शराब, फिर एसी चलाए सोए, दोनों सस्पेड
साल 2019 में शराबी पति की शिकायत के बाद दंपती को तारीख बताने गए दो पुलिस कर्मियों ने पहले आरोपी पति के साथ बैठकर शराब पी थी, फिर शिकायतकर्ता उसकी पत्नी के बेडरूम में ही एयर कंडीशनर चलाकर सो गए थे। उनमें से एक ईएएसआई और एक कांस्टेबल था। शिकायतकर्ता पत्नी ने इसकी वीडियो बनाई थी । इसके साथ ही मामले में सीएम विंडो पर शिकायत की गई थी। वीडियो वायरल होने पर पूर्व एसपी सुमित कुमार ने दोनों पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर दिया था।
- नाकों पर वाहन पास करने के लेते है् रिश्वत, एक वीडियो भी दिखाई लेकिन आज तक कार्रवाई नहीं-
अमर उजाला ने एक स्टिंग कर शहर के प्रमुख नाकों की धरातल को जनता व पुलिस अधिकारियों के सामने पेश किया था, जिसमें आठ नाके शामिल थे। अमर उजाला ने इन नाकों पर रिश्वत ले रहे पुलिसकर्मियों की वीडियो बनाकर अधिकारियों को भी पेश की। जिस पर पुलिस ने दो अज्ञात युवकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की, लेकिन उनकी शिनाख्त आज तक नहीं हो पाई। यही नाके वर्तमान समय में भी चर्चा में है।
- थाने में चूरापोस्त की रिकवरी कम दिखाने पर हुए थे 30 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर
दिसंबर 2015 में तस्करों से पकड़ी गई चूरापोस्त की रिकवरी कम दिखाने और आरोपियों पर कम सजा वाली धाराएं लगाने पर पानीपत सीआईए-2 इंचार्ज इंस्पेक्टर दीपक कुमार सहित सेक्टर-18 स्थित थाने में तैनात सभी पुलिसकर्मी साइबर सेल इंचार्ज सब-इंस्पेक्टर होशियार सिंह लाइन हाजिर हुए थे। थाने में करीब 30 पुलिसकर्मी हैं। 28 दिसंबर को इसी थाने के दो सब-इंस्पेक्टर और दो सहायक सब-इंस्पेक्टर सस्पेंड हुए, कुछ दिन इंस्पेक्टर दीपक कुमार अन्य पुलिसकर्मियों को बहाल कर दिया गया।