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मनी ट्रांसफर संचालक का ड्रेन में मिला शव, शरीर पर चोट के निशान न मिलने पर जांच के लिए विसरा भेजा
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पानीपत। डाबर कॉलोनी से लापता हुए मनी ट्रांसफर संचालक का शव मंगलवार सुबह आठ बजे गांव भैंसवाल के पास ड्रेन-2 में मिला। परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। साथ ही जांच के लिए विसरा सुरक्षित कर लैब भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट के बाद मौत के कारण का खुलासा होगा। परिजनों ने मामले में तीन दोस्तों पर ही ड्रेन में धक्का देकर हत्या करने का आरोप लगाया है।
शामली के दरगाहपुर गांव निवासी सुभाष चंद्र सरोहा ने बताया कि उसका बेटा मयंक सरोहा उर्फ तरुण पानीपत में डाबर कॉलोनी में चौधरी टेलीकॉम के नाम से मोबाइल रिपेयरिंग और मनी ट्रांसफर आदि का काम करता था। वह पानीपत में ही किराए पर कमरा लेकर रहता था और दूसरे-तीसरे दिन गांव में आता था। 16 अक्टूबर को उसके साथी संजीव कुमार, अमित और जॉनी उसके बेटे को कमरे से बुलाकर बाइक पर साथ ले गए। रविवार रात करीब साढे़ 10 बजे मयंक ने अपनी पत्नी के पास कॉल की थी। साथ ही कहा था कि वह जल्द घर आएगा, लेकिन रात डेढ़ बजे उसके दोस्तों ने बेटे के मोबाइल से फोन कर उसके ड्रेन में गिरने की सूचना दी। इससे पहले कि वे मौके पर पहुंचते दोस्तों ने थाने में इसकी जानकारी दी। इसके बाद थाने से भी परिजनों के पास फोन आया। पुलिस ने बताया कि संजीव, अमित और जॉनी थाने आए हैं, जिन्होंने मयंक के ड्रेन में गिरने की बात कही है। सोमवार को दिनभर ड्रेन में खोजबीन के बाद भी मयंक का सुराग नहीं लगा। इसके बाद मंगलवार की सुबह ड्रेन से उसका शव मिला। विदित हो कि मयंक दो बहनों का इकलौता भाई था और उसकी नौ माह की बेटी है।
वर्जन
मयंक का ड्रेन से शव मिला है, जिसका पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है। जांच के लिए विसरा को लैब भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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- दीपक कुमार, सेक्टर 13-17 थाना प्रभारी
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शामली के दरगाहपुर गांव निवासी सुभाष चंद्र सरोहा ने बताया कि उसका बेटा मयंक सरोहा उर्फ तरुण पानीपत में डाबर कॉलोनी में चौधरी टेलीकॉम के नाम से मोबाइल रिपेयरिंग और मनी ट्रांसफर आदि का काम करता था। वह पानीपत में ही किराए पर कमरा लेकर रहता था और दूसरे-तीसरे दिन गांव में आता था। 16 अक्टूबर को उसके साथी संजीव कुमार, अमित और जॉनी उसके बेटे को कमरे से बुलाकर बाइक पर साथ ले गए। रविवार रात करीब साढे़ 10 बजे मयंक ने अपनी पत्नी के पास कॉल की थी। साथ ही कहा था कि वह जल्द घर आएगा, लेकिन रात डेढ़ बजे उसके दोस्तों ने बेटे के मोबाइल से फोन कर उसके ड्रेन में गिरने की सूचना दी। इससे पहले कि वे मौके पर पहुंचते दोस्तों ने थाने में इसकी जानकारी दी। इसके बाद थाने से भी परिजनों के पास फोन आया। पुलिस ने बताया कि संजीव, अमित और जॉनी थाने आए हैं, जिन्होंने मयंक के ड्रेन में गिरने की बात कही है। सोमवार को दिनभर ड्रेन में खोजबीन के बाद भी मयंक का सुराग नहीं लगा। इसके बाद मंगलवार की सुबह ड्रेन से उसका शव मिला। विदित हो कि मयंक दो बहनों का इकलौता भाई था और उसकी नौ माह की बेटी है।
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वर्जन
मयंक का ड्रेन से शव मिला है, जिसका पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है। जांच के लिए विसरा को लैब भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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- दीपक कुमार, सेक्टर 13-17 थाना प्रभारी