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एसपी साहब! सब बर्बाद हो गया, अब तो आरोपियों को पकड़ दो

Mon, 23 Nov 2015 11:14 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला पानीपत
ब्यूरो/अमर उजाला पानीपत Updated Mon, 23 Nov 2015 11:14 PM IST
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साहब! बेटे की जान बचाने के लिए मैंने अपने मकान को पांच लाख में गिरवी रख दिया है। पड़ोसियों से भी अभी तक लाखों रुपये मांग चुका हूं। सारे पैसे खत्म हो गए हैं। अब तो मैं भी हिम्मत हार चुका हूं। न मकान बचने की उम्मीद रही और न ही बेटा बचने की।
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यह कहना था गांव नूरवाला निवासी राहुल के पिता विजयपाल का। ये बात कहते हुए विजयपाल का गला भर आया था। बता दें कि लगभग दो महीने पहले विजयपाल के बेटे राहुल पर जानलेवा हमला हुआ था। तब से वह कोमा में है। मगर अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। विजयपाल ने एसपी से आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है।
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दो माह से अस्पताल में कोमा में पड़े गांव नूरवाला के राहुल के पिता विजयपाल अपने बेटे को लेकर सोमवार को एसपी कार्यालय पहुंचे तथा एसपी को अपना दुखड़ा सुनाया। विजयपाल ने कहा कि पुलिस किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं करना चाहती है।
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गिरफ्तारी तो दूर की बात किसी भी आरोपी से अभी तक पुलिस ने कोई पूछताछ तक करना जरूरी नहीं समझा। विजयपाल ने बताया कि पैसे खत्म होने के कारण डाक्टरों ने अब अस्पताल से भी उसके बेटे को डिस्चार्ज कर दिया है। इस दौरान विजयपाल की आंखों में आई नमी उनके दिल के दर्द को साफ बयां कर रही थी।

दुखियारे पिता ने हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग की। एसपी राहुल ने परिजनों की बात को सुनकर इस मामले में हर संभव मदद का आश्वासन दिया। साथ ही एसपी राहुल शर्मा ने मौके पर ही सिटी थाना एसएचओ सुरेश कुमार और सदर थाना एसएचओ नरेंद्र कुमार को बुलाकर मामले की जानकारी मांगी।

गौरतलब है कि नूरवाला की धमीजा कालोनी का रहने वाला 20 वर्षीय राहुल गांव भैंसवाल स्थित पावरलूम की फैक्ट्ररी में काम करता था। किसी बात को लेकर राहुल का कालोनी के ही अनुज, सोनू, सागर और लवकुश के साथ विवाद हो गया।


आरोप है कि चारों ने एक अक्टूबर को राहुल को को घर से बुलाकर बरसत रोड़ पर बुरी तरह से पीटा राहुल के सिर में गंभीर चोटें आई और वह कोमा में चला गया। परिजनों का आरोप है कि दो माह से थानों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनको निराशा ही हाथ लगी। इस मौके पर सुखा सिंह, हरपाल, राजेश, निर्मला, राकेश, राजबीर, जयबीर, रमेश आदि मौजूद रहे।
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