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Panipat News: एक ही छत के नीचे जच्चा बच्चा को मिलेगी सेवाएं

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 24 Jun 2024 06:33 AM IST
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Mother and child will get services under one roof
पानीपत। जिला नागरिक अस्पताल परिसर में 21 करोड़ की लागत से बन रही एमसीएच (मैटरनल एंड चाइल्ड हेल्थ) विंग की सौगात दिसंबर 2024 तक मिलेगी। बिल्डिंग का काम लगभग पूरा हो चुका है। बिल्डिंग में अब फर्श का काम होगा। इसके बाद फर्निचर का काम शुरू होगा। अब बिल्डिंग में बिजली का काम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने डेढ़ करोड़ का टेंडर निकाला है। एजेंसियों को टेंडर लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। डीजी हेल्थ ने पीडब्ल्यूडी को जल्द बिल्डिंग का काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
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सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा भी पीडब्ल्यूडी को जल्द काम करने के लिए पत्र लिख रहे हैं। बिल्डिंग का काम दिसंबर 2023 तक पूरा होना था, लेकिन बिल्डिंग के टेंडर में देरी और भुगतान में देर होने से होने पर काम में देरी हुई है। 2021 में कुरुक्षेत्र की निजी कंपनी ने एमसीएच विंग की बिल्डिंग का निर्माण कार्य शुरू किया था। अब तक विंग का ढांचा पूरा तैयार हो चुका है एमसीएच विंग शुरू होने पर सिविल अस्पताल 300 बेड का होगा। फिलहाल 200 बेड का सिविल अस्पताल है और 100 बेड की एमसीएच विंग बनाई जा रही है। विंग पंचकूला की तर्ज पर बनाई जा रही है। बिल्डिंग 23 हजार 425 वर्ग फीट में बनाई जा रही है।
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2018 में सीएम मनोहर लाल ने पानीपत में एमसीएच विंग के निर्माण को हरी झंडी दी थी। जून 2021 में विंग का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। विंग में प्रसव से पहले गर्भवती महिलाओं को रखने के लिए बेड होंगे। प्रसव संपन्न कराने के लिए 20 टेबल होंगी। प्रसव उपरांत 48 से 72 घंटे अस्पताल में भर्ती पहले के लिए जच्चा-बच्चा के लिए पर्याप्त बेड होंगे। महिला ओपीडी, शिशु रोग ओपीडी, स्पेशल न्यू बोर्न चाइल्ड केयर यूनिट (एसएनसीयू) बनेगी। एक ऑपरेशन थियेटर भी बन सकता है। जच्चा-बच्चा का चेकअप और इलाज एक छत के नीचे होगा।
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सिविल अस्पताल में अगर कोई गर्भवती महिला या शिशु इलाज के लिए आता है तो पहले उसने पर्ची कटवानी पड़ती है। फिर भूतल पर डॉक्टर जांच करते हैं। अगर गर्भवती है तो उसे जांच के बाद दूसरे तल पर ले जाया जाता है। यहां पर डिलीवरी होने के बाद अगर शिशु को कोई दिक्कत है तो उसे पांचवें तल पर एसएनसीयू वार्ड में ले जाया जाता है। अगर महिला की सिजेरियन डिलीवरी होनी है तो उसे पांचवें तल पर ऑपरेशन थियेटर ले जाना पड़ता है। ऐसे में मरीजों के साथ साथ डॉक्टरों को भी खासी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।





वर्जन-

एमसीएच विंग का काम चल रहा है। अब बिल्डिंग में बिजली काम होना है। इसके लिए टेंडर निकाला गया है। पीडब्ल्यूडी को दिसंबर 2024 तक बिल्डिंग का निर्माण कार्य पूरा कर हैंडओवर करनी है। बिल्डिंग के कार्य पर नजर रखी जा रही है। एमसीएच विंग बनने पर अस्पताल 300 बेड का होगा। जच्चा बच्चा को एक ही बेड के नीचे सभी सुविधाएं मिलेंगी।





- डॉ. जयंत आहूजा, सिविल सर्जन पानीपत।
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