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Panipat News: अब डेटा रहेगा और भी सुरक्षित, एनआईटी कुरुक्षेत्र ने बनाई खास तकनीक

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 07 Sep 2025 03:07 AM IST
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Now data will be even more secure, NIT Kurukshetra has developed a special technology
कुरुक्षेत्र। मोबाइल, लैपटॉप या कंप्यूटर में रखा डेटा हर किसी के लिए बहुत जरूरी होता है। चाहे वह ऑफिस का काम हो, बैंकिंग की जानकारी हो, मेडिकल रिकॉर्ड हो या फिर आपकी निजी फोटो और वीडियो। अगर यह गलत हाथों में पहुंच जाए तो बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती है। लेकिन अब इसकी चिंता नहीं करनी होगी।
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राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) कुरुक्षेत्र के कंप्यूटर इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. जितेंद्र कुमार छाबड़ा के निर्देशन में इसके लिए एन्क्रिप्शन तकनीक विकसित की गई है, जो डेटा को पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित बना सकती है। इसे पेटेंट भी मिला है। आम तौर पर डेटा एक ही जगह स्टोर होता है। अगर कोई हैकर या चोर उस डिवाइस तक पहुंच जाए, तो पूरा डेटा खतरे में पड़ जाता है। लेकिन इस नई तकनीक में डेटा को चार टुकड़ों में बांट दिया जाता है। दो टुकड़े डिवाइस की ऐसी जगह रखे जाते हैं, जहां उन्हें आसानी से देखा ही नहीं जा सकता। शेष दो टुकड़े गुप्त चाबी (एन्क्रिप्शन की) लगाकर अलग-अलग जगह स्टोर किए जाते हैं। यानि अगर कोई एक डिवाइस भी चुरा ले, तो उसके पास सिर्फ अधूरी जानकारी ही होगी।
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इस तकनीक से ड्राइव-हार्ड डिस्क पर भी साइबर हमलावरों का जोर नहीं चलेगा। इसकी पूरी फाइल को देखने के लिए चारों टुकड़े और उनकी चाबियां जरूरी होंगी। इस खोज में एनआईटी कुरुक्षेत्र के प्रो. जितेंद्र कुमार छाबड़ा, गौरव कुमार घिल्डियाल, अपूर्व जोशी, मयंक केडिया और दिनेश कुमार शामिल हैं।
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फाइल ऐसे मिलेगी वापस
प्रो. जितेंद्र ने बताया कि डेटा को वापस जोड़ने (रीट्रीव करने) की प्रक्रिया भी बेहद सुरक्षित है। इसके लिए सिस्टम पहले छुपे हुए हिस्सों से चाबियां बनाता है। इन चाबियों की मदद से बाकी एन्क्रिप्टेड टुकड़ों को डिक्रिप्ट किया जाता है। फिर सभी टुकड़ों को उसी क्रम में जोड़ दिया जाता है, जिस क्रम में वह मूल रूप से मौजूद थे। इस तरह असली डेटा बिना किसी खतरे के दोबारा मिल जाता है। स्टूडेंट्स अपनी स्टडी फाइल्स और प्रोजेक्ट सुरक्षित रख सकेंगे तो वहीं कंपनियां अपने बिजनेस डॉक्यूमेंट्स चोरी होने से बचा पाएंगी। आम लोग अपनी निजी फोटो, वीडियो और जरूरी कागजात को हैकिंग से सुरक्षित रख पाएंगे।


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निजी डेटा पहले से ज्यादा रहेगा सुरक्षित

प्रो. जितेंद्र कुमार छाबड़ा ने कहा कि यह तकनीक आने वाले समय में आम लोगों से लेकर बड़ी कंपनियों और सरकारी संस्थानों तक, सभी के लिए बेहद कारगर साबित होगी। खासकर उस दौर में जब साइबर अपराध और डेटा चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। यह तकनीक डेटा सुरक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकता है। अब उम्मीद है कि भविष्य में किसी भी यूजर का निजी डेटा पहले से ज्यादा सुरक्षित रहेगा।
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