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बूंदाबांदी के साथ बढ़ी ठंड, किसानों ने राहत की सांस
ब्यूरो/अमर उजाला/पानीपत
Updated Sat, 13 Feb 2016 11:42 PM IST
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मौसम के एक साथ करवट लेते ही बूंदाबांदी शुरू हो गई। इससे तापमान में गिरावट आ गई। वहीं बूंदाबांदी गेहूं की फसल के फायदेमंद साबित होगी। बूंदाबांदी के चलते किसानों ने राहत की सांस ली है। शनिवार सुबह बूंदाबांदी के बाद दिन में कुछ समय के लिए धूप खिली। इसके बाद शाम तक आसमान में बादल छाए रहे। इससे पहले तापमान बढऩे के चलते किसानों के माथे पर चिंता की लकीर खींच गई थी।
लगातार तापमान बढ़ने के चलते किसानों की चिंता बढ़ती जा रही थी। अगर लगातार तापमान बढ़ता रहता तो गेहूं की फसल पर असर पड़ना सवभाविक था। लेकिन बूंदाबांदी के चलते तापमान में जहां गिरावट आई वहीं गेहूं की फसल के लिए वरदान साबित हुई है। कृषि अधिकारियों के अनुसार अगर लगातार अच्छी बारिश होती है तो गेहूं की फसल के वरदान साबित होगी।
किसान रहे संतर्क, बीमारी की आशंका
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार बूंदाबांदी के चलते खेतों में नमी बन गई है। वैसे तो बारिश गेहूं की फसल के लिए काफी फायदेमंद है। साथ ही बारिश से नमी पैदा होगी जिससे पीला रतुआ नामक बीमारी लगने की आशंका है। ऐसे में किसानों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। अगर फसल में ऐसे लक्षण दिखाई दे तो विभाग से संपर्क करें।
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किसान इसका करें छिड़काव
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार अगर किसान को गेहूं की फसल में पीले रतुआ बीमारी है तो प्रति एकड़ 200एमएल प्रोपिकोनाजॉल दवाई का स्प्रे करे । इससे फसल को बीमारी की चपेट में आने से बचाया जा सकता है।
बारिश गेहूं की फसल के लिए काफी फायदेमंद साबित हुई है। अगर लगातार बारिश होती है तो इससे फसल को काफी फायदा होगा। लेकिन बारिश से नमी पैदा होगी इससे बीमारी की आशंका बनी रहती है। ऐसे में किसानों को सतर्क रहेगी की जरूरत है। अगर फसल में बीमारी के कोई भी लक्षण दिखाई पड़े तो विभाग से संपर्क कर सकते है।
सुनील मान, एसडीओ, कृषि विभाग, पानीपत।
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लगातार तापमान बढ़ने के चलते किसानों की चिंता बढ़ती जा रही थी। अगर लगातार तापमान बढ़ता रहता तो गेहूं की फसल पर असर पड़ना सवभाविक था। लेकिन बूंदाबांदी के चलते तापमान में जहां गिरावट आई वहीं गेहूं की फसल के लिए वरदान साबित हुई है। कृषि अधिकारियों के अनुसार अगर लगातार अच्छी बारिश होती है तो गेहूं की फसल के वरदान साबित होगी।
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किसान रहे संतर्क, बीमारी की आशंका
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार बूंदाबांदी के चलते खेतों में नमी बन गई है। वैसे तो बारिश गेहूं की फसल के लिए काफी फायदेमंद है। साथ ही बारिश से नमी पैदा होगी जिससे पीला रतुआ नामक बीमारी लगने की आशंका है। ऐसे में किसानों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। अगर फसल में ऐसे लक्षण दिखाई दे तो विभाग से संपर्क करें।
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किसान इसका करें छिड़काव
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार अगर किसान को गेहूं की फसल में पीले रतुआ बीमारी है तो प्रति एकड़ 200एमएल प्रोपिकोनाजॉल दवाई का स्प्रे करे । इससे फसल को बीमारी की चपेट में आने से बचाया जा सकता है।
बारिश गेहूं की फसल के लिए काफी फायदेमंद साबित हुई है। अगर लगातार बारिश होती है तो इससे फसल को काफी फायदा होगा। लेकिन बारिश से नमी पैदा होगी इससे बीमारी की आशंका बनी रहती है। ऐसे में किसानों को सतर्क रहेगी की जरूरत है। अगर फसल में बीमारी के कोई भी लक्षण दिखाई पड़े तो विभाग से संपर्क कर सकते है।
सुनील मान, एसडीओ, कृषि विभाग, पानीपत।