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सुख के साथ दुख में भी जिए, चीखने चिल्लाने से करें परहेज : मुनि
panipat
Updated Fri, 29 Apr 2016 01:24 AM IST
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चीखने चिल्लाने से करें परहेज : मुनि
- फोटो : amar ujala
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मुनि तरुण सागर ने कड़वे प्रवचन के दूसरे दिन सुख के साथ दुख को भी जीने और चीखने व चिल्लाने से परहेज करने का संदेश दिया। उन्होंने परिवार और दोस्तों के साथ भी रिश्ते बनाए रखने की सलाह दी।
शिवाजी स्टेडियम में कड़वे प्रवचनों के दूसरे दिन मुनि तरुण सागर ने कहा कि शबरी ने बुलाया तो श्री राम चले आए, मीरा ने बुलाया तो श्री कृष्ण चले आए और पानीपत वालों ने बुलाया तो तरुण सागर चले आए।
उन्होंने कहा कि राम बिलास ने पुकारा है तो यह समझ लेना कि तरुण सागर चंडीगढ़ के लिए चल पड़े हैं। उन्होंने कहा कि प्रार्थना में प्राण डालो। प्रार्थना कोई लंबी-चौड़ी नहीं हो। लेकिन प्रार्थना आत्मा से होनी चाहिए। प्रार्थना करने के बाद आपका काम खत्म। बीज बोने के बाद किसान का काम खत्म हो जाता है। यदि किसान बार-बार मिट्टी कुरेद कर बीज को अंकुरित होते हुए देखना चाहता है, तो बीज भी अंकुरित नहीं होगा।
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- सफलता का दिया मंत्र
मुनि ने श्रद्धालुओं को सफलता का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति सफलता चाहता है, तो बहाना बनाना छोड़ दे। यदि बहाना बनाना है, तो सफलता को पाना भूल जाना। जीवन की समृद्धि के लिए कम बोलिए, चुप रहिए। जीवन के परिवर्तन के लिए सुबह मौन रहना चाहिए। चिल्लाने के लिये तरुण सागर बहुत है। उन्होंने कहा कि पति-पत्नी में एक गर्म और एक ठंडे होने जरूरी हैं। यदि दोनो गर्म होंगे तो परिवार में शांति नहीं होगी।
क्रोध का मुकाबला माफी से करो
उन्होंने कहा कि क्रोध का मुकाबला माफी से करो, शांति खुद हो जाएगी। उन्होंने कहा कि आप शांत हो जाइए, इससे जीवन शांत हो जाता है। उन्होंने कहा कि जीवन के परिवर्तन के लिये भगवान और मृत्यु को याद करिये। जब मृत्यु की याद आएगी, तो भगवान की याद जरूर आएगी।
- लड़ाई हो जाए लेकिन बोलचाल बंद मत करना
उन्होंने कहा कि लड़ाई-झगड़ा कर लेना, पिट जाना और पीट देना मगर बोलचाल बंद मत करना। क्योंकि इससे सुलह के सारे दरवाजे बंद हो जाते हैं। जिस प्रकार बच्चें क्रोध तो करते हैं, परंतु वे वैर नहीं करते। इसलिए बोलकर अपनी तरफ से वैर की गांठ खोल देना। इस मौके पर ग्रामीण विधायक महिपाल ढांडा, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रमोद विज, पूर्व मंत्री ओमप्रकाश जैन, भाजपा जिला महामंत्री देवेंद्र दत्ता, एसडीएम पानीपत विवेक चौधरी, दिगंबर जैन पंचायत के प्रधान राकेश जैन, मेहूल जैन मौजूद रहे।
शिक्षा मंत्री बोले यह हिंदुस्तान का भाग्य है
शिक्षा मंत्री प्रो. राम बिलास शर्मा ने मुनि तरुण सागर का आशीर्वाद लेकर दीप प्रज्जवलित किया। उन्होंने कहा कि यह हिंदुस्तान का भाग्य है कि इस धरती पर संतों की जागीर के रूप में संत मुनि तरुण सागर जैसी हस्तियां पैदा हुई हैं। जो स्वयं तपस्या की पराकाष्ठा हैं। ऐसे संत समाज में बदलाव लाने की हिम्मत रखते हैं।
यह बहुत ही सौभाग्य की बात होगी कि मुनि तरुण सागर के प्रवचनों को हरियाणा विधानसभा और पंजाब विधानसभा के संयुक्त अधिवेशन में संबोधित करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तरुण सागर महाराज से फरीदाबाद में मिले, तो मैंने महाराज से कहा कि अबकी बार चंडीगढ़ में चतुर्थ मास करना। उसी समय संत महाराज तरुण सागर फरीदाबाद से चल पड़े।
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शिवाजी स्टेडियम में कड़वे प्रवचनों के दूसरे दिन मुनि तरुण सागर ने कहा कि शबरी ने बुलाया तो श्री राम चले आए, मीरा ने बुलाया तो श्री कृष्ण चले आए और पानीपत वालों ने बुलाया तो तरुण सागर चले आए।
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उन्होंने कहा कि राम बिलास ने पुकारा है तो यह समझ लेना कि तरुण सागर चंडीगढ़ के लिए चल पड़े हैं। उन्होंने कहा कि प्रार्थना में प्राण डालो। प्रार्थना कोई लंबी-चौड़ी नहीं हो। लेकिन प्रार्थना आत्मा से होनी चाहिए। प्रार्थना करने के बाद आपका काम खत्म। बीज बोने के बाद किसान का काम खत्म हो जाता है। यदि किसान बार-बार मिट्टी कुरेद कर बीज को अंकुरित होते हुए देखना चाहता है, तो बीज भी अंकुरित नहीं होगा।
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- सफलता का दिया मंत्र
मुनि ने श्रद्धालुओं को सफलता का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति सफलता चाहता है, तो बहाना बनाना छोड़ दे। यदि बहाना बनाना है, तो सफलता को पाना भूल जाना। जीवन की समृद्धि के लिए कम बोलिए, चुप रहिए। जीवन के परिवर्तन के लिए सुबह मौन रहना चाहिए। चिल्लाने के लिये तरुण सागर बहुत है। उन्होंने कहा कि पति-पत्नी में एक गर्म और एक ठंडे होने जरूरी हैं। यदि दोनो गर्म होंगे तो परिवार में शांति नहीं होगी।
क्रोध का मुकाबला माफी से करो
उन्होंने कहा कि क्रोध का मुकाबला माफी से करो, शांति खुद हो जाएगी। उन्होंने कहा कि आप शांत हो जाइए, इससे जीवन शांत हो जाता है। उन्होंने कहा कि जीवन के परिवर्तन के लिये भगवान और मृत्यु को याद करिये। जब मृत्यु की याद आएगी, तो भगवान की याद जरूर आएगी।
- लड़ाई हो जाए लेकिन बोलचाल बंद मत करना
उन्होंने कहा कि लड़ाई-झगड़ा कर लेना, पिट जाना और पीट देना मगर बोलचाल बंद मत करना। क्योंकि इससे सुलह के सारे दरवाजे बंद हो जाते हैं। जिस प्रकार बच्चें क्रोध तो करते हैं, परंतु वे वैर नहीं करते। इसलिए बोलकर अपनी तरफ से वैर की गांठ खोल देना। इस मौके पर ग्रामीण विधायक महिपाल ढांडा, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रमोद विज, पूर्व मंत्री ओमप्रकाश जैन, भाजपा जिला महामंत्री देवेंद्र दत्ता, एसडीएम पानीपत विवेक चौधरी, दिगंबर जैन पंचायत के प्रधान राकेश जैन, मेहूल जैन मौजूद रहे।
शिक्षा मंत्री बोले यह हिंदुस्तान का भाग्य है
शिक्षा मंत्री प्रो. राम बिलास शर्मा ने मुनि तरुण सागर का आशीर्वाद लेकर दीप प्रज्जवलित किया। उन्होंने कहा कि यह हिंदुस्तान का भाग्य है कि इस धरती पर संतों की जागीर के रूप में संत मुनि तरुण सागर जैसी हस्तियां पैदा हुई हैं। जो स्वयं तपस्या की पराकाष्ठा हैं। ऐसे संत समाज में बदलाव लाने की हिम्मत रखते हैं।
यह बहुत ही सौभाग्य की बात होगी कि मुनि तरुण सागर के प्रवचनों को हरियाणा विधानसभा और पंजाब विधानसभा के संयुक्त अधिवेशन में संबोधित करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तरुण सागर महाराज से फरीदाबाद में मिले, तो मैंने महाराज से कहा कि अबकी बार चंडीगढ़ में चतुर्थ मास करना। उसी समय संत महाराज तरुण सागर फरीदाबाद से चल पड़े।