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Panipat News: एक दिन संकल्प लेने से नहीं बचेगी पृथ्वी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 22 Apr 2023 01:55 AM IST
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One day the earth will not be saved by taking a resolution
माई सिटी रिपोर्टर
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पानीपत। विश्व पृथ्वी दिवस शनिवार को है। इसके उपलक्ष्य में शुक्रवार को अमर उजाला फाउंडेशन के अंतर्गत अपराजिता कार्यक्रम मॉडल टाउन स्थित एक होटल में किया गया। कार्यक्रम नारी कल्याण समिति की पदाधिकारियों व महिलाओं ने पृथ्वी दिवस पर अपने प्रयासों को सबके साथ साझा किया।
महिलाओं ने कहा कि पृथ्वी एक दिन संकल्प लेने या संदेश देने से नहीं बचेगी। इसके लिए लोगों को लगातार काम करने की जरूरत है। खास तौर पर महिलाओं के आगे आने पर ही पृथ्वी बच सकती है। हमें अपरे आसपास पौधे लगाकर उनका संरक्षण करना चाहिए। घरों में भी छोटे व मध्यम पौधे लगा सकते हैं।
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पत्थरों के महल खड़े हो रहे
कंवल सोईं ने बताया कि शहर के साथ गांवों में पत्थरों के महल खड़े हो रहे हैं। पहले गांवों में जाते थे तो बड़े-बड़े पेड़ पौधे मिलते थे। अब गांवों में भी पेड़ कम हो गए हैं। हर कोई आधुनिकता की दौड़ में कूद गया है। हमें पृथ्वी बचाने के लिए आगे आना होगा।
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बयान देने से कुछ नहीं होगा
राज नंदा ने बताया कि पृथ्वी बयानों या दलील देने से नहीं बच सकती। इसके लिए लोगों को आगे आना होगा। उनके प्रयासों से ही पृथ्वी को बचाया जा सकता है। यह आज के समय की मांग है। लोग आज नहीं जागे तो उनका कल कभी नहीं आएगी।


कुछ समय पृथ्वी के लिए निकालें
कृष्णा अरोड़ा ने बताया कि शहरों में आज पेड़ पौधे नजर नहीं आ रहे। ऐसे में पर्यावरण प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। यह नई पीढ़ी के लिए चिंता का विषय है। कुछ समय पृथ्वी और पर्यावरण के लिए निकालने की जरूरत है। इसके लिए उनको आगे आना होगा।


पेड़ों की हो रही अंधाधुंध कटाई
ज्योति रहेजा ने बताया कि पेड़ों की अंधाधुंध कटाई की जा रही है। लोग अपने फायदे के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं। मौसम में अभी से इतनी गर्मी है। आने वाले दिनों में घरों में रह पाना मुश्किल हो जाएगा। हमें खुद की बजाय दूसरों के बारे में भी सोचना होगा।


प्रदूषण सबसे बड़ी चिंता
सुमन सिंगला ने बताया कि आज प्रदूषण सबसे बड़ी चिंता है। लोगों को इसके लिए खुद आगे आना होगा। वे आज आगे नहीं आए तो उनको आगे पछताना पड़ेगा। कोरोना ने लोगों को अपनी प्रकृति संभालने के संकेत दिए हैं। कुछ नया करने की जरूरत है।


लोगों को जागरूक होना होगा
माधवी वर्मा ने बताया कि पृथ्वी एक दिन के प्रयास से नहीं बच सकती। हमें इसे संजोकर रखना होगा। इसके लिए पौधे लगाकर उनका अपने बच्चों की तरह संरक्षण करना है। लोगों को भी जागरूक करना होगा। सामूहिक प्रयासों से ही पृथ्वी बचाना संभव है।


लोगों को खुद आगे आना होगा
नारी कल्याण समिति की प्रधान कंचन सागर ने बताया कि पृथ्वी को बचाने की आज जरूरत आन पड़ी है। लोगों को खुद आगे आना होगा। समिति समाज में जागरूकता ला रही है। इसके कई जगह सार्थक परिणाम भी आए हैं। वे आगे भी पौधरोपण के प्रयास करेंगी।

जंगल गायब हो रहे
नारी कल्याण समिति की कोषाध्यक्ष रश्मि अखोरी ने बताया कि 1960-70 के दशक में पेड़ों की अंधाधुंध कटाई शुरू की थी। जंगल गायब हो रहे हैं। इसी का परिणाम है कि बारिश कम होने लगी है और गर्मी बढ़ने लगी है। पृथ्वी संरक्षण के लिए आगे आना होगा।


पौधे लगाकर संरक्षण करें
नारी कल्याण समिति की ज्योतिका सक्सेना ने बताया कि हमें खाली स्थानों पर पौधरोपण कर उनका संरक्षण करना होगा। इसके साथ अपने घरों में पौधे लगाने होंगे। हम अपनी सालगिराह या जन्मदिन पर भी पौधे लगाएंगे तो पर्यावरण को बचा सकते हैं।
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