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Panipat News: पुस्तक, स्टेशनरी बैंक शुरू कर सेवा का दिया संदेश
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पानीपत। दशहरा कमेटी द्वारा संचालित हुडा सेक्टर-25 स्थित रघुनाथ धाम में रविवार को अन्नपूर्णा वस्त्र एवं अनाज बैंक के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम मनाया गया।स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने रघुनाथ धाम में पुस्तक बैंक का उद्घाटन किया।
इस दौरान ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि आज के समय में दान देने वाला नहीं बल्कि लेने वाला बड़ा है। उन्होंने सेवा का संदेश दिया।
ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि जो व्यक्ति दूसरे के सुख में संतोष का अनुभव करता है तथा दूसरे को दुख में देखकर अपने आप को दुखी महसूस करता है। उस पर भगवान की कृपा दृष्टि सदैव बरसती है। जिस व्यक्ति को ईश्वर ने सामर्थ्य प्रदान किया है उसे चाहिए कि वह उसे समाज में लौटाए यही सनातनी संस्कृति की पहचान है। उन्होंने कहा कि सामर्थ्य मिलना परमात्मा की कृपा है पर उसका सही उपयोग करना हर किसी के बस की बात नहीं। मिली हुई संपदा का सही प्रयोग मानसिक संतुष्टि भी देता है। जब हम सेवा करने जाते हैं तो वास्तव में उससे लाभ सेवा करने वाले को ही होता है। हमें अपने कमाई का अधिक से अधिक सदुपयोग करना चाहिए, अपनी सोच को उदार बनाना चाहिए। अन्नपूर्णा वस्त्र एवं अनाज बैंक के संस्थापक एवं आजीवन सदस्यों माटा परिवार, रेवड़ी परिवार, दुरेजा परिवार, गुलाटी परिवार, नारंग परिवार, डाॅ. रमेश चुघ, विभु पालीवाल, हरबंस लाल अरोड़ा, वीरेंद्र शाह आदि बैंक में अपने सेवाएं देने वाले सदस्यों को सम्मानित किया गया। प्रधान रमेश माटा ने कहा कि पुस्तक बैंक में आप अपनी पुरानी पुस्तकें व धार्मिक पुस्तकें दे सकते हैं।
वार्षिकोत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ हनुमान चालीसा के पाठ से हुआ। कार्यक्रम में मुख्यातिथि विधायक शहरी प्रमोद विज, पूर्व सांसद संजय भाटिया, समाजसेवी ओपी माटा, एसपी बंसल रहे। कार्यक्रम में बागेश्वर धाम से पहुंचे रोहित महाराज भी उपस्थित रहे। मंच संचालन वेद बांगा व कैलाश नारंग ने किया। इस अवसर पर सूरज दुरेजा, विरेन्द्र सोनी, तिलक राज छाबड़ा, शाम सुंदर बतरा, प्रीतम गुलाटी, अशोक नारंग व अमित मौजूद रहे।
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इस दौरान ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि आज के समय में दान देने वाला नहीं बल्कि लेने वाला बड़ा है। उन्होंने सेवा का संदेश दिया।
ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि जो व्यक्ति दूसरे के सुख में संतोष का अनुभव करता है तथा दूसरे को दुख में देखकर अपने आप को दुखी महसूस करता है। उस पर भगवान की कृपा दृष्टि सदैव बरसती है। जिस व्यक्ति को ईश्वर ने सामर्थ्य प्रदान किया है उसे चाहिए कि वह उसे समाज में लौटाए यही सनातनी संस्कृति की पहचान है। उन्होंने कहा कि सामर्थ्य मिलना परमात्मा की कृपा है पर उसका सही उपयोग करना हर किसी के बस की बात नहीं। मिली हुई संपदा का सही प्रयोग मानसिक संतुष्टि भी देता है। जब हम सेवा करने जाते हैं तो वास्तव में उससे लाभ सेवा करने वाले को ही होता है। हमें अपने कमाई का अधिक से अधिक सदुपयोग करना चाहिए, अपनी सोच को उदार बनाना चाहिए। अन्नपूर्णा वस्त्र एवं अनाज बैंक के संस्थापक एवं आजीवन सदस्यों माटा परिवार, रेवड़ी परिवार, दुरेजा परिवार, गुलाटी परिवार, नारंग परिवार, डाॅ. रमेश चुघ, विभु पालीवाल, हरबंस लाल अरोड़ा, वीरेंद्र शाह आदि बैंक में अपने सेवाएं देने वाले सदस्यों को सम्मानित किया गया। प्रधान रमेश माटा ने कहा कि पुस्तक बैंक में आप अपनी पुरानी पुस्तकें व धार्मिक पुस्तकें दे सकते हैं।
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वार्षिकोत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ हनुमान चालीसा के पाठ से हुआ। कार्यक्रम में मुख्यातिथि विधायक शहरी प्रमोद विज, पूर्व सांसद संजय भाटिया, समाजसेवी ओपी माटा, एसपी बंसल रहे। कार्यक्रम में बागेश्वर धाम से पहुंचे रोहित महाराज भी उपस्थित रहे। मंच संचालन वेद बांगा व कैलाश नारंग ने किया। इस अवसर पर सूरज दुरेजा, विरेन्द्र सोनी, तिलक राज छाबड़ा, शाम सुंदर बतरा, प्रीतम गुलाटी, अशोक नारंग व अमित मौजूद रहे।
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