{"_id":"66a837803ccc931c7a05bc26","slug":"memorandum-submitted-after-protesting-at-the-district-secretariat-panipat-news-c-244-1-pnp1001-121866-2024-07-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: जिला सचिवालय पर प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: जिला सचिवालय पर प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन
विज्ञापन
तहसीलदार वीरेंद्र कुमार को किसानों की मांगों का ज्ञापन सौंपते अखिल भारतीय किसान सभा के प्रधान
पानीपत। अखिल भारतीय किसान सभा ने किसानों की मांगों को लेकर जिला सचिवालय पर प्रदर्शन किया। इसके बाद तहसीलदार वीरेंद्र कुमार गिल के मार्फत मुख्यमंत्री और बिजली मंत्री के नाम अलग-अलग ज्ञापन सौंपा। रिटायर्ड कर्मचारी संघ, हरियाणा सर्व कर्मचारी संघ, खेत मजदूर यूनियन व सीटू ने अपना समर्थन दिया। सरकार से समस्याओं और मांगों के तुरंत समाधान की समाधान की मांग की। ऐसा न करने पर प्रदेश में आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
सभा के जिला प्रधान डॉ. सुरेंद्र मलिक व जिला सचिव राजपाल ने पिछले 10 साल से देश और प्रदेश में किसानों और अन्य लाेगों की अनदेखी की जा रही है। उनकी मांगों को मानने की बजाय मनमानी की जा रही है। इससे हर वर्ग में रोष व्याप्त है। इस मौके पर रिटायर्ड कर्मचारी संघ के जिला प्रधान बलवान सिंह, जिला सचिव भले राम, सर्व कर्मचारी संघ जिला प्रधान अमरीश त्यागी, जिला सचिव शिवकुमार, कोषाध्यक्ष कश्मीर सिंह, खेत मजदूर यूनियन के जिला से सचिव राजेंद्र सिंह, सीटू जिला प्रधान सुनील दत्त व जिला सचिव जयभगवान, दिलावर सिंह राठी, कंवर सिंह छौक्कर, रामकिशन कुंडू, रामरूप सैनी, राजवीर गिरी, गुलाब सिंह व जयपाल नूरपुर मौजूद रहे।
ये हैं मुख्य मांग
-फसल पोर्टल प्रणाली को तुरंत रद्द किया जाएं और फसल बिजाई के लिए किसानों को उचित दाम पर सरकारी दुकानों से खाद और बीज व दवा समय पर उपलब्ध कराई जाएं।
-धान की फसल की सिंचाई के लिए सरकार रोजाना कम से कम 12 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करें। नहरी पानी तुरंत चालू किया जाएं।
-तहसील रजिस्ट्री के एक सप्ताह के अंदर सरकारी शुल्क पर इंतकाल किया जाएं।
-प्राकृतिक आपदाओं में किसानों को समय पर मुआवजा दिया जाएं। बिना किसी शर्त एजेंसी फ्री में बीमा करें। फसलों के साथ पशु धन का भी निशुल्क बीमा सुनिश्चित किया जाएं।
विज्ञापन
-यमुना खादर में बाढ़ के चलते प्रतिवर्ष होने वाले नुकसान की भरपाई तुरंत की जाएं और भूमि कटाव रोकने के लिए बारिश से पहले हर वर्ष पक्की और मजबूत ठोकर बनाई जाएं।
-हरियाणा और उत्तर प्रदेश के किसानों का जमीन से संबंधित सीमा विवाद का स्थायी समाधान किया जाएं।
-किसानों को बिना ब्याज का ऋण दिया जाए और पूर्व का ऋण माफ किया जाएं।
-मनरेगा के कार्य को कृषि कार्यों से जोड़ा जाएं और मनरेगा मजदूर को 200 दिन काम और 600 रुपये प्रतिदिन मजदूरी दी जाएं।- किसानों को बिना शर्त एक महीने में नए ट्यूबवेल कनेक्शन जारी किए जाएं और पुराने ट्यूबवेल कनेक्शन का लोड बढ़ाया जाएं।
-खेतों में लगे ट्रांसफार्मर का लोड बढ़ाया जाएं
-बिजली बिल 2022 रद्द किया जाएं।
विज्ञापन
सभा के जिला प्रधान डॉ. सुरेंद्र मलिक व जिला सचिव राजपाल ने पिछले 10 साल से देश और प्रदेश में किसानों और अन्य लाेगों की अनदेखी की जा रही है। उनकी मांगों को मानने की बजाय मनमानी की जा रही है। इससे हर वर्ग में रोष व्याप्त है। इस मौके पर रिटायर्ड कर्मचारी संघ के जिला प्रधान बलवान सिंह, जिला सचिव भले राम, सर्व कर्मचारी संघ जिला प्रधान अमरीश त्यागी, जिला सचिव शिवकुमार, कोषाध्यक्ष कश्मीर सिंह, खेत मजदूर यूनियन के जिला से सचिव राजेंद्र सिंह, सीटू जिला प्रधान सुनील दत्त व जिला सचिव जयभगवान, दिलावर सिंह राठी, कंवर सिंह छौक्कर, रामकिशन कुंडू, रामरूप सैनी, राजवीर गिरी, गुलाब सिंह व जयपाल नूरपुर मौजूद रहे।
विज्ञापन
ये हैं मुख्य मांग
-फसल पोर्टल प्रणाली को तुरंत रद्द किया जाएं और फसल बिजाई के लिए किसानों को उचित दाम पर सरकारी दुकानों से खाद और बीज व दवा समय पर उपलब्ध कराई जाएं।
-धान की फसल की सिंचाई के लिए सरकार रोजाना कम से कम 12 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करें। नहरी पानी तुरंत चालू किया जाएं।
-तहसील रजिस्ट्री के एक सप्ताह के अंदर सरकारी शुल्क पर इंतकाल किया जाएं।
-प्राकृतिक आपदाओं में किसानों को समय पर मुआवजा दिया जाएं। बिना किसी शर्त एजेंसी फ्री में बीमा करें। फसलों के साथ पशु धन का भी निशुल्क बीमा सुनिश्चित किया जाएं।
विज्ञापन
-यमुना खादर में बाढ़ के चलते प्रतिवर्ष होने वाले नुकसान की भरपाई तुरंत की जाएं और भूमि कटाव रोकने के लिए बारिश से पहले हर वर्ष पक्की और मजबूत ठोकर बनाई जाएं।
-हरियाणा और उत्तर प्रदेश के किसानों का जमीन से संबंधित सीमा विवाद का स्थायी समाधान किया जाएं।
-किसानों को बिना ब्याज का ऋण दिया जाए और पूर्व का ऋण माफ किया जाएं।
-मनरेगा के कार्य को कृषि कार्यों से जोड़ा जाएं और मनरेगा मजदूर को 200 दिन काम और 600 रुपये प्रतिदिन मजदूरी दी जाएं।- किसानों को बिना शर्त एक महीने में नए ट्यूबवेल कनेक्शन जारी किए जाएं और पुराने ट्यूबवेल कनेक्शन का लोड बढ़ाया जाएं।
-खेतों में लगे ट्रांसफार्मर का लोड बढ़ाया जाएं
-बिजली बिल 2022 रद्द किया जाएं।