{"_id":"673e5b2529fa7ced10085654","slug":"notice-to-11-people-who-constructed-on-government-land-panipat-news-c-244-1-pnp1004-127764-2024-11-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: सरकारी जमीन पर निर्माण करने वाले 11 लोगों को नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: सरकारी जमीन पर निर्माण करने वाले 11 लोगों को नोटिस
विज्ञापन
पानीपत। टीडीआई सेक्टर 23 में हुए सरकारी जमीन घोटाले को लेकर अब जिला योजनाकार एक्शन मोड में आ गया है। डीटीपी ने हरियाणा अर्बन डेवलपमेंट एरिया एक्ट के तहत टीडीआई कंपनी की सहयोगी फर्म के साथ अन्य दस को नोटिस जारी किए हैं।
इनमें फर्म, पूजा मलिक, अशीष जैन, संतोष जैन, रमेश कुमार, सविता नारंग, रिंपी नारंग, रजनी नारंग, नरेंद्र सूरा, पूनम जैन और पिंकी को नोटिस भेजे गए हैं। जिला योजनाकार सरकारी जमीन पर हुए अवैध निर्माणों पर नोटिस चस्पा करने की कार्रवाई भी कर रहा है। ये नोटिस टीडीआई के अंदर पार्क, ग्रीन बेल्ट ,सड़क और यूडीलैंड की फर्जी तरीके से की गई रजिस्ट्री को रद्द करने को लेकर दिए जा रहे हैं। इसमें सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण करने वालों से सात दिन में अपना पक्ष रखने की बात कही गई है। इसके लिए सभी को 26 नवंबर को जिला योजनाकार कार्यालय में तलब किया गया है।
विभाग की ओर से पार्टियों से इन जमीनों की रजिस्टरी और अलॉटमेंट लेटर भी मांगे गए हैं। इससे पहले भी जिला योजनाकार ने पिछले सप्ताह टीडीआई की सहयोगी फर्म महेश फार्म को नोटिस जारी किया था और उससे पहले 22 अक्टूबर को भी नोटिस दिया गया था। डीटीपी का कहना है कि उनके लेआउट प्लान से बाहर अगर किसी ने भी नियमों का उल्लंघन किया तो वे इस पर कार्रवाई जरूर करेंगे, जरूरत पड़ी तो एफआईआर भी दर्ज करवाएंगे।
विज्ञापन
दूसरी ओर इस मामले के शिकायतकर्ता जोगेंद्र स्वामी ने कहा कि इस मामले के भ्रष्टाचार को लेकर वे जिला सचिवालय, नगर निगम, तहसील, डीटीपी विभाग के सामने कई बार धरना प्रदर्शन कर चुके हैं। बावजूद इस मामले पर अधिकारियों ने संज्ञान नहीं लिया। अब उन्होंने 26 नवंबर को डीटीपी मुख्यालय और नौ दिसंबर को प्रधानमंत्री ज्ञापन देने की चेतवनी दी थी। इसके बाद डीटीपी ने नोटिस देने की कार्रवाई शुरू की है। इस पर जिला योजनाकार अधिकारी सुनील अंतिल ने कहा कि रजिस्ट्री करने की शक्ति उनके पास नहीं है। वे केवल अपने अधिकार क्षेत्र की शक्तियों का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें नोटिस से लेकर ध्वस्त करने और एफआईआर तक दर्ज करवाई जा सकती है। रजिस्ट्री रद्द करने की शक्ति तहसील के पास है। वे लगातार सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण करने वालों को नोटिस जारी कर रहे हैं। इसमें किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
विज्ञापन
इनमें फर्म, पूजा मलिक, अशीष जैन, संतोष जैन, रमेश कुमार, सविता नारंग, रिंपी नारंग, रजनी नारंग, नरेंद्र सूरा, पूनम जैन और पिंकी को नोटिस भेजे गए हैं। जिला योजनाकार सरकारी जमीन पर हुए अवैध निर्माणों पर नोटिस चस्पा करने की कार्रवाई भी कर रहा है। ये नोटिस टीडीआई के अंदर पार्क, ग्रीन बेल्ट ,सड़क और यूडीलैंड की फर्जी तरीके से की गई रजिस्ट्री को रद्द करने को लेकर दिए जा रहे हैं। इसमें सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण करने वालों से सात दिन में अपना पक्ष रखने की बात कही गई है। इसके लिए सभी को 26 नवंबर को जिला योजनाकार कार्यालय में तलब किया गया है।
विज्ञापन
विभाग की ओर से पार्टियों से इन जमीनों की रजिस्टरी और अलॉटमेंट लेटर भी मांगे गए हैं। इससे पहले भी जिला योजनाकार ने पिछले सप्ताह टीडीआई की सहयोगी फर्म महेश फार्म को नोटिस जारी किया था और उससे पहले 22 अक्टूबर को भी नोटिस दिया गया था। डीटीपी का कहना है कि उनके लेआउट प्लान से बाहर अगर किसी ने भी नियमों का उल्लंघन किया तो वे इस पर कार्रवाई जरूर करेंगे, जरूरत पड़ी तो एफआईआर भी दर्ज करवाएंगे।
विज्ञापन
दूसरी ओर इस मामले के शिकायतकर्ता जोगेंद्र स्वामी ने कहा कि इस मामले के भ्रष्टाचार को लेकर वे जिला सचिवालय, नगर निगम, तहसील, डीटीपी विभाग के सामने कई बार धरना प्रदर्शन कर चुके हैं। बावजूद इस मामले पर अधिकारियों ने संज्ञान नहीं लिया। अब उन्होंने 26 नवंबर को डीटीपी मुख्यालय और नौ दिसंबर को प्रधानमंत्री ज्ञापन देने की चेतवनी दी थी। इसके बाद डीटीपी ने नोटिस देने की कार्रवाई शुरू की है। इस पर जिला योजनाकार अधिकारी सुनील अंतिल ने कहा कि रजिस्ट्री करने की शक्ति उनके पास नहीं है। वे केवल अपने अधिकार क्षेत्र की शक्तियों का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें नोटिस से लेकर ध्वस्त करने और एफआईआर तक दर्ज करवाई जा सकती है। रजिस्ट्री रद्द करने की शक्ति तहसील के पास है। वे लगातार सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण करने वालों को नोटिस जारी कर रहे हैं। इसमें किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।