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Panipat News: निगम में अब डेढ़ लाख से अधिक की राशि के टेंडर पर होंगे काम
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माई सिटी रिपोर्टर पानीपत। नगर निगम ने विकास कार्यों में एक बड़ा बदलाव किया है। अब डेढ़ लाख से अधिक के विभागीय विकास कार्य टेंडर के आधार पर कराए जाएंगे। नगर निगम आयुक्त ने इसके आदेश इंजीनियरिंग शाखा को दिए हैं।
नगर निगम में विभागीय कार्य नगर निगम अधिकारी बिना टेंडर के करवा लेते थे। पिछले दिनों कई कामों पर सवाल उठ गए थे। नगर निगम आयुक्त डॉ. पंकज ने इंजीनियरिंग शाखा के अधिकारियों से चर्चा की और 1.50 लाख से अधिक के विकास कार्य टेंडर प्रक्रिया के आधार पर कराने का फैसला लिया। नगर निगम आयुक्त ने मंगलवार को इसके बार में पत्र भी जारी किया। जिसमें कहा कि कई बार विभागीय कार्य डेढ़ लाख रुपये से अधिक राशि के होने पर बिना टेंडर करवा लिए जाते थे। अब ऐसा नहीं होगा। अब डेढ़ लाख से अधिक की राशि के विकास कार्य टेंडर के आधार पर कराए जाएंगे।
नगर निगम में विभागीय कार्य बिना टेंडर कराए जाते थे। ऐसे में इंजीनियरिंग शाखा के अधिकारी स्वतंत्र होते थे। वे किसी भी नजदीकी को काम दे देते थे। ऐसे में कई बार आपत्ति आती थी। अधिकारियों के पास भी इनकी शिकायत जाती थी। ऐसे में अधिकारियों ने विकास कार्यों को टेंडर प्रक्रिया में शामिल किया है।
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वर्जन :
विभागीय कार्य पहले डेढ़ लाख तक विकास कार्य बिना टेंडर के करा देते थे। अब यह टेंडर प्रक्रिया में कराए जाएंगे।
डॉ. पंकज, आयुक्त, नगर निगम।
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नगर निगम में विभागीय कार्य नगर निगम अधिकारी बिना टेंडर के करवा लेते थे। पिछले दिनों कई कामों पर सवाल उठ गए थे। नगर निगम आयुक्त डॉ. पंकज ने इंजीनियरिंग शाखा के अधिकारियों से चर्चा की और 1.50 लाख से अधिक के विकास कार्य टेंडर प्रक्रिया के आधार पर कराने का फैसला लिया। नगर निगम आयुक्त ने मंगलवार को इसके बार में पत्र भी जारी किया। जिसमें कहा कि कई बार विभागीय कार्य डेढ़ लाख रुपये से अधिक राशि के होने पर बिना टेंडर करवा लिए जाते थे। अब ऐसा नहीं होगा। अब डेढ़ लाख से अधिक की राशि के विकास कार्य टेंडर के आधार पर कराए जाएंगे।
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नगर निगम में विभागीय कार्य बिना टेंडर कराए जाते थे। ऐसे में इंजीनियरिंग शाखा के अधिकारी स्वतंत्र होते थे। वे किसी भी नजदीकी को काम दे देते थे। ऐसे में कई बार आपत्ति आती थी। अधिकारियों के पास भी इनकी शिकायत जाती थी। ऐसे में अधिकारियों ने विकास कार्यों को टेंडर प्रक्रिया में शामिल किया है।
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वर्जन :
विभागीय कार्य पहले डेढ़ लाख तक विकास कार्य बिना टेंडर के करा देते थे। अब यह टेंडर प्रक्रिया में कराए जाएंगे।
डॉ. पंकज, आयुक्त, नगर निगम।