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Panipat News: धुंध, धूप और हवा, पर सर्दी से राहत नहीं
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पानीपत। धुंध, धूप और हवा। सर्दी में बुधवार को तीन तरह का मौसम रहा। सुबह के समय धुंध का प्रकोप जारी रहा तो दिन के समय तेज धूप भी खिली, जिससे ठंड से लोगों को कुछ राहत मिली। इसके साथ हवा चलने से लोगों को दिन ढलते ही सर्दी सताने लगी। इससे पहले मंगलवार की रात से जारी रही धुंध बुधवार सुबह तक जारी रही। ठंड से लोग ठिठुरते रहे, धूप निकलने के बाद भी सर्दी का प्रकोप जारी रहा।
जनवरी के दूसरे पखवाड़े में सर्दी बढ़ती ही जा रही है। बुधवार को सुबह के समय शहर कोहरे की चादर से ढका रहा। जिले का अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा को वेग 12.8 किमी प्रति घंटा रहा और वातावरण में 30 फीसदी नमी दर्ज की गई। मौसम के रोजाना बदलते इस मिजाज को जिला वासी समा नहीं पा रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार पहाड़ी क्षेत्रों में हो रहे हिमपात के कारण मैदानी इलाकों में ठंड का प्रकोप जारी है, और आगे भी जारी रहेगा। बुधवार को दिन की शुरूआत होते ही लोगों को कोहरे का सामना करना पड़ा।
गौरतलब है कि पिछले एक सप्ताह के अंदर सुबह-शाम ठंड काफी बढ़ गई है और न्यूनतम तापमान भी कम होता जा रहा था। वहीं पर मौसम विभाग के अनुसार न्यूनतम तापमान के साथ अधिकतम तापमान में भी अब तेजी से गिरावट आ सकती है। ऐसे में अगर सुबह शाम बाहर निकलते वक्त सावधानी नहीं बरती तो ठंड आपको परेशान कर सकती है। जनवरी के शुरुआती दिनों में जिले का अधिकतम तापमान जहां 22 डिग्री से ऊपर बना हुआ था, वहीं न्यूनतम तापमान भी 12 डिग्री के आसपास बना हुआ था, परंतु पिछले कुछ दिनों से पहाड़ी क्षेत्रों में हुई ताजा बर्फबारी के चलते तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
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चल सकती हैं तेज पश्चिमी हवाएं
जिले में बुधवार को पश्चिमी हवाएं भी चली। परिणाम स्वरूप तेज धूप का प्रभाव भी कम हो गया। पश्चिमी हवाएं चलने से पहाड़ी क्षेत्रों से शीत लहर चलने का अंदेशा भी बढ़ गए हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में जल्द ही शीत लहर भी जिला वासियों के लिए ठंड का अहसास करवा सकती है। वहीं पर ठंड बढऩे से कृषि क्षेत्र को इसका फायदा पहुंचेगा, क्योंकि रबी के सीजन की फसलों गेहूं, चना, के लिए ठंड होना बहुत आवश्यक है। गेहूं के ग्रोथ के लिए ठंड बहुत फायदेमंद साबित होती है।
ठंड पहुंचा सकती है नुकसान
जिले में सुबह शाम ठंड पड़नी शुरू हो गई, विशेषज्ञों के अनुसार ठंड काफी नुकसानदायक साबित हो सकती है। आमतौर पर ठंड के दिनों में लोग बचाव के उपाय नहीं अपनाते, जिसके चलते उन्हें ठंड लग जाती है, और खांसी जुकाम जैसी बीमारियों का ग्राफ बढ़ जाता है। ठंड लगने की वजह से बुखार, शरीर में जकडऩ, थकान आदि बीमारियां भी व्यक्ति को परेशान करती है। सुबह जल्दी नौकरी पर जाने वाले लोगों के लिए सावधानी बरतना और भी अधिक जरूरी हो जाता है।
वर्जन
मौसम विशेषज्ञ डा. आशीष का कहना है कि पश्चिमी हवाएं चलने की संभावना है। धूप निकलने से न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी हुई है। चार पांच दिनों तक क्षेत्र में सुबह शाम धुंध का जारी रह सकती है।
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जनवरी के दूसरे पखवाड़े में सर्दी बढ़ती ही जा रही है। बुधवार को सुबह के समय शहर कोहरे की चादर से ढका रहा। जिले का अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा को वेग 12.8 किमी प्रति घंटा रहा और वातावरण में 30 फीसदी नमी दर्ज की गई। मौसम के रोजाना बदलते इस मिजाज को जिला वासी समा नहीं पा रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार पहाड़ी क्षेत्रों में हो रहे हिमपात के कारण मैदानी इलाकों में ठंड का प्रकोप जारी है, और आगे भी जारी रहेगा। बुधवार को दिन की शुरूआत होते ही लोगों को कोहरे का सामना करना पड़ा।
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गौरतलब है कि पिछले एक सप्ताह के अंदर सुबह-शाम ठंड काफी बढ़ गई है और न्यूनतम तापमान भी कम होता जा रहा था। वहीं पर मौसम विभाग के अनुसार न्यूनतम तापमान के साथ अधिकतम तापमान में भी अब तेजी से गिरावट आ सकती है। ऐसे में अगर सुबह शाम बाहर निकलते वक्त सावधानी नहीं बरती तो ठंड आपको परेशान कर सकती है। जनवरी के शुरुआती दिनों में जिले का अधिकतम तापमान जहां 22 डिग्री से ऊपर बना हुआ था, वहीं न्यूनतम तापमान भी 12 डिग्री के आसपास बना हुआ था, परंतु पिछले कुछ दिनों से पहाड़ी क्षेत्रों में हुई ताजा बर्फबारी के चलते तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
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चल सकती हैं तेज पश्चिमी हवाएं
जिले में बुधवार को पश्चिमी हवाएं भी चली। परिणाम स्वरूप तेज धूप का प्रभाव भी कम हो गया। पश्चिमी हवाएं चलने से पहाड़ी क्षेत्रों से शीत लहर चलने का अंदेशा भी बढ़ गए हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में जल्द ही शीत लहर भी जिला वासियों के लिए ठंड का अहसास करवा सकती है। वहीं पर ठंड बढऩे से कृषि क्षेत्र को इसका फायदा पहुंचेगा, क्योंकि रबी के सीजन की फसलों गेहूं, चना, के लिए ठंड होना बहुत आवश्यक है। गेहूं के ग्रोथ के लिए ठंड बहुत फायदेमंद साबित होती है।
ठंड पहुंचा सकती है नुकसान
जिले में सुबह शाम ठंड पड़नी शुरू हो गई, विशेषज्ञों के अनुसार ठंड काफी नुकसानदायक साबित हो सकती है। आमतौर पर ठंड के दिनों में लोग बचाव के उपाय नहीं अपनाते, जिसके चलते उन्हें ठंड लग जाती है, और खांसी जुकाम जैसी बीमारियों का ग्राफ बढ़ जाता है। ठंड लगने की वजह से बुखार, शरीर में जकडऩ, थकान आदि बीमारियां भी व्यक्ति को परेशान करती है। सुबह जल्दी नौकरी पर जाने वाले लोगों के लिए सावधानी बरतना और भी अधिक जरूरी हो जाता है।
वर्जन
मौसम विशेषज्ञ डा. आशीष का कहना है कि पश्चिमी हवाएं चलने की संभावना है। धूप निकलने से न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी हुई है। चार पांच दिनों तक क्षेत्र में सुबह शाम धुंध का जारी रह सकती है।