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Panipat News: जिले की चारों सीटों पर खिला कमल, समालखा में पहली बार भाजपा की मिली जीत
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पानीपत। भाजपा ने सभी आकलनों और चर्चाओं को पीछे छोड़ते हुए जिले की चारों विधानसभा की सीटों पर कमल खिला दिया। पानीपत जिले के गठन के 33 और प्रदेश के 58 साल के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है, जब कोई पार्टी सभी सीटों पर चुनाव जीतकर विधानसभा में पहुंची। जिले में कांग्रेस को इस चुनाव में जबरदस्त झटका लगा। दोनों निवर्तमान विधायकों को हार का सामना करना पड़ा।
पानीपत ग्रामीण विधानसभा से महिपाल ढांडा ने 50212 वोट से जिले की सबसे बड़ी जीत दर्ज कराने के साथ यहां हैट्रिक लगाई। प्रमोद विज लगातार दूसरी बार चुनाव जीतने के साथ शहर की राजनीति में अपने परिवार को शाह परिवार की बराबरी पर ले आए। इसराना में राज्यसभा सांसद कृष्णलाल पंवार ने 13865 वोटों से चुनाव जीतकर कांग्रेस के बलबीर पाल से अपनी पिछली हार का बदला लिया। सबसे बड़ा बदलाव समालखा विधानसभा पर देखने को मिला। यहां 57 साल बाद कमल भाजपा को जीत मिली। पानीपत की चारों विधानसभा क्षेत्रों के मतों की गणना का कार्य आर्य पीजी कॉलेज व आर्य गर्ल्स पब्लिक स्कूल के परिसर में किया गया। पुख्ता सुरक्षा के बीच मंगलवार सुबह आठ बजे मतों की गणना का कार्य शुरू किया गया। पानीपत ग्रामीण के प्रत्याशी महिपाल ढांडा सबसे पहले मतगणना केंद्र पर पहुंचे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संपर्क किया और उनको मतगणना कार्य ध्यान से कराने की टिप्स दिए।
पहला रुझान पानीपत ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र का आया। इसके बाद धीरे-धीरे परिणाम आना शुरू हो गए। दोपहर तक चारों विधानसभा क्षेत्रों की तस्वीर साफ हो गई। पानीपत शहरी विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशी वरिंदर शाह के एजेंट ने तीसरे व चौथे राउंड की गिनती के वक्त ईवीएम पर सवाल उठा दिए। जिसके चलते करीब पौने घंटे तक मतगणना का कार्य बंद रहा। समालखा विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी धर्म सिंह छौक्कर लगातार पिछड़ने के चलते 11.15 बजे मतगणना केंद्र से उठकर चले गए। भाजपा के मनमोहन भड़ाना 11:30 बजे मतगणना केंद्र पर पहुंचे। वे इसके बाद लगातार केंद्र पर समर्थकों के बीच रहे।
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इस विधानसभा में यह रही हार जीत का अंतर
पानीपत ग्रामीण :
पानीपत ग्रामीण विधानसभा से भाजपा के महिपाल ढांडा ने हैट्रिक लगाई है। उन्होंने 200647 में से रिकॉर्ड 101079 वोट प्राप्त कर कांग्रेस के सचिन कुंडू को 50212 वोटों से हराया। सचिन कुंडू को 50867 वोट मिले। निर्दलीय विजय जैन को 43323 वोट मिले। सचिन कुंडू और विजय जैन सभी 20 राउंड में दूसरे व तीसरे स्थान पर रहे। जबकि महिपाल ढांडा सभी राउंड में जीत दर्ज कराते हुए पहले नंबर पर रहे। ढांडा को 2014 और 2019 के चुनाव से अधिक वोट मिले हैं। उनको 2014 में 62074 और 2019 में 67086 वोट मिले थे। उनकी 2014 में 36132 और 2019 में 21961 वोट से जीत हुई थी। यहां निर्दलीय विजय जैन के मैदान में आने पर मतदान के बाद मुकाबला त्रिकोणीय माना जा रहा था। महिपाल ढांडा ने कहा कि उनको मतदान के बाद से ही जीत का भरोसा था। वे प्रदेश में लगातार तीसरी भाजपा सरकार बनने की बात आकलन के आधार पर कह रहे थे। कांग्रेस का पानीपत में सफाया हो गया।
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प्रमोद विज लगातार दूसरी बार बने विधायक
पानीपत शहरी : पानीपत शहरी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के प्रमोद कुमार विज ने 125316 में से 81750 वोट प्राप्त किए। उन्होंने कांग्रेस के वरिंदर शाम को सीधे मुकाबले में 35672 वोटों से हराया। विज को 2019 में 76863 वोट मिले थे और उन्होंने 39545 वोटों से कांग्रेस के संजय अग्रवाल को हराया था। विज को इस बार 4887 वोट अधिक मिले, लेकिन जीत का अंतर 3873 वोट कम रहा। विज और शाह में पहले दिन से ही सीधा मुकाबला था। पूर्व विधायक रोहिता रेवड़ी के मैदान में उतरने के बाद मुकाबला त्रिकोणीय देखा जा रहा था। रोहिता रेवड़ी को 15546 वोट मिले। वे अपनी जमानत भी नहीं बचा पाए।
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पंवार ने बलबीर को हरा लिया पिछली बार का बदला
इसराना (आरक्षित) पर भाजपा के राज्यसभा सांसद कृष्णलाल पंवार ने 13895 वोटों के साथ जीत दर्ज की। उन्होंने 129654 में से 67538 वोट प्राप्त किए। कांग्रेस के बलबीर वाल्मीकि को 53643 वोट मिल पाए। पंवार ने इसराना विधानसभा से तीसरी बार चुनाव जीत दर्ज कराई। यह उनकी खुद की इसराना में अब तक की सबसे बड़ी जीत है। पंवार 2019 के चुनाव में बलबीर वाल्मीकि से 20015 वोटों से पिछड़ गए थे। पंवार ने इस बार कम बैक करते हुए अपनी पिछली हार का बदला ले लिया। उन्होंने इससे पहले 2014 के चुनाव में बलबीर वाल्मीकि 1828 और 2009 में 2180 वोटों से हराया था। यहां पहले दिन से ही भाजपा व कांग्रेस की बजाय पंवार और बलबीर में मुकाबला था। पंवार ने लोगों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनकी बात सुनी और नाराजगी दूर की।
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समालखा में पहली बार भाजपा की जीत
समालखा विधानसभा क्षेत्र में परिणाम देखने वाले रहे। यहां भाजपा के 40 वर्षीय मनमोहन भड़ाना ने 167317 में से 81283 वोट लेकर कांग्रेस के धर्म सिंह छौक्कर को सीधे मुकाबले में 19315 वोटों से हरा दिया। मनमोहन सिंह भड़ाना यहां पहली बार भाजपा को जीत दर्ज कराने में भी कामयाब हुए। उनके पिता करतार सिंह भड़ारा 1996 में हरियाणा विकास पार्टी और 2000 में इनेलो के टिकट पर समालखा से विधायक रहे हैं। वे 2000 में सहकारिता मंत्री बने। करतार सिंह 2005 में कांग्रेस प्रत्याशी भरत सिंह छौक्कर से चुनाव हार गए थे। मनमोहन भड़ाना को पैराशूट उम्मीदवार बताया गया। वे लगातार लोगों के बीच में रहे और यही उनकी जीत का बड़ा कारण बना।
वर्जन :
विधानसभा के आम चुनाव की मतगणना का कार्य शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया। पानीपत ग्रामीण से महिपाल ढांडा, पानीपत शहरी पर प्रमोद विज, समालखा में मनमोहन भड़ाना और इसराना में कृष्णलाल पंवार विजयी रहे। ये चारों प्रत्याशी भाजपा के हैं। प्रशासन मतगणना कार्य शांतिपूर्वक कराने में सहयोग पर अधिकारियों व जनता का आभारी रहेगा।
डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया, जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त।
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पानीपत ग्रामीण विधानसभा से महिपाल ढांडा ने 50212 वोट से जिले की सबसे बड़ी जीत दर्ज कराने के साथ यहां हैट्रिक लगाई। प्रमोद विज लगातार दूसरी बार चुनाव जीतने के साथ शहर की राजनीति में अपने परिवार को शाह परिवार की बराबरी पर ले आए। इसराना में राज्यसभा सांसद कृष्णलाल पंवार ने 13865 वोटों से चुनाव जीतकर कांग्रेस के बलबीर पाल से अपनी पिछली हार का बदला लिया। सबसे बड़ा बदलाव समालखा विधानसभा पर देखने को मिला। यहां 57 साल बाद कमल भाजपा को जीत मिली। पानीपत की चारों विधानसभा क्षेत्रों के मतों की गणना का कार्य आर्य पीजी कॉलेज व आर्य गर्ल्स पब्लिक स्कूल के परिसर में किया गया। पुख्ता सुरक्षा के बीच मंगलवार सुबह आठ बजे मतों की गणना का कार्य शुरू किया गया। पानीपत ग्रामीण के प्रत्याशी महिपाल ढांडा सबसे पहले मतगणना केंद्र पर पहुंचे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संपर्क किया और उनको मतगणना कार्य ध्यान से कराने की टिप्स दिए।
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पहला रुझान पानीपत ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र का आया। इसके बाद धीरे-धीरे परिणाम आना शुरू हो गए। दोपहर तक चारों विधानसभा क्षेत्रों की तस्वीर साफ हो गई। पानीपत शहरी विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशी वरिंदर शाह के एजेंट ने तीसरे व चौथे राउंड की गिनती के वक्त ईवीएम पर सवाल उठा दिए। जिसके चलते करीब पौने घंटे तक मतगणना का कार्य बंद रहा। समालखा विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी धर्म सिंह छौक्कर लगातार पिछड़ने के चलते 11.15 बजे मतगणना केंद्र से उठकर चले गए। भाजपा के मनमोहन भड़ाना 11:30 बजे मतगणना केंद्र पर पहुंचे। वे इसके बाद लगातार केंद्र पर समर्थकों के बीच रहे।
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इस विधानसभा में यह रही हार जीत का अंतर
पानीपत ग्रामीण :
पानीपत ग्रामीण विधानसभा से भाजपा के महिपाल ढांडा ने हैट्रिक लगाई है। उन्होंने 200647 में से रिकॉर्ड 101079 वोट प्राप्त कर कांग्रेस के सचिन कुंडू को 50212 वोटों से हराया। सचिन कुंडू को 50867 वोट मिले। निर्दलीय विजय जैन को 43323 वोट मिले। सचिन कुंडू और विजय जैन सभी 20 राउंड में दूसरे व तीसरे स्थान पर रहे। जबकि महिपाल ढांडा सभी राउंड में जीत दर्ज कराते हुए पहले नंबर पर रहे। ढांडा को 2014 और 2019 के चुनाव से अधिक वोट मिले हैं। उनको 2014 में 62074 और 2019 में 67086 वोट मिले थे। उनकी 2014 में 36132 और 2019 में 21961 वोट से जीत हुई थी। यहां निर्दलीय विजय जैन के मैदान में आने पर मतदान के बाद मुकाबला त्रिकोणीय माना जा रहा था। महिपाल ढांडा ने कहा कि उनको मतदान के बाद से ही जीत का भरोसा था। वे प्रदेश में लगातार तीसरी भाजपा सरकार बनने की बात आकलन के आधार पर कह रहे थे। कांग्रेस का पानीपत में सफाया हो गया।
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प्रमोद विज लगातार दूसरी बार बने विधायक
पानीपत शहरी : पानीपत शहरी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के प्रमोद कुमार विज ने 125316 में से 81750 वोट प्राप्त किए। उन्होंने कांग्रेस के वरिंदर शाम को सीधे मुकाबले में 35672 वोटों से हराया। विज को 2019 में 76863 वोट मिले थे और उन्होंने 39545 वोटों से कांग्रेस के संजय अग्रवाल को हराया था। विज को इस बार 4887 वोट अधिक मिले, लेकिन जीत का अंतर 3873 वोट कम रहा। विज और शाह में पहले दिन से ही सीधा मुकाबला था। पूर्व विधायक रोहिता रेवड़ी के मैदान में उतरने के बाद मुकाबला त्रिकोणीय देखा जा रहा था। रोहिता रेवड़ी को 15546 वोट मिले। वे अपनी जमानत भी नहीं बचा पाए।
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पंवार ने बलबीर को हरा लिया पिछली बार का बदला
इसराना (आरक्षित) पर भाजपा के राज्यसभा सांसद कृष्णलाल पंवार ने 13895 वोटों के साथ जीत दर्ज की। उन्होंने 129654 में से 67538 वोट प्राप्त किए। कांग्रेस के बलबीर वाल्मीकि को 53643 वोट मिल पाए। पंवार ने इसराना विधानसभा से तीसरी बार चुनाव जीत दर्ज कराई। यह उनकी खुद की इसराना में अब तक की सबसे बड़ी जीत है। पंवार 2019 के चुनाव में बलबीर वाल्मीकि से 20015 वोटों से पिछड़ गए थे। पंवार ने इस बार कम बैक करते हुए अपनी पिछली हार का बदला ले लिया। उन्होंने इससे पहले 2014 के चुनाव में बलबीर वाल्मीकि 1828 और 2009 में 2180 वोटों से हराया था। यहां पहले दिन से ही भाजपा व कांग्रेस की बजाय पंवार और बलबीर में मुकाबला था। पंवार ने लोगों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनकी बात सुनी और नाराजगी दूर की।
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समालखा में पहली बार भाजपा की जीत
समालखा विधानसभा क्षेत्र में परिणाम देखने वाले रहे। यहां भाजपा के 40 वर्षीय मनमोहन भड़ाना ने 167317 में से 81283 वोट लेकर कांग्रेस के धर्म सिंह छौक्कर को सीधे मुकाबले में 19315 वोटों से हरा दिया। मनमोहन सिंह भड़ाना यहां पहली बार भाजपा को जीत दर्ज कराने में भी कामयाब हुए। उनके पिता करतार सिंह भड़ारा 1996 में हरियाणा विकास पार्टी और 2000 में इनेलो के टिकट पर समालखा से विधायक रहे हैं। वे 2000 में सहकारिता मंत्री बने। करतार सिंह 2005 में कांग्रेस प्रत्याशी भरत सिंह छौक्कर से चुनाव हार गए थे। मनमोहन भड़ाना को पैराशूट उम्मीदवार बताया गया। वे लगातार लोगों के बीच में रहे और यही उनकी जीत का बड़ा कारण बना।
वर्जन :
विधानसभा के आम चुनाव की मतगणना का कार्य शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया। पानीपत ग्रामीण से महिपाल ढांडा, पानीपत शहरी पर प्रमोद विज, समालखा में मनमोहन भड़ाना और इसराना में कृष्णलाल पंवार विजयी रहे। ये चारों प्रत्याशी भाजपा के हैं। प्रशासन मतगणना कार्य शांतिपूर्वक कराने में सहयोग पर अधिकारियों व जनता का आभारी रहेगा।
डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया, जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त।