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गुस्साए पार्षद हुए हावी तो खफा आयुक्त ने अधिकारियों-कर्मचारियों समेत
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meeting
- फोटो : Panipat
लघु सचिवालय में बुधवार को नगर निगम की सदन की बैठक में हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। पार्षदों ने निगम अधिकारियों पर अपना गुस्सा निकाला। कई बार पार्षद और निगम अधिकारी आमने-सामने तक आ गए। पार्षद हावी होने लगे तो उनके रवैये से खफा आयुक्त ने बीच में ही बैठक छोड़ दी। उनके साथ निगम के सभी अधिकारी और कर्मचारी भी चले गए। पार्षदों ने विधायक और मेयर के सामने ही निगम के खिलाफ नारे लगा दिए। शहरी विधायक ने बीच बचाव का प्रयास किया, लेकिन हंगामा बढ़ता देख उनके साथ सीनियर डिप्टी मेयर और कुछ पार्षद भी बैठक छोड़कर चले गए हंगामे के बीच सदन की मीटिंग महज सवा घंटे में ही खत्म हो गई। इसके बाद मेयर ने 17 पार्षदों के साथ कोरम को पूरा कर एक बैठक की। सदन ने निगम आयुक्त के खिलाफ निंदा प्रस्ताव तक पास कर दिया।
मेयर अवनीत कौर ने एक बार फिर से पार्षदों को इकट्ठा किया और कोरम पूरा करते हुए दोबारा सदन की बैठक शुरू की। बैठक की कार्यवाही लिखने तक के लिए निगम कर्मी नहीं होने पर मेयर ने अपने पीए को इसकी जिम्मेदारी सौंपी। आगामी बैठक जल्द बुलाने का आश्वासन देकर मीटिंग को स्थगित कर दिया गया।
मेयर और 17 पार्षदों की ओर से दोबारा शुरू की गई सदन की मीटिंग में छोड़कर जाने पर आयुक्त और चीफ इंजीनियर के गलत प्रमोशन, उनकी मीटिंग से गैर मौजूदगी, विकास कार्यों में बाधा डालने के विरोध में निंदा प्रस्ताव पास किया गया। प्रॉपर्टी टैैक्स में निगम कर्मियों के साथ दलालों की साठगांठ, धांधली, भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए सबूतों के आधार एफआईआर कराने, टैक्स ब्रांच में लोगों को सुविधा देने एवं मॉनीटरिंग का प्रस्ताव पास किया। इसके साथ ही गांव निंबरी में कूड़ा डंपिंग स्टेशन के 27.70 करोड़ के टेंडर पर ऑब्जेक्शन लगाकर सरकार को भेजने पर सहमति बनी।
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निगम अधिकारियों को प्रॉपर्टी टैक्स में चल रही धांधली का फोटो, वीडियो दिखा दलालों समेत निगम कर्मियों पर भी रिपोर्ट दर्ज करवाने पर पार्षद अड़े, जिस पर आयुक्त ने कहा कि अगर वे लिखकर देंगे तो ही कार्रवाई हो पाएगी। निगम चीफ इंजीनियर की प्रमोशन और निंबरी कूड़ा डंपिंग स्टेशन के टेंडर को रद्द करवाने को लेकर पार्षदों हावी हो रहे थे। जिस पर आयुक्त ने कहा कि टेंडर रद्द करना सरकार के हाथ में है, सदन ऑब्जेक्शन लगाकर दे, जिसे सरकार को भेजा जाएगा।
विकास कार्य न होने से गुस्साए वार्ड नंबर-5 के पार्षद अनिल बजाज ने आयुक्त से पूछा कि निगम ने कई वार्डों में 8 ट्यूबवेल लगाए, अब उनको अवैध एरिया में बताकर ठेकेदारों का भुगतान रोक दिया गया है। ठेकेदार उनके पास आते हैं, क्योंकि ट्यूबवेल पार्षदों के कहे अनुसार ही लगाए गए हैं। इसे मुद्दे को लेकर करीब एक माह पहले 6 पार्षदों के साथ कार्यालय में भी मिले। तब आयुक्त ने कहा कि अवैध एरिया में ट्यूबवेल की पेमेंट नहीं की जाएगी। इस मु्द्दे पर बहस शुरू हुई और हंगामा बढ़ता चला गया। आयुक्त ने मीटिंग को बीच में ही छोड़ दिया।
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मेयर अवनीत कौर ने एक बार फिर से पार्षदों को इकट्ठा किया और कोरम पूरा करते हुए दोबारा सदन की बैठक शुरू की। बैठक की कार्यवाही लिखने तक के लिए निगम कर्मी नहीं होने पर मेयर ने अपने पीए को इसकी जिम्मेदारी सौंपी। आगामी बैठक जल्द बुलाने का आश्वासन देकर मीटिंग को स्थगित कर दिया गया।
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मेयर और 17 पार्षदों की ओर से दोबारा शुरू की गई सदन की मीटिंग में छोड़कर जाने पर आयुक्त और चीफ इंजीनियर के गलत प्रमोशन, उनकी मीटिंग से गैर मौजूदगी, विकास कार्यों में बाधा डालने के विरोध में निंदा प्रस्ताव पास किया गया। प्रॉपर्टी टैैक्स में निगम कर्मियों के साथ दलालों की साठगांठ, धांधली, भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए सबूतों के आधार एफआईआर कराने, टैक्स ब्रांच में लोगों को सुविधा देने एवं मॉनीटरिंग का प्रस्ताव पास किया। इसके साथ ही गांव निंबरी में कूड़ा डंपिंग स्टेशन के 27.70 करोड़ के टेंडर पर ऑब्जेक्शन लगाकर सरकार को भेजने पर सहमति बनी।
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निगम अधिकारियों को प्रॉपर्टी टैक्स में चल रही धांधली का फोटो, वीडियो दिखा दलालों समेत निगम कर्मियों पर भी रिपोर्ट दर्ज करवाने पर पार्षद अड़े, जिस पर आयुक्त ने कहा कि अगर वे लिखकर देंगे तो ही कार्रवाई हो पाएगी। निगम चीफ इंजीनियर की प्रमोशन और निंबरी कूड़ा डंपिंग स्टेशन के टेंडर को रद्द करवाने को लेकर पार्षदों हावी हो रहे थे। जिस पर आयुक्त ने कहा कि टेंडर रद्द करना सरकार के हाथ में है, सदन ऑब्जेक्शन लगाकर दे, जिसे सरकार को भेजा जाएगा।
विकास कार्य न होने से गुस्साए वार्ड नंबर-5 के पार्षद अनिल बजाज ने आयुक्त से पूछा कि निगम ने कई वार्डों में 8 ट्यूबवेल लगाए, अब उनको अवैध एरिया में बताकर ठेकेदारों का भुगतान रोक दिया गया है। ठेकेदार उनके पास आते हैं, क्योंकि ट्यूबवेल पार्षदों के कहे अनुसार ही लगाए गए हैं। इसे मुद्दे को लेकर करीब एक माह पहले 6 पार्षदों के साथ कार्यालय में भी मिले। तब आयुक्त ने कहा कि अवैध एरिया में ट्यूबवेल की पेमेंट नहीं की जाएगी। इस मु्द्दे पर बहस शुरू हुई और हंगामा बढ़ता चला गया। आयुक्त ने मीटिंग को बीच में ही छोड़ दिया।