{"_id":"635d9c0e0644f5231a24c6de","slug":"mobile-shopkeeper-who-provided-sim-to-mohit-s-killers-arrested-panipat-news-knl1258552148","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोहित के हत्यारोपियों को सिम उपलब्ध कराने वाला मोबाइल दुकानदार धरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मोहित के हत्यारोपियों को सिम उपलब्ध कराने वाला मोबाइल दुकानदार धरा
विज्ञापन
पानीपत। प्रीत विहार कॉलोनी के मोहित की हत्या कराने में कवी गांव के मोबाइल दुकान संचालक का भी अहम योगदान था। दुकान संचालक ने आरोपियों को वारदात में इस्तेमाल करने के लिए एक सिमकार्ड दिया था। ये सिमकार्ड किसी उपभोक्ता का चुराया गया था। इसी सिमकार्ड से आरोपियों ने ऑनलाइन मोहित की टैक्सी झज्जर के लिए बुक की थी। इसके बाद मोहित की हत्या कर उसकी गाड़ी को लूट लिया गया था। सीआईए टू ने अब आरोपी गांव कवी निवासी पंकज पुत्र भोपाल को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को शनिवार को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस बाकी आरोपियों की धरपकड़ में जुटी है।
सीआईए टू प्रभारी विरेंद्र सिंह ने बताया कि 14 अक्तूबर को प्रीत विहार कॉलोनी निवासी मोहित सोनी की बरेजा कार रसलापुर गांव से बुक की गई थी। मोहित बुकिंग पर गांव रसलापुर पहुंचा था। कार को झज्जर के लिए बुक किया गया था। इसके बाद वो लापता हो गया था। 15 अक्तूबर को मोहित के पिता राजेंद्र दयाल ने बेटे की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 16 अक्तूबर को मोहित का शव गांव रोहट के पास सड़क किनारे मिला था। मोहित की गोली मारकर हत्या की गई थी। पुलिस ने इस मामले की विभिन्न पहलूओं पर जांच की और शुक्रवार को पुलिस हत्यारोपियों को सिमकार्ड उपलब्ध कराने वाले गांव कवी के पंकज पुत्र भोपाल तक पहुंच गई। पंकज की कुटानी रोड पर जांगड़ा मार्केट में ओम कम्युनिकेशन के नाम से है। पंकज ने पुलिस हिरासत में बताया कि मोहित की हत्या का आरोपी उसका गांव हाट, जींद निवासी राकेश है। उससे राकेश की मुलाकात सफीदो में हुई थी। पहले उसकी सफीदो में दुकान थी। अब कुछ माह पहले उसने दुकान यहां शिफ्ट कर ली थी। राकेश का उसके पास आना जाना था। राकेश ने उसे बताया कि था कि उन्हें एक गाड़ी लूटनी है। इसके लिए उन्हें एक सिम चाहिए जो किसी और की आईडी पर हो। इसी नंबर से ऑनलाइन बुकिंग करनी है। उसको लूट में हिस्सा देने का प्रलोभन दिया गया था। उसने एक उपभोक्ता के मोबाइल का कवर बदलते हुए सिम चोरी कर लिया था। इस सिम को उसने राकेश को दिया था। राकेश ने 14 अक्तूबर को मोहित की हत्या कर लूट की वारदात को अंजाम दिया था।
विज्ञापन
सीआईए टू प्रभारी विरेंद्र सिंह ने बताया कि 14 अक्तूबर को प्रीत विहार कॉलोनी निवासी मोहित सोनी की बरेजा कार रसलापुर गांव से बुक की गई थी। मोहित बुकिंग पर गांव रसलापुर पहुंचा था। कार को झज्जर के लिए बुक किया गया था। इसके बाद वो लापता हो गया था। 15 अक्तूबर को मोहित के पिता राजेंद्र दयाल ने बेटे की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 16 अक्तूबर को मोहित का शव गांव रोहट के पास सड़क किनारे मिला था। मोहित की गोली मारकर हत्या की गई थी। पुलिस ने इस मामले की विभिन्न पहलूओं पर जांच की और शुक्रवार को पुलिस हत्यारोपियों को सिमकार्ड उपलब्ध कराने वाले गांव कवी के पंकज पुत्र भोपाल तक पहुंच गई। पंकज की कुटानी रोड पर जांगड़ा मार्केट में ओम कम्युनिकेशन के नाम से है। पंकज ने पुलिस हिरासत में बताया कि मोहित की हत्या का आरोपी उसका गांव हाट, जींद निवासी राकेश है। उससे राकेश की मुलाकात सफीदो में हुई थी। पहले उसकी सफीदो में दुकान थी। अब कुछ माह पहले उसने दुकान यहां शिफ्ट कर ली थी। राकेश का उसके पास आना जाना था। राकेश ने उसे बताया कि था कि उन्हें एक गाड़ी लूटनी है। इसके लिए उन्हें एक सिम चाहिए जो किसी और की आईडी पर हो। इसी नंबर से ऑनलाइन बुकिंग करनी है। उसको लूट में हिस्सा देने का प्रलोभन दिया गया था। उसने एक उपभोक्ता के मोबाइल का कवर बदलते हुए सिम चोरी कर लिया था। इस सिम को उसने राकेश को दिया था। राकेश ने 14 अक्तूबर को मोहित की हत्या कर लूट की वारदात को अंजाम दिया था।
विज्ञापन