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फ्लोर में न जुड़ेगी मुमटी नहीं लगेगा प्रॉपर्टी टैक्स
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पानीपत। शहरवासियों के लिए एक राहत भरी खबर है। अब घरों की छत पर बनी मुमटी फ्लोर के तौर पर नहीं देेखी जाएगी और न ही इसका टैक्स जोड़ा जाएगा। अगर छत पर मुमटी बनी है और इसका टैक्स हाउस टैक्स में जुड़कर आया है तो इसे आसानी से हटवाया जा सकता है। इसके लिए आपको निगम की वेबसाइट पर ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करवानी होगी।
इसके बाद निगम अधिकारी मौके का निरीक्षण करेंगे और इस टैक्स को हटाने का काम करेंगे। केवल इस बात का ध्यान रखना होगा कि केवल मुमटी का ही टैक्स हटाया जाएगा। अगर मुमटी के नाम पर कमरा बनाया है या मुमटी में शौचालय तक बनवाएं हैं तो ये टैक्स कम नहीं होगा।
इससे शहर के उन लाखों लोगों को फायदा होगा जिनका टैक्स इस मुमटी की वजह से बढ़ा है। ये घोषणा वीरवार को वरिष्ठ उप महापौर दुष्यंत भट्ट ने की है। उन्होंने इसके लिए निगम अधिकारियों से बातचीत भी की। जिसमें अधिकारियों ने बताया कि मुमटी फ्लोर के तौर पर जोड़कर नहीं देखी जा सकती। अगर मुमटी के नाम पर कुछ और बनाया गया है तो टैक्स को नहीं हटाया जा सकता।
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बता दें कि नगर निगम के पास ऑनलाइन और ऑफलाइन ऐसी सैकड़ों शिकायतें आई हैं जिनमें प्रॉपर्टी टैक्स को काम करने के लिए मुमटी का जिक्र किया गया है। ये टैक्स 300 गज तक की रिहायशी संपत्ति में 75 पैसे प्रति गज के हिसाब से वसूल किया जाता है। इसमें कुल टैक्स का 60 प्रतिशत हिस्सा मुमटी का शामिल किया जाता है। जिससे टैक्स बढ़ता है।
सीनियर डिप्टी मेयर दुष्यंत भट्ट ने बताया कि इस मामले की जब गहनता से जांच की गई तो पता चला कि ये सर्वे की खामी है। जो लोगों पर भारी पड़ रही है। इसके लिए उन्होंने निगम अधिकारियों से बातचीत की। टैक्स संबंधित जांच पड़ताल में सामने आया कि छत पर केवल मुमटी है तो उसके टैक्स को ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करवाकर हटवाया जा सकता है।
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इसके बाद निगम अधिकारी मौके का निरीक्षण करेंगे और इस टैक्स को हटाने का काम करेंगे। केवल इस बात का ध्यान रखना होगा कि केवल मुमटी का ही टैक्स हटाया जाएगा। अगर मुमटी के नाम पर कमरा बनाया है या मुमटी में शौचालय तक बनवाएं हैं तो ये टैक्स कम नहीं होगा।
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इससे शहर के उन लाखों लोगों को फायदा होगा जिनका टैक्स इस मुमटी की वजह से बढ़ा है। ये घोषणा वीरवार को वरिष्ठ उप महापौर दुष्यंत भट्ट ने की है। उन्होंने इसके लिए निगम अधिकारियों से बातचीत भी की। जिसमें अधिकारियों ने बताया कि मुमटी फ्लोर के तौर पर जोड़कर नहीं देखी जा सकती। अगर मुमटी के नाम पर कुछ और बनाया गया है तो टैक्स को नहीं हटाया जा सकता।
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बता दें कि नगर निगम के पास ऑनलाइन और ऑफलाइन ऐसी सैकड़ों शिकायतें आई हैं जिनमें प्रॉपर्टी टैक्स को काम करने के लिए मुमटी का जिक्र किया गया है। ये टैक्स 300 गज तक की रिहायशी संपत्ति में 75 पैसे प्रति गज के हिसाब से वसूल किया जाता है। इसमें कुल टैक्स का 60 प्रतिशत हिस्सा मुमटी का शामिल किया जाता है। जिससे टैक्स बढ़ता है।
सीनियर डिप्टी मेयर दुष्यंत भट्ट ने बताया कि इस मामले की जब गहनता से जांच की गई तो पता चला कि ये सर्वे की खामी है। जो लोगों पर भारी पड़ रही है। इसके लिए उन्होंने निगम अधिकारियों से बातचीत की। टैक्स संबंधित जांच पड़ताल में सामने आया कि छत पर केवल मुमटी है तो उसके टैक्स को ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करवाकर हटवाया जा सकता है।