पानीपत। स्वास्थ्य आपके द्वार कार्यक्रम के तहत केंद्र सरकार ने 26 अक्तूबर को तीन मोबाइल मेडिकल यूनिटें (बस) स्वास्थ्य विभाग पानीपत को मुहैया कराई थी। इनका आरटीए में रजिस्ट्रेशन हो गया है। स्वास्थ्य विभाग अब इन यूनिटों का उपयोग कोरोना सैंपलिंग बढ़ाने में करेगा। सिविल अस्पताल में कोरोना जांच कराने की भीड़ न जुटे इसलिए ये यूनिट गांव - गांव जाकर लोगों की कोरोना जांच भी करेंगी। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उन मरीजों को ट्रेस कर सिविल अस्पताल लाया जाएगा। यह सेवा अगले सप्ताह से शुरू की जाएगी।
सिविल अस्पताल में कोरोना जांच के लिए लोगों की भीड़ जुट जाती है। ऐसे में संक्रमण फैलने का भी खतरा बढ़ जाता है। सिविल सर्जन ने ई-संजीवनी को भी गंभीरता से लागू करने के निर्देश दिए हैं। ओमिक्रॉन के नए वैरिएंट के चलते ये मेडिकल यूनिट बड़ी कारगर साबित हो सकती हैं। नेशनल मोबाइल मेडिकल यूनिट को शहर और गांवों के सुदूरवर्ती क्षेत्र में पहुंचना है। यूनिट में उपचार से संबंधित सभी इंतजाम मौजूद रहेंगे। स्लम बस्ती, ईट-भट्ठा, कंस्ट्रक्शन साइट्स पर काम करने वाले श्रमिक, बेघर प्रवासियों को चिकित्सीय एवं स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ देना इस स्वास्थ्य सेवा का उद्देश्य है। यूनिट में चालक के अलावा डॉक्टर, फार्मासिस्ट, लैब तकनीशियन सहित पांच सदस्यीय स्टाफ मौजूद रहेगा। प्राथमिक उपचार, संक्रामक व गैर संक्रामक बीमारियों की स्क्रीनिंग, बेसिक लैब टेस्ट जैसी सेवाएं मिलनी थी। विभाग का दावा है कि यूनिट में सीएचसी स्तर की लैब बनाई गई है।