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मतलौडा: गांव की पाती : लगातार उपेक्षा की वजह से धीमी पड़ गई मतलौडा के विकास की रफ्तार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 03 Sep 2022 02:21 AM IST
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Matlauda: Village's Patati: Due to continuous neglect, the pace of development of Matlauda slowed down
मतलौडा। मेरा नाम मतलौडा है। गांव से एक कस्बा बना, लेकिन मेरे विकास की गति धीमी पड़ चुकी है। इसकी वजह मेरी उपेक्षा हैं। जनप्रतिनिधियों में राजनीतिक इच्छाशक्ति न होना भी विकास की राह में मुझे पीछे धकेल रहा है। मेरे बाशिंदे समस्याओं से जूझ रहे हैं। मेरे यहां बाबा मोलड़ नाथ की समाधि आस्था का केंद्र है। जहां पर लोग दूर दराज से मन्नत मांगने आते हैं। मेरी भी बाबा जी से दुआ है कि अब आप ही मेरी सुध लीजिए, शायद मेरे विकास की ओर जिम्मेदारों का ध्यान चला जाए।
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वैसर रोड खस्ताहाल है, जिसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। हर बार बारिश होते ही तालाब का पानी ओवरफ्लो होकर मेरी सीमा क्षेत्र के अंदर बनी गलियों में होकर घरों में घुस जाता है। पंचायत ने एक पार्क का निर्माण कराया था, जिसका कुछ कार्य अधूरा रह गया, जिसे पूरा करने की आज तक किसी ने सुध नहीं ली। गांव की कॉलोनियों में नालियां नहीं है, सारा पानी सड़कों पर बहता है और खाली जगह भर भर जाता है, जिसमें मच्छर पनपते हैं। प्राइमरी स्कूल में बच्चों के लिए शौचालय बनाना भी उचित नहीं समझा गया। इससे बच्चे परेशान रहते हैं।
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- बोले ग्रामीण
गांव के पानी की निकासी सरकारी स्कूल के पास स्थित तालाब में होती है, जो हर समय पानी से भरा रहता है। बारिश होते ही तालाब ओवरफ्लो होने से गंदा पानी गलियों और घरों में घुस जाता है। इससे गांव में बीमारी फैलने का भय बना रहता है।
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- सुनील कुमार
बस अडडे के पास वैसर रोड पर पानी की निकासी नहीं होने से घरों से निकलने वाला पानी सड़क पर भरा रहता है। जिसके चलते करोड़ों रुपये से बनी सड़क टूट चुकी है। राहगीर परेशान रहते हैं। कई बार शिकायत करने के बाद भी अधिकारी कोई समाधान नहीं निकाल सके।
- मयंक कुमार
लाखों रुपये की लागत से राजकीय स्कूल के पास पार्क का निर्माण कराया गया। इस पार्क का कुछ कार्य अधूरा था, लेकिन पंचायतें भंग होने के कारण पार्क का कार्य अधर में लटक गया। यह पार्क बिना देखरेख के बारिश के पानी से तालाब बना हुआ है।
- जगबीर सिंह
बस अड्डे के पास वाली कॉलोनियों में नालियां नहीं होने से घरों की निकासी का पानी खाली प्लॉटों में भरा रहता है। जिसमें मच्छर एवं कीट पनपते हैं। जो आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। वैसे में भी मलेरिया का सीजन चल रहा है, केस सामने आ रहे हैं।
- नरेश कश्यप
राजकीय प्राइमरी स्कूल में शौचालय बंद पड़े हैं। स्कूल में आवारा पशु घुसे रहते हैं। स्कूल की जमीन की सतह नीचे है, जिसकी वजह से पानी भरा रहता है। बच्चे परेशान होते हैं। इतना ही नहीं राजकीय स्कूल के खेल स्टेडियम में आसपास की कॉलोनियों के पानी की निकासी होने के कारण स्टेडियम में पानी भरा रहता है।

- बलवान सिंह
उनका चुनाव लड़ने का अभी कोई विचार नहीं है, अगर मतलौडा का सरपंच पद सामान्य वर्ग में आया तो विचार किया जा सकता है। गांव के अधूरे पड़े विकास के कार्यों को गति दी जाएगी। गांव में तालाब, निकासी एवं पार्क की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।
- अशोक कुमार, निवर्तमान सरपंच
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