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Panipat News: गलत बिजली बिलाें से संंबंधित रहीं ज्यादातर शिकायतें
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पानीपत। बिजली निगम की उपभोक्ता कष्ट निवारण संघ कुरुक्षेत्र यानी सीजीआरएफ की ओर से जिला सचिवालय के पीछे सेक्टर 6 स्थित 33 केवी पावर हाउस में उपभोक्ताओं की समस्याएं सुनने के लिए बुधवार को खुला दरबार लगाया गया। इसमें कुल पांच शिकायतें आई। जिनमें से सीजीआरएफ अधिकारी चार का केस बनाकर अपने साथ ले गए बाकी एक निगम अधिकारियों को समाधान करवाने का आदेश दे गए।
उल्लेखनीय है कि दरबार में सीजीआरएफ चेयरमैन आरके खन्ना के सामने एक शिकायत लाइन शिफ्टिंग करने को लेकर आई। तीन गलत बिल और एक शिकायत ट्यूबवेल कनेक्शन से संबंधित रही। बिजली निगम परिचालन मंडल की ओर से मौके पर एसडीओ अंजलि, एसडीओ यतेंद्र कटारा, सीए शिवचरण, दलेल कुमार, रवि कुमार मौजूद रहे।
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पहले औसत, अब यूनिट का 90 हजार का बिल बनाकर भेज दिया
खुले दरबार में कुटानी निवासी मामन की गलत बिजली बिल की शिकायत रही। मामन ने बताया कि निगम की ओर से मार्च 2022 से लगातार उसके घरेलू बिजली कनेक्शन का रीडिंग की बजाय औसतन बिल भेजा जाता रहा जिसे वे भरते रहे। अब निगम ने अचानक 90 हजार का बिल भेज दिया है। इसमें उनकी क्या गलती है उन्हें अब तक समझ नहीं आया। बिजली निगम की लापरवाही और गलती का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है। निगम अधिकारियों के पास कई चक्कर काटे लेकिन आश्वासन लेकर वापस लौटना पड़ा। राजा खेड़ी गांव निवासी हवा सिंह और देवेंद्र ने बताया कि गांव में उनके घरों के उपर से बिजली की हाई वोल्टेज तार गुजर रही है। इस लाइन पर लोहे के खंभे भी लगे हैं। इसे शिफ्ट करवाने के लिए निगम से मंजूरी ली। खंभे तक स्टोर से मिल गए, उनको लगवाने के लिए मौके पर रखवा दिया गया लेकिन अब तक लाइन शिफ्ट नहीं हो सकी। उन्हें हर समय जान माल का खतरा बना रहता है। कई बार निगम में चक्कर काटने के बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। छाजपुर सब डिवीजन के एसडीओ यतेंद्र कटारा ने बताया कि कुछ स्थानीय लोगों के विरोध के चलते काम रुका पड़ा है। पुलिस बल को लेकर लाइन शिफ्टिंग का काम कराया जाएगा।
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बार बार गलत भेज रहे बिल, लगाने पड़ रहे चक्कर
बाबरपुर निवासी सतपाल ने बताया कि बिजली निगम की ओर से करीब तीन साल से उनका एवरेज बिल भेजा जाता रहा। जिसे वे भरते रहे। निगम ने उनसे इन बिलों की एवज में 25764 रुपये भरवा लिए, जबकि यूनिट के अनुसार उनका बिल करीब 10 हजार रुपये ही बनता था। फिर उनका मीटर बदल दिया गया। उन्होंने अपना बिल ठीक करवाने की फरियाद लगाई तो निगम कर्मचारियों ने बिल ठीक करने की बजाय उनका कनेक्शन ही काट दिया। फिर उससे 5584 रुपये का बिल भर कर कनेक्शन चालू करवाया।
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उल्लेखनीय है कि दरबार में सीजीआरएफ चेयरमैन आरके खन्ना के सामने एक शिकायत लाइन शिफ्टिंग करने को लेकर आई। तीन गलत बिल और एक शिकायत ट्यूबवेल कनेक्शन से संबंधित रही। बिजली निगम परिचालन मंडल की ओर से मौके पर एसडीओ अंजलि, एसडीओ यतेंद्र कटारा, सीए शिवचरण, दलेल कुमार, रवि कुमार मौजूद रहे।
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पहले औसत, अब यूनिट का 90 हजार का बिल बनाकर भेज दिया
खुले दरबार में कुटानी निवासी मामन की गलत बिजली बिल की शिकायत रही। मामन ने बताया कि निगम की ओर से मार्च 2022 से लगातार उसके घरेलू बिजली कनेक्शन का रीडिंग की बजाय औसतन बिल भेजा जाता रहा जिसे वे भरते रहे। अब निगम ने अचानक 90 हजार का बिल भेज दिया है। इसमें उनकी क्या गलती है उन्हें अब तक समझ नहीं आया। बिजली निगम की लापरवाही और गलती का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है। निगम अधिकारियों के पास कई चक्कर काटे लेकिन आश्वासन लेकर वापस लौटना पड़ा। राजा खेड़ी गांव निवासी हवा सिंह और देवेंद्र ने बताया कि गांव में उनके घरों के उपर से बिजली की हाई वोल्टेज तार गुजर रही है। इस लाइन पर लोहे के खंभे भी लगे हैं। इसे शिफ्ट करवाने के लिए निगम से मंजूरी ली। खंभे तक स्टोर से मिल गए, उनको लगवाने के लिए मौके पर रखवा दिया गया लेकिन अब तक लाइन शिफ्ट नहीं हो सकी। उन्हें हर समय जान माल का खतरा बना रहता है। कई बार निगम में चक्कर काटने के बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। छाजपुर सब डिवीजन के एसडीओ यतेंद्र कटारा ने बताया कि कुछ स्थानीय लोगों के विरोध के चलते काम रुका पड़ा है। पुलिस बल को लेकर लाइन शिफ्टिंग का काम कराया जाएगा।
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बार बार गलत भेज रहे बिल, लगाने पड़ रहे चक्कर
बाबरपुर निवासी सतपाल ने बताया कि बिजली निगम की ओर से करीब तीन साल से उनका एवरेज बिल भेजा जाता रहा। जिसे वे भरते रहे। निगम ने उनसे इन बिलों की एवज में 25764 रुपये भरवा लिए, जबकि यूनिट के अनुसार उनका बिल करीब 10 हजार रुपये ही बनता था। फिर उनका मीटर बदल दिया गया। उन्होंने अपना बिल ठीक करवाने की फरियाद लगाई तो निगम कर्मचारियों ने बिल ठीक करने की बजाय उनका कनेक्शन ही काट दिया। फिर उससे 5584 रुपये का बिल भर कर कनेक्शन चालू करवाया।