{"_id":"6424a13635fb7006cb0c0fb7","slug":"no-clue-of-businessman-missing-for-four-days-14-page-letter-found-panipat-news-c-18-1-76067-2023-03-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: चार दिन से लापता कारोबारी का सुराग नहीं, 14 पेज का पत्र मिला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: चार दिन से लापता कारोबारी का सुराग नहीं, 14 पेज का पत्र मिला
विज्ञापन
पानीपत। विराट नगर निवासी स्पोर्ट्स वेयर कारोबारी का चार दिन बाद भी कोई सुराग नहीं लग पाया है। परिजनों को उनकी किराए पर ली गई फैक्टरी से 14 पेज का पत्र मिला है। इसके हर पेज पर कारोबारी ने अपनी दुख भरी दास्तां लिखी है और नीचे हस्ताक्षर किया है। पत्र पढ़कर हर किसी की आंखें नम हैं। चांदनीबाग थाने की पुलिस कारोबारी की तलाश में जुट गई है।
विराट नगर निवासी 48 वर्षीय नीरज शर्मा सेक्टर 25 में एक प्लॉट किराए पर लेकर कारोबार करते थे। 25 मार्च को वह सुबह फैक्टरी गए थे, लेकिन शाम को घर नहीं लौटे। परिजन फैक्टरी गए तो उन्हें फैक्टरी के अंदर बाइक खड़ी मिली। मोबाइल व पर्स पर भी टेबल पर रखा था। टेबल की दराज में एक कॉपी मिली, जिसमें 14 पेजों पर उन्होंने अपनी दुख भरी दास्तां लिखी थी।
मां मैं जा रहा हूं, अब नहीं मिलूंगा। मैं कुछ ऐसा करूंगा कि मेरी बॉडी भी आपको नहीं मिलेगी। मैं आपके कंधों पर अपनी मौत का बोझ नहीं डालना चाहता। मैं क्या करूं, इस उम्र में आकर भी मुझे पापा से 100-100 रुपये मांगने पड़ते हैं। ऐसा नहीं है कि मैंने मेहनत नहीं की, मेहनत की, लेकिन मेरी किस्मत खराब है। मैं भगवान के पास जाकर पूछूंगा कि मैंने ऐसे कौन से बुरे काम किए हैं कि मुझे लक्ष्मी विहीन बनाया। आदमी सब चीज से लड़ सकता है, लेकिन बिना धन के कुछ नहीं है। मैं अपने बच्चों को शिक्षा देना चाहता हूं कि वह किसी से रुपये उधार न लें। हो सके तो दूसरों की मदद करें। पत्नी के लिए लिखा कि मुझे माफ करना, मैं तुम्हारें कंधों पर बोझ डालकर जा रहा हूं। मैं तुम्हारे लिए 100 गज का प्लाट भी खरीदकर नहीं दे सका। बेटे की शादी में दहेज न लेना और बेटी की शादी धूमधाम से करना।
विज्ञापन
- आपका नीरज
पत्र के 11 नंबर पर लिखा दो लोगों का नाम, कहा इन्होंने रुपये नहीं दिए-
कारोबारी ने पत्र के 11 नंबर पेज पर अपनी पत्नी के लिए लिखा कि उसे दो लोगों से पेमेंट लेनी है। पहले युवक ने उससे पेमेंट ली और बदले में 50 हजार रुपये का चेक दिया, जो बाउंस हो गया। रुपये मांगे तो युवक ने उल्टा उसी पर रुपये देने का दबाव बनाया। प्यार से बाउंस हुआ चेक भी ले लिया। इसके अलावा दूसरे युवक से 3.50 लाख रुपये देने हैं। उसने पूरा हिसाब गलत कर रखा है। दोनों न उसके फोन उठा रहे हैं न ही दुकान पर मिलते हैं। ये दोनों रुपये दे देते तो मैं यह कदम नहीं उठाता।
पत्नी की शिकायत पर गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज किया गया है। नीरज की तलाश में टीमें जुटी हैं। पत्र मिलने की बात संज्ञान में नहीं है।
- प्रदीप कुमार, प्रभारी, चांदनीबाग थाना
विज्ञापन
विराट नगर निवासी 48 वर्षीय नीरज शर्मा सेक्टर 25 में एक प्लॉट किराए पर लेकर कारोबार करते थे। 25 मार्च को वह सुबह फैक्टरी गए थे, लेकिन शाम को घर नहीं लौटे। परिजन फैक्टरी गए तो उन्हें फैक्टरी के अंदर बाइक खड़ी मिली। मोबाइल व पर्स पर भी टेबल पर रखा था। टेबल की दराज में एक कॉपी मिली, जिसमें 14 पेजों पर उन्होंने अपनी दुख भरी दास्तां लिखी थी।
विज्ञापन
मां मैं जा रहा हूं, अब नहीं मिलूंगा। मैं कुछ ऐसा करूंगा कि मेरी बॉडी भी आपको नहीं मिलेगी। मैं आपके कंधों पर अपनी मौत का बोझ नहीं डालना चाहता। मैं क्या करूं, इस उम्र में आकर भी मुझे पापा से 100-100 रुपये मांगने पड़ते हैं। ऐसा नहीं है कि मैंने मेहनत नहीं की, मेहनत की, लेकिन मेरी किस्मत खराब है। मैं भगवान के पास जाकर पूछूंगा कि मैंने ऐसे कौन से बुरे काम किए हैं कि मुझे लक्ष्मी विहीन बनाया। आदमी सब चीज से लड़ सकता है, लेकिन बिना धन के कुछ नहीं है। मैं अपने बच्चों को शिक्षा देना चाहता हूं कि वह किसी से रुपये उधार न लें। हो सके तो दूसरों की मदद करें। पत्नी के लिए लिखा कि मुझे माफ करना, मैं तुम्हारें कंधों पर बोझ डालकर जा रहा हूं। मैं तुम्हारे लिए 100 गज का प्लाट भी खरीदकर नहीं दे सका। बेटे की शादी में दहेज न लेना और बेटी की शादी धूमधाम से करना।
विज्ञापन
- आपका नीरज
पत्र के 11 नंबर पर लिखा दो लोगों का नाम, कहा इन्होंने रुपये नहीं दिए-
कारोबारी ने पत्र के 11 नंबर पेज पर अपनी पत्नी के लिए लिखा कि उसे दो लोगों से पेमेंट लेनी है। पहले युवक ने उससे पेमेंट ली और बदले में 50 हजार रुपये का चेक दिया, जो बाउंस हो गया। रुपये मांगे तो युवक ने उल्टा उसी पर रुपये देने का दबाव बनाया। प्यार से बाउंस हुआ चेक भी ले लिया। इसके अलावा दूसरे युवक से 3.50 लाख रुपये देने हैं। उसने पूरा हिसाब गलत कर रखा है। दोनों न उसके फोन उठा रहे हैं न ही दुकान पर मिलते हैं। ये दोनों रुपये दे देते तो मैं यह कदम नहीं उठाता।
पत्नी की शिकायत पर गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज किया गया है। नीरज की तलाश में टीमें जुटी हैं। पत्र मिलने की बात संज्ञान में नहीं है।
- प्रदीप कुमार, प्रभारी, चांदनीबाग थाना